प्रयागराज में बाढ़ का संकट: गंगा-यमुना के बढ़ते जलस्तर से घाट जलमग्न, प्रशासन सतर्क

📍 प्रयागराज, उत्तर प्रदेश | 19 जुलाई 2025
प्रयागराज में गंगा और यमुना नदियों के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि ने शहर के निचले इलाकों में गंभीर जलभराव की स्थिति पैदा कर दी है। खासकर संगम क्षेत्र और उसके आसपास के घाटों तथा प्रमुख धार्मिक स्थलों पर पानी भर गया है, जिससे आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र ऐतिहासिक हनुमान मंदिर है, जो अब आधे से अधिक पानी में डूब चुका है। इससे वहां आने वाले श्रद्धालुओं को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
🛑 प्रशासन की सतर्कता और तैयारी
स्थानीय प्रशासन ने स्थिति को गंभीर मानते हुए सभी आवश्यक आपदा प्रबंधन उपाय सक्रिय कर दिए हैं। जिला अधिकारियों ने बताया कि बाढ़ नियंत्रण केंद्र चालू कर दिए गए हैं और आपात स्थिति के लिए खाद्य पैकेटों का पर्याप्त भंडारण किया गया है।
जल पुलिस, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें पूरी तरह से अलर्ट पर हैं और किसी भी आकस्मिक हालात में तत्काल कार्रवाई के लिए तैयार हैं। हालांकि अभी तक किसी रिहायशी इलाके में पानी घुसने की खबर नहीं है, लेकिन प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जैसे ही पानी घरों में प्रवेश करेगा, राहत केंद्र सक्रिय कर दिए जाएंगे।
🔧 सड़क और ढांचागत मरम्मत पर भी ज़ोर
प्रशासन ने लोक निर्माण विभाग (PWD) की पूरी टीम को प्रभावित क्षेत्रों में तैनात कर दिया है। इंजीनियरों को निर्देश दिए गए हैं कि वे मौके पर रहकर सभी क्षतिग्रस्त सड़कों और नालों की त्वरित मरम्मत करें।
📋 राजस्व विभाग को सर्वेक्षण का आदेश
जिलाधिकारी ने राजस्व विभाग को आदेश दिया है कि जिन क्षेत्रों में जन, पशुधन या संपत्ति का नुकसान हुआ है, वहां तत्काल सर्वेक्षण कर उचित मुआवजा सुनिश्चित किया जाए। उनका कहना है कि बुवाई का मौसम होने के कारण फसल की क्षति न्यूनतम है, लेकिन सभी वैध दावों पर शीघ्र राहत राशि जारी की जाएगी।
🌊 निष्कर्ष
प्रयागराज में गंगा-यमुना की बाढ़ केवल प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि प्रशासनिक सूझबूझ और तत्परता की परीक्षा भी बन गई है। राहत और बचाव कार्यों में सरकार की तत्परता ने फिलहाल किसी बड़ी दुर्घटना को रोकने में सफलता दिलाई है, लेकिन आने वाले दिनों में जलस्तर की स्थिति को लेकर सतर्कता और अधिक बढ़ाई जानी चाहिए।
📌 जनता से अपील की गई है कि वह प्रशासन के निर्देशों का पालन करे और अफवाहों से दूर रहें।
