फ़रवरी 13, 2026

एपस्टीन मामले में ट्रंप का नाम फाइलों में दर्ज, व्हाइट हाउस ने दी सफाई – कोई अवैध गतिविधि का प्रमाण नहीं

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प्रकाशन तिथि: 24 जुलाई 2025 | स्थान: वाशिंगटन, डी.सी.

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नाम कुख्यात यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़े न्याय विभाग की जांच फाइलों में सामने आने के बाद एक बार फिर चर्चाओं में आ गया है। सूत्रों के अनुसार, मई 2025 में ट्रंप को इस बारे में औपचारिक रूप से सूचित किया गया था कि उनका नाम एपस्टीन से जुड़ी कुछ पुरानी फाइलों में दर्ज है।

हालांकि, व्हाइट हाउस ने तुरंत स्पष्ट किया है कि इन दस्तावेज़ों में कोई भी ऐसा साक्ष्य नहीं पाया गया है जो ट्रंप को किसी अपराध में शामिल साबित करता हो। व्हाइट हाउस की ब्रीफिंग के अनुसार, यह जानकारी उन्हें नियमित सुरक्षा बैठक के दौरान दी गई थी।

क्या था ब्रीफिंग में?

सीएनएन द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार, अटॉर्नी जनरल पैम बॉन्डी और डिप्टी अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच ने राष्ट्रपति ट्रंप को यह सूचित किया कि हाल ही में समीक्षा की गई फाइलों में उनका नाम अन्य हाई-प्रोफाइल लोगों के साथ शामिल है। लेकिन यह भी स्पष्ट किया गया कि उन पर कोई आरोप नहीं लगाया गया है, और जांचकर्ताओं ने किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि या तथाकथित “क्लाइंट लिस्ट” की पुष्टि नहीं की।

एपस्टीन-ट्रंप संबंध: पुराना सामाजिक संपर्क

रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि 1990 के दशक में ट्रंप और एपस्टीन के बीच कुछ सामाजिक मेलजोल था, जब एपस्टीन का मुख्य उद्देश्य अमीर और प्रभावशाली लोगों के साथ संबंध बनाना था। उस दौर में ट्रंप और एपस्टीन कुछ आयोजनों में साथ देखे गए थे, लेकिन यह महज सामाजिक संपर्क तक ही सीमित था

डेमोक्रेट्स पर निशाना, मीडिया पर हमला

व्हाइट हाउस के कम्युनिकेशन डायरेक्टर स्टीवन चेउंग ने एक आधिकारिक बयान में कहा, “यह कोई नई जानकारी नहीं है। राष्ट्रपति ट्रंप ने एपस्टीन को अपने क्लब से तब बाहर निकाल दिया था, जब उन्हें उसके व्यवहार पर संदेह हुआ।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि डेमोक्रेट्स और वामपंथी मीडिया जानबूझकर इस मामले को तूल दे रहे हैं, ताकि ट्रंप की छवि को धूमिल किया जा सके।

जांच का निष्कर्ष: ट्रंप पर नहीं है कोई ठोस आरोप

न्याय विभाग के सूत्रों के अनुसार, जिन दस्तावेजों में ट्रंप का नाम है, उनमें से अधिकांश असत्यापित और संदिग्ध सूचनाओं पर आधारित हैं। इन दावों को अंततः “अविश्वसनीय” करार दिया गया, और अब तक की जांच में ट्रंप के खिलाफ कोई आपराधिक प्रमाण नहीं मिला है।


निष्कर्ष: शंकाएं बनीं, पर प्रमाण नहीं

जेफ्री एपस्टीन से जुड़ी जांच लगातार अमेरिकी राजनीति और समाज में हलचल मचाती रही है। ट्रंप जैसे बड़े नाम का फाइलों में होना ज़रूर ध्यान खींचता है, लेकिन अब तक की जांच में उनके खिलाफ कोई भी कानूनी या आपराधिक जिम्मेदारी तय नहीं हो पाई है

यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले समय में यह मामला राजनीति में किस रूप में उभरता है, विशेषकर जब ट्रंप आगामी चुनावों में सक्रिय भूमिका में दिखाई दे रहे हैं।


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