मिजोरम में पति की हत्या: पत्नी गिरफ्तार, MHIP ने की सख्त निंदा

आइजोल, मिजोरम | 30 जुलाई 2025
मिजोरम की राजधानी आइजोल के मिशन वेंग्थलंग हेर क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसमें एक महिला द्वारा अपने पति की कथित हत्या किए जाने के आरोप में उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। यह घटना न केवल स्थानीय समाज में सनसनी फैला रही है, बल्कि राज्य की सामाजिक संरचना और महिला संगठनों को भी गहराई से झकझोर रही है।
आरोपी पत्नी ने किया अपराध स्वीकार
पुलिस विभाग के अनुसार, मृतक की पहचान लालछुहनवामा (उम्र 39 वर्ष) के रूप में हुई है और उनकी पत्नी लालरेमरुआती को हत्या के संदेह में गिरफ्तार किया गया। जांच अधिकारी के अनुसार, लालरेमरुआती ने पूछताछ के दौरान अपराध को स्वीकार कर लिया है। उसे पहले हिरासत में लिया गया और बाद में अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
संदिग्ध व्यक्ति से भी पूछताछ
मामले में एक अन्य व्यक्ति से भी पूछताछ की गई है, जिसकी भूमिका को लेकर पुलिस अभी गहराई से छानबीन कर रही है। हालांकि, पुलिस ने उस व्यक्ति की पहचान और संभावित संलिप्तता को सार्वजनिक करने से इनकार किया है।
MHIP की तीखी प्रतिक्रिया: “हिंसा किसी भी रूप में अस्वीकार्य”
मिजोरम की प्रतिष्ठित महिला संस्था MHIP (Mizo Hmeichhe Insuihkhawm Pawl) ने इस जघन्य कृत्य की तीव्र आलोचना की है। MHIP ने अपने बयान में कहा,
“किसी भी प्रकार की घरेलू हिंसा न केवल व्यक्तिगत स्तर पर त्रासदी है, बल्कि यह समाज के नैतिक ढांचे को भी तोड़ती है।“
MHIP ने यह भी कहा कि इस घटना को “लिंग आधारित सशक्तिकरण” से नहीं जोड़ा जाना चाहिए, क्योंकि हिंसा का समर्थन किसी भी परिस्थिति में नहीं किया जा सकता। संगठन ने सरकार और न्यायिक संस्थाओं से आरोपी को कठोर सजा देने की मांग की है ताकि समाज में एक मजबूत संदेश जाए।
पूर्वोत्तर में बढ़ते घरेलू हिंसा के मामले: एक चिंताजनक संकेत
मिजोरम की इस घटना ने पूर्वोत्तर भारत में बढ़ते घरेलू हिंसा के मामलों की ओर ध्यान आकर्षित किया है। इसी तरह, मेघालय में मई 2025 में एक व्यवसायी राजा रघुवंशी की रहस्यमयी हत्या ने भी राष्ट्रीय सुर्खियाँ बटोरी थीं। वे अपनी पत्नी सोनम के साथ हनीमून पर थे, लेकिन लापता होने के बाद उनका शव एक गहरी खाई में पाया गया।
निष्कर्ष
मिजोरम की इस दुखद घटना ने राज्य में घरेलू हिंसा की गंभीरता को उजागर किया है। जबकि आरोपी ने अपराध स्वीकार किया है, जांच अब भी जारी है और न्याय की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। MHIP और नागरिक समाज की सक्रिय भागीदारी यह दिखाती है कि समाज इस प्रकार की हिंसा को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगा। अब यह देखने वाली बात होगी कि न्यायिक प्रणाली इस प्रकरण में कितनी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ कार्य करती है।
