फ़रवरी 12, 2026

मुंह की बदबू का इलाज: एक सम्पूर्ण मार्गदर्शिका1

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परिचय

मुंह की बदबू, जिसे चिकित्सकीय भाषा में हैलीटोसिस (Halitosis) कहा जाता है, एक आम लेकिन शर्मिंदगी भरी समस्या है। यह न केवल आपके आत्मविश्वास को कम करती है, बल्कि सामाजिक संबंधों में भी बाधा बन सकती है। अच्छी बात यह है कि मुंह की बदबू का इलाज संभव है, और इसे घरेलू उपायों, जीवनशैली में बदलाव व सही देखभाल से रोका जा सकता है।


मुंह की बदबू के प्रमुख कारण

  1. मुंह की साफ-सफाई में कमी – दांतों के बीच फंसे भोजन के कण बैक्टीरिया को जन्म देते हैं जो बदबू पैदा करते हैं।
  2. सूखा मुंह (Dry Mouth) – लार की कमी से मुंह सूख जाता है, जिससे बैक्टीरिया पनपते हैं।
  3. खान-पान की आदतें – प्याज, लहसुन, शराब और तंबाकू जैसी चीजें बदबू का कारण बनती हैं।
  4. पेट और पाचन से जुड़ी समस्याएं – कब्ज, गैस या एसिडिटी से मुंह में बदबू आ सकती है।
  5. दांतों की बीमारी – पायरिया, मसूड़ों की सूजन या सड़ते दांत बदबू का कारण बनते हैं।

मुंह की बदबू का घरेलू इलाज

1. नियमित ब्रशिंग और फ्लॉसिंग

  • दिन में कम से कम दो बार ब्रश करें और रोज़ाना फ्लॉस करें।
  • जीभ को भी ब्रश करें क्योंकि बैक्टीरिया जीभ पर भी जमते हैं।

2. पानी का भरपूर सेवन

  • लार की कमी को दूर करने के लिए दिन भर खूब पानी पीएं।
  • हर 1-2 घंटे में थोड़ा-थोड़ा पानी पीना आदर्श है।

3. मुली के पत्ते या लौंग चबाना

  • लौंग, सौंफ या तुलसी के पत्ते चबाना मुंह की बदबू को तुरंत रोक सकता है।
  • ये प्राकृतिक कीटाणुनाशक (antibacterial) होते हैं।

4. नींबू और नमक का कुल्ला

  • एक गिलास गुनगुने पानी में नींबू और थोड़ा नमक डालकर कुल्ला करें।
  • इससे मुंह साफ होता है और बदबू दूर होती है।

5. तेल से कुल्ला (Oil Pulling)

  • रोज सुबह नारियल या तिल के तेल से कुल्ला करने से मुंह के बैक्टीरिया मरते हैं।
  • यह आयुर्वेदिक तरीका है जो दांतों और मसूड़ों को भी मजबूत करता है।

खान-पान में सुधार

  • फाइबर युक्त भोजन लें जैसे सेब, गाजर, खीरा आदि।
  • दूध और दही जैसे प्रोबायोटिक चीज़ें पाचन को ठीक रखती हैं।
  • तैलीय, मसालेदार और दुर्गंधयुक्त खाद्य पदार्थों से बचें।
  • धूम्रपान और शराब से परहेज करें।

आयुर्वेदिक उपाय

  • त्रिफला चूर्ण: रोज रात को सोने से पहले 1 चम्मच त्रिफला गर्म पानी के साथ लें।
  • हरड़ और बहेड़ा: ये पेट साफ रखते हैं और शरीर से विषैले तत्व निकालते हैं।
  • नीम की दातून: दांतों के लिए प्राकृतिक और प्रभावशाली तरीका।

डॉक्टर से कब मिलें?

यदि:

  • बदबू बहुत ज्यादा है और रोज़ाना साफ-सफाई से भी ठीक नहीं हो रही।
  • मसूड़ों से खून आता है या दांतों में दर्द है।
  • पेट की समस्या लंबे समय से चल रही है।
    तो डॉक्टर से मिलना ज़रूरी है।

निष्कर्ष

मुंह की बदबू कोई लाइलाज बीमारी नहीं है, बल्कि यह जीवनशैली और देखभाल से नियंत्रित की जा सकती है। यदि आप नियमित रूप से अपने मुंह की सफाई करते हैं, संतुलित आहार लेते हैं और घरेलू उपाय अपनाते हैं, तो आप इस समस्या से आसानी से निजात पा सकते हैं।


स्वस्थ जीवन, ताजगी भरी साँसों के साथ जीने का अधिकार सबका है।

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