ब्राज़ील में दवाओं और फार्मास्यूटिकल निर्माण के लिए भारतीय कंपनियों का स्वागत: राष्ट्रपति लूला की पहल

9 जुलाई, 2025 – ब्रासीलिया: ब्राज़ील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला डा सिल्वा ने भारतीय कंपनियों को ब्राज़ील में दवाएं और फार्मास्यूटिकल उत्पादों के निर्माण के लिए खुले दिल से आमंत्रित किया है। यह अहम घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ब्राज़ील यात्रा के दौरान हुई विशेष ब्रीफिंग में सामने आई, जिसकी जानकारी विदेश मंत्रालय (MEA) के सचिव (पूर्व) पी कुमारन ने दी।
स्वास्थ्य क्षेत्र में भारत-ब्राज़ील साझेदारी की नई शुरुआत
पी कुमारन ने बताया कि राष्ट्रपति लूला ने इस बात पर बल दिया कि भारत और ब्राज़ील स्वास्थ्य एवं फार्मास्यूटिकल क्षेत्र में संयुक्त रूप से शोध कर सकते हैं और निर्माण गतिविधियों को अंजाम दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि ब्राज़ील भारत की दवा निर्माण क्षमता से प्रभावित है और वह इसमें भागीदारी के इच्छुक हैं।
भारतीय दवाओं के लिए तेज़ मंज़ूरी प्रक्रिया की तैयारी
जब उनसे यह पूछा गया कि क्या भारतीय निजी कंपनियों के अनुबंध निर्माण को लेकर कोई चर्चा हुई, तो कुमारन ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति लूला ने न केवल स्वागत किया, बल्कि यह भी आश्वासन दिया कि ब्राज़ील भारतीय दवाओं को तेज़ मंज़ूरी देने की प्रक्रिया को प्राथमिकता देगा, विशेष रूप से उन दवाओं के लिए जिन्हें पहले ही US FDA या EDQM की मंज़ूरी मिल चुकी है।
ब्राज़ील में पहले से सक्रिय हैं भारतीय कंपनियां
ब्राज़ील में भारत के राजदूत दिनेश भाटिया ने बताया कि लगभग 15 बड़ी भारतीय फार्मास्यूटिकल कंपनियां पहले से ही ब्राज़ील में मौजूद हैं और कई तो वहां निर्माण भी कर रही हैं। यह साझेदारी सिर्फ दवाओं के निर्यात तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि भारत और ब्राज़ील मिलकर स्थानीय स्तर पर दवाएं उत्पादन करने की दिशा में काम करेंगे।
ANVISA की दिल्ली में उपस्थिति से सहयोग को बल
भाटिया ने बताया कि ब्राज़ील की दवा नियामक एजेंसी ANVISA ने हाल ही में नई दिल्ली में एक कार्यालय खोला है। इससे दोनों देशों के बीच दवा पंजीकरण और मंज़ूरी प्रक्रिया में और तेज़ी आने की उम्मीद है।
सस्ता इलाज, जनस्वास्थ्य को लाभ
राष्ट्रपति लूला ने विशेष रूप से भारत में कम लागत पर उपलब्ध दवाओं और उसके मजबूत सार्वजनिक वितरण प्रणाली की सराहना की। उन्होंने कहा कि ब्राज़ील इस मॉडल से सीखने और अपने देश में इसे लागू करने की दिशा में विचार कर रहा है।
स्वास्थ्य और फार्मा के अलावा भी सहयोग के अवसर
अंत में कुमारन ने यह भी जोड़ा कि पीएम मोदी और राष्ट्रपति लूला के बीच स्वास्थ्य और फार्मास्यूटिकल क्षेत्रों के अलावा अन्य क्षेत्रों में भी सहयोग को लेकर सकारात्मक बातचीत हुई है।
निष्कर्ष: यह सहयोग न केवल भारत और ब्राज़ील के आर्थिक संबंधों को मज़बूत करेगा, बल्कि वैश्विक फार्मास्यूटिकल आपूर्ति श्रृंखला में एक नई संभावनाओं का द्वार खोलेगा। भारत की गुणवत्ता और लागत प्रभावी दवाएं ब्राज़ील जैसे देशों के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव ला सकती हैं।
