तापमान मापने के प्रमुख तरीके: विज्ञान और तकनीक की रोशनी में

तापमान, जो किसी वस्तु की गर्मी या ठंडक का सूचक होता है, हमारे जीवन के लगभग हर क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। मौसम की भविष्यवाणी से लेकर खाना पकाने, शरीर के तापमान की जांच, औद्योगिक नियंत्रण प्रणाली और वैज्ञानिक अनुसंधान तक — हर जगह तापमान को सटीक रूप से मापना जरूरी होता है। आइए जानते हैं कि तापमान मापने के कौन-कौन से प्रमुख और विश्वसनीय तरीके मौजूद हैं।
- थर्मामीटर: सबसे सामान्य माप यंत्र
थर्मामीटर वह यंत्र है जिससे हम सामान्यतः शरीर या वातावरण का तापमान मापते हैं। यह कई प्रकार के होते हैं:
पारा थर्मामीटर: पारंपरिक थर्मामीटर जिसमें पारा भरा होता है। जैसे-जैसे तापमान बढ़ता है, पारा फैलकर ऊँचाई पर चढ़ता है, जिससे तापमान पढ़ा जाता है। हालाँकि, पारा विषैला होता है, इसलिए अब इसका प्रयोग सीमित हो गया है।
अल्कोहल थर्मामीटर: इसमें रंगीन अल्कोहल होता है जो ठंडे क्षेत्रों में भी अच्छी तरह काम करता है, क्योंकि अल्कोहल का जमाव बिंदु काफी नीचे होता है।
डिजिटल थर्मामीटर: ये आधुनिक थर्मामीटर इलेक्ट्रॉनिक सेंसर की मदद से तापमान मापते हैं और स्क्रीन पर सीधा परिणाम दिखाते हैं। इन्हें मेडिकल फील्ड में सबसे ज़्यादा इस्तेमाल किया जाता है।
इन्फ्रारेड थर्मामीटर: इन्हें बिना संपर्क वाले थर्मामीटर कहा जाता है। ये किसी सतह से निकलने वाली अवरक्त किरणों (infrared radiation) को पढ़कर तापमान का पता लगाते हैं। औद्योगिक या चिकित्सा उपयोग के लिए ये बहुत उपयोगी होते हैं।
- थर्मोकपल: उच्च तापमान के लिए विश्वसनीय यंत्र
थर्मोकपल दो भिन्न धातुओं के संयोजन से तैयार किया जाता है। इनके जोड़ पर जब तापमान में बदलाव होता है, तो एक विशेष विद्युत वोल्टेज उत्पन्न होता है, जिसे मापकर तापमान निर्धारित किया जाता है। यह प्रणाली अत्यधिक तापमान वाले क्षेत्रों जैसे औद्योगिक भट्टियों, टरबाइनों और प्रयोगशालाओं में खूब उपयोग होती है।
- RTD (रजिसटेंस टेम्परेचर डिटेक्टर): जब सटीकता जरूरी हो
RTD एक ऐसा सेंसर है जो धातु के विद्युत प्रतिरोध में तापमान के अनुसार होने वाले बदलावों को मापता है। जैसे-जैसे तापमान बढ़ता है, धातु का प्रतिरोध भी बढ़ता है। सबसे सामान्य प्रकार है प्लैटिनम RTD, जिसे PRT भी कहते हैं। यह उच्च सटीकता और स्थिरता के लिए जाना जाता है और प्रयोगशालाओं व उच्च तकनीकी प्रक्रियाओं में इसका इस्तेमाल किया जाता है।
- थर्मिस्टर: छोटा लेकिन बेहद संवेदनशील यंत्र
थर्मिस्टर एक प्रकार का ताप-संवेदनशील रजिस्टर होता है जो आमतौर पर सिरेमिक या पॉलिमर से बना होता है। यह दो प्रकार के होते हैं:
NTC (नेगेटिव टेम्परेचर कोएफिशिएंट): इनका प्रतिरोध तापमान बढ़ने पर घटता है।
PTC (पॉजिटिव टेम्परेचर कोएफिशिएंट): इनका प्रतिरोध तापमान के साथ बढ़ता है।
थर्मिस्टर छोटे, सस्ते और अत्यधिक संवेदनशील होते हैं, और घरेलू उपकरणों, कारों व मेडिकल यंत्रों में इनका व्यापक उपयोग होता है।
- पाइरोमीटर: जब दूरी से तापमान मापना हो
पाइरोमीटर का उपयोग उन जगहों पर होता है जहाँ सीधा संपर्क खतरनाक या असंभव होता है, जैसे धातु पिघलाने वाली भट्टियाँ या काँच निर्माण उद्योग। यह उपकरण वस्तु से निकलने वाली ऊष्मा किरणों को मापकर तापमान का निर्धारण करता है। ये अत्यधिक तापमान वाले स्थानों के लिए आदर्श हैं।
निष्कर्ष: सही उपकरण, सही मापन
तापमान मापने के ये सभी तरीके इस बात पर निर्भर करते हैं कि किस स्थान, परिस्थिति और सटीकता की आवश्यकता है। आधुनिक तकनीकों ने इन यंत्रों को और अधिक तेज, संवेदनशील और उपयोगकर्ता-अनुकूल बना दिया है। चाहे वह डॉक्टर द्वारा बुखार की जांच हो या किसी फैक्ट्री में उत्पादन प्रक्रिया का नियंत्रण — सटीक तापमान मापन के बिना काम संभव नहीं।
