विश्व सर्प दिवस पर विशेष: सर्पदंश को लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय की चेतावनी – भ्रम नहीं, सही इलाज जरूरी

📅 नई दिल्ली, जुलाई 2025 — विश्व सर्प दिवस के अवसर पर भारत सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने एक अहम सार्वजनिक चेतावनी जारी की है। इस चेतावनी में कहा गया है कि सर्पदंश एक चिकित्सकीय आपातकाल (Medical Emergency) है, जिसे किसी भी सूरत में हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए और न ही अंधविश्वास या पारंपरिक उपचारों के भरोसे छोड़ा जाना चाहिए।
❗ सर्पदंश: डर और देरी नहीं, समझदारी और तत्परता ज़रूरी
मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि जब किसी व्यक्ति को सांप काट ले, तो यह समय डरने या झाड़-फूंक जैसी परंपरागत प्रथाओं में पड़ने का नहीं होता। इसके बजाय, तर्कसंगत और तेज़ी से कदम उठाना जीवन रक्षक साबित हो सकता है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे घबराएं नहीं, तुरंत सांप से दूरी बनाएं और बिना देर किए नज़दीकी अस्पताल पहुंचें।
“झाड़-फूंक, घरेलू नुस्खे या देरी जानलेवा हो सकती है,” मंत्रालय की चेतावनी में कहा गया।
“हर पल कीमती है। सही समय पर सही कदम ही ज़िंदगी बचा सकता है।”
🚫 आम मिथक और उनसे बचाव:
स्वास्थ्य मंत्रालय ने लोगों को चेताया है कि सर्पदंश के बाद निम्नलिखित मिथकों से दूर रहें:
❌ ज़ख्म पर ब्लेड से कट लगाना
❌ ज़हर चूसने की कोशिश करना
❌ टाइट कपड़ा या रस्सी से अंग बांधना
❌ झाड़-फूंक या ओझा के पास ले जाना
इन तरीकों से स्थिति और बिगड़ सकती है, जिससे पीड़ित की जान खतरे में पड़ सकती है।
✅ क्या करें अगर सांप काट ले:
- घबराएं नहीं, पीड़ित को शांत रखने की कोशिश करें।
- पीड़ित को हिलने-डुलने से रोकें – जितना कम हिलेगा, ज़हर शरीर में उतना धीमा फैलेगा।
- काटे गए अंग को नीचे की स्थिति में रखें और सपोर्ट करें।
- कोई टाइट कपड़ा न बांधें।
- पीड़ित को तुरंत नज़दीकी अस्पताल ले जाएं।
- यदि संभव हो, तो सांप का रंग या फोटो ध्यान में रखें – लेकिन पकड़ने की कोशिश न करें।
📊 भारत में सर्पदंश की स्थिति:
भारत में हर साल हजारों लोग सर्पदंश का शिकार होते हैं। इनमें से कई की मौत सिर्फ इसलिए हो जाती है क्योंकि समय पर सही इलाज नहीं हो पाता या लोग पहले झाड़-फूंक जैसे उपायों में समय गंवा देते हैं।
🧠 जागरूकता ही बचाव है:
स्वास्थ्य मंत्रालय ने पोस्टरों और जानकारीपूर्ण चित्रों के माध्यम से जनता को जागरूक करने का प्रयास किया है। यह संदेश दिया गया है कि हर नागरिक एक संभावित जीवन रक्षक बन सकता है, बशर्ते वह सर्पदंश को लेकर सही जानकारी रखे और समय पर उचित कदम उठाए।
“आज की जागरूकता, कल किसी की जान बचा सकती है।”
📢 निष्कर्ष:
विश्व सर्प दिवस सिर्फ सांपों की प्रजातियों को समझने का दिन नहीं है, बल्कि यह याद दिलाने का भी दिन है कि सर्पदंश को अंधविश्वास से नहीं, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और तत्परता से संभालना चाहिए। यह अभियान हम सभी को जागरूक नागरिक बनने और दूसरों को भी शिक्षित करने के लिए प्रेरित करता है।
