बॉम्बे हाईकोर्ट ने 2024 महाराष्ट्र चुनाव में अनियमितताओं के दावे को किया खारिज26 जून 2025 | मुंबई

बॉम्बे हाईकोर्ट ने 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में अनियमितताओं के आरोपों को लेकर दायर एक याचिका को सिरे से खारिज कर दिया है। यह याचिका मुंबई निवासी चेतन आहिर द्वारा दायर की गई थी, जिसमें दावा किया गया था कि 20 नवंबर 2024 को मतदान के दिन शाम 6 बजे के बाद भारी संख्या में फर्जी वोटिंग हुई, जिससे चुनाव परिणाम प्रभावित हुए।
मुख्य न्यायमूर्ति जीएस कुलकर्णी और न्यायमूर्ति आरिफ एस डॉक्टर की खंडपीठ ने यह याचिका खारिज करते हुए स्पष्ट कहा कि इसमें कोई दम नहीं है और इसे तत्काल प्रभाव से अस्वीकार किया जाना चाहिए।
अदालत ने कहा, “हमें इस याचिका में कोई ठोस आधार नजर नहीं आता। यह स्पष्ट रूप से अस्वीकार्य है और इसे संक्षेप में खारिज किया जाता है। इस याचिका की सुनवाई में पूरा दिन लग गया, जिससे हमारी अन्य आवश्यक सुनवाइयों में बाधा उत्पन्न हुई। ऐसी स्थिति में यह याचिका लागत के साथ खारिज होनी चाहिए, लेकिन हम ऐसा नहीं कर रहे हैं।”
इस याचिका का समर्थन राजनीतिक नेता प्रकाश आंबेडकर ने भी किया था। याचिकाकर्ता का आरोप था कि चुनाव के दिन शाम 6 बजे के बाद कुल 76 लाख वोट डाले गए, जो 90 से अधिक विधानसभा क्षेत्रों के नतीजों को निर्णायक रूप से प्रभावित कर सकते हैं।
हालांकि, अदालत ने सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील से यह पूछकर उनकी दलील पर सवाल उठाया कि, “क्या यह पहली बार है जब किसी चुनाव में शाम 6 बजे के बाद वोट डाले गए?” इसके साथ ही न्यायाधीशों ने यह भी पूछा कि यदि पहले कभी इस तरह के मामलों पर कोई आपत्ति नहीं की गई, तो इस बार ऐसा क्यों किया गया?
इस पूरे मामले में अदालत ने यह संकेत दिया कि याचिका का उद्देश्य केवल चुनाव परिणामों पर संदेह उत्पन्न करना था, जिसके पीछे कोई ठोस साक्ष्य नहीं थे।
निष्कर्ष:
बॉम्बे हाईकोर्ट का यह फैसला चुनावी प्रक्रिया में न्यायिक दखल की सीमाओं और जिम्मेदारियों को स्पष्ट करता है। अदालत ने बिना साक्ष्य के लगाए गए आरोपों को सिरे से नकारते हुए, चुनाव आयोग की प्रक्रिया और निष्पक्षता पर भरोसा जताया है। यह फैसला उन प्रयासों पर भी एक सख्त संदेश है, जो जनादेश को झूठे दावों के जरिए चुनौती देने की कोशिश करते हैं।
