ईरान पर ट्रंप का तीखा वार: “हम कुछ नहीं दे रहे हैं!”

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान और ओबामा प्रशासन की नीतियों को आड़े हाथों लिया है। हालिया बयान में ट्रंप ने दो टूक कहा कि उन्होंने ईरान को “एक भी डॉलर नहीं दिया”, जबकि पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा पर अरबों डॉलर देने का आरोप लगाया। उन्होंने सीनेटर क्रिस कून्स पर भी निशाना साधते हुए उन्हें “फर्जी डेमोक्रेट सीनेटर” कहने की बात कही।
ट्रंप ने 2015 के ईरान परमाणु समझौते (JCPOA) को “बेवकूफी भरा समझौता” बताया, जिसके ज़रिए, उनके अनुसार, ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने का रास्ता मिल गया था। उन्होंने यह भी दावा किया कि अब वह समझौता पूरी तरह खत्म हो चुका है।
ट्रंप ने यह स्पष्ट किया कि उनकी ईरान से कोई बातचीत नहीं चल रही है, क्योंकि उनके नेतृत्व में ईरानी परमाणु ठिकानों को गंभीर क्षति पहुंचाई गई थी।
यह बयान ट्रंप की ईरान पर सख्त और टकरावपूर्ण नीति को दर्शाता है, जो ओबामा के संवाद-आधारित दृष्टिकोण से बिल्कुल अलग है। बदलते वैश्विक समीकरणों के बीच यह रुख अंतरराष्ट्रीय मंच पर विशेष महत्व रखता है।
