भारत-अमेरिका संबंधों में नई ऊर्जा: स्वतंत्रता दिवस पर एस. जयशंकर की शुभकामनाएं

5 जुलाई 2025, नई दिल्ली – भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने अमेरिका के स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अमेरिका की सरकार और वहां की जनता को हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित कीं। उन्होंने इस मौके पर भारत-अमेरिका के रणनीतिक संबंधों को और अधिक मजबूत करने के प्रति विश्वास जताया।
डॉ. जयशंकर ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर अमेरिकी विदेश मंत्री सेक्रेटरी रुबियो को संबोधित करते हुए लिखा, “संयुक्त राज्य अमेरिका की स्वतंत्रता दिवस पर @SecRubio, अमेरिकी सरकार और वहां की जनता को हार्दिक शुभकामनाएं। मुझे विश्वास है कि हमारे साझा मूल्यों और समान हितों पर आधारित रणनीतिक साझेदारी हमारे दोनों देशों के लोगों के हित में और गहराई से आगे बढ़ेगी।”
उन्होंने इस संदेश के माध्यम से दोनों देशों के बीच मजबूत होते आपसी विश्वास, लोकतांत्रिक मूल्यों और साझा दृष्टिकोण को रेखांकित किया। भारत और अमेरिका आज न केवल दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्र हैं, बल्कि वैश्विक स्तर पर एक दूसरे के सहयोगी और रणनीतिक साझेदार भी बनते जा रहे हैं।
क्वाड बैठक में महत्वपूर्ण वार्ता
इससे पहले, 2 जुलाई को वाशिंगटन में आयोजित क्वाड (QUAD) देशों की विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान डॉ. जयशंकर और अमेरिकी विदेश मंत्री सेक्रेटरी रुबियो की मुलाकात हुई थी। इस मुलाकात में दोनों नेताओं ने भारत-अमेरिका के बीच द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा की।
इस बैठक में सुरक्षा, उन्नत तकनीक, कनेक्टिविटी, ऊर्जा, व्यापार और मोबिलिटी जैसे अहम मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ। डॉ. जयशंकर ने यह भी बताया कि दोनों देशों ने क्षेत्रीय और वैश्विक परिप्रेक्ष्य पर भी विचार साझा किए।
भारत-अमेरिका संबंध: भविष्य की दिशा
आज के वैश्विक परिप्रेक्ष्य में भारत और अमेरिका की साझेदारी सिर्फ द्विपक्षीय संबंधों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वैश्विक शांति, स्थिरता और प्रगति के लिए भी अहम बन चुकी है। दोनों देशों के बीच सहयोग रक्षा, तकनीक, जलवायु, शिक्षा और ऊर्जा के क्षेत्र में लगातार बढ़ रहा है।
डॉ. जयशंकर की शुभकामनाएं और उनकी अमेरिकी समकक्ष से बातचीत यह संकेत देती हैं कि आने वाले समय में भारत-अमेरिका संबंध और अधिक प्रगाढ़ होंगे, जो वैश्विक चुनौतियों से मिलकर निपटने के लिए बेहद आवश्यक है।
निष्कर्ष:
डॉ. एस. जयशंकर द्वारा अमेरिका को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं केवल एक औपचारिक संदेश नहीं, बल्कि एक सकारात्मक संकेत है कि भारत और अमेरिका की साझेदारी भविष्य में और अधिक मजबूत, समावेशी और प्रभावशाली बनने वाली है।
