फ़रवरी 14, 2026

10.18 करोड़ महिलाओं की सर्वाइकल कैंसर जांच: महिला स्वास्थ्य में ऐतिहासिक उपलब्धि

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नई दिल्ली, 26 जुलाई 2025 — भारत सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने महिलाओं के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर छू लिया है। देशभर में 30 वर्ष और उससे अधिक आयु की 10.18 करोड़ महिलाओं की सर्वाइकल कैंसर की जांच सफलतापूर्वक की जा चुकी है। यह उपलब्धि आयुष्मान आरोग्य मंदिर (AAMs) और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के सहयोग से संचालित की गई है।

सर्वाइकल कैंसर जांच: एक संगठित पहल

यह व्यापक जांच कार्यक्रम गैर-संचारी रोगों (NCDs) की रोकथाम, पहचान और प्रबंधन के उद्देश्य से चलाए जा रहे जनसंख्या-आधारित प्रयास का हिस्सा है। इस पहल के अंतर्गत 30 से 65 वर्ष की महिलाओं को एसीटिक एसिड द्वारा दृश्य निरीक्षण (VIA) पद्धति से जांचा जाता है।

यह जांच मुख्यतः उप-स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में प्रशिक्षित स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं द्वारा की जाती है। यदि किसी महिला का VIA परीक्षण पॉजिटिव आता है, तो उसे आगे की जांच और उपचार के लिए उच्चतर स्वास्थ्य संस्थानों में भेजा जाता है।

जमीनी स्तर पर ASHA कार्यकर्ताओं की भूमिका

ग्रामीण और शहरी समुदायों में मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता (ASHA) महिलाओं की पहचान करने में अहम भूमिका निभाती हैं। वे सीबीएसी (CBAC) फॉर्म के माध्यम से जोखिम में रह रही महिलाओं की जानकारी एकत्र करती हैं और उन्हें आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में जांच के लिए प्रेरित करती हैं। साथ ही, वे स्वस्थ जीवनशैली और नियमित जांच की आवश्यकता पर जागरूकता फैलाने में भी सहायक हैं।

जागरूकता अभियानों से मिला जन समर्थन

स्वास्थ्य मंत्रालय ने राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस और विश्व कैंसर दिवस जैसे आयोजनों के माध्यम से जनता में निरंतर जागरूकता पैदा की है। इसके अलावा, प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया के माध्यम से गैर-संचारी रोगों को लेकर संवाद कायम किया गया है।

NHM के अंतर्गत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को उनके प्रोग्राम इंप्लीमेंटेशन प्लान (PIP) के अनुसार जागरूकता गतिविधियों के लिए विशेष फंड भी प्रदान किया गया है।

विशेष अभियान से मिली गति

इस उपलब्धि को गति देने के लिए मंत्रालय ने 20 फरवरी से 31 मार्च 2025 के बीच एक समयबद्ध NCD स्क्रीनिंग अभियान चलाया था, जिसमें 30 वर्ष और उससे अधिक आयु वर्ग के नागरिकों को प्राथमिकता दी गई। यह अभियान इस लक्ष्य तक पहुँचने में निर्णायक साबित हुआ।

निष्कर्ष

20 जुलाई 2025 तक राष्ट्रीय NCD पोर्टल से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, 25.4 करोड़ पात्र महिलाओं में से 10.18 करोड़ महिलाओं की जांच की जा चुकी है। यह न केवल भारत के लिए बल्कि वैश्विक स्तर पर भी महिलाओं के स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम है।

यह पहल आने वाले वर्षों में कैंसर की प्रारंभिक पहचान, समय रहते उपचार और मृत्यु दर में कमी लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।


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