मजबूत वैश्विक संकेतों और कम मुद्रास्फीति से शेयर बाजार में उछाल, सेंसेक्स 304 अंक चढ़ा

नई दिल्ली, 13 अगस्त — भारतीय शेयर बाजार बुधवार को मजबूती के साथ बंद हुए। निवेशकों के भरोसे को लगातार घटती खुदरा मुद्रास्फीति और निचले स्तरों पर हुई खरीदारी ने मजबूती दी। वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक रुझानों ने भी सूचकांकों को सहारा दिया।
सेंसेक्स 304.31 अंकों की बढ़त के साथ 80,539.91 अंक पर बंद हुआ, जो 0.38 प्रतिशत की वृद्धि है। इसी तरह, निफ्टी 131.95 अंक चढ़कर 24,619.35 अंक पर बंद हुआ, जो 0.54 प्रतिशत की बढ़त दर्शाता है। एनएसई के आंकड़ों के अनुसार, ऑटो, मीडिया, मेटल और फार्मा सेक्टर की कंपनियां शीर्ष लाभ पाने वालों में रहीं।
खुदरा मुद्रास्फीति (CPI) जुलाई 2025 में घटकर 1.55 प्रतिशत पर आ गई, जो जून 2017 के बाद का सबसे निचला स्तर है। यह गिरावट निवेशकों के लिए राहत की खबर रही और बाजार में नई ऊर्जा लेकर आई।
हालांकि, बाजार में कुछ अनिश्चितताएं भी बनी हुई हैं, खासकर अमेरिका के साथ व्यापार समझौते को लेकर। अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया है, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ी है। फिर भी, बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि चुनिंदा क्षेत्रों में मजबूती के संकेत साफ नजर आ रहे हैं।
रिलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के एसवीपी (रिसर्च) अजीत मिश्रा ने कहा, “पिछले कुछ सत्र बाजार के लिए रोलर-कोस्टर की तरह रहे हैं, लेकिन अब कुछ क्षेत्रों में स्पष्ट मजबूती देखने को मिल रही है।”
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के रिसर्च हेड विनोद नायर के अनुसार, सीपीआई में आठ साल का निचला स्तर आने से उपभोक्ताओं के वैकल्पिक खर्च में वृद्धि की उम्मीद है, जिससे ऑटो और मेटल जैसे क्षेत्रों को बढ़ावा मिलेगा।
नायर ने यह भी कहा कि ट्रंप की व्यापार नीति और वैश्विक जोखिमों के बावजूद, 2025-26 के लिए भारत की विकास और मुद्रास्फीति की स्थिति अनुकूल बनी हुई है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि टैरिफ से जुड़े मामूली डाउनग्रेड का खतरा है, लेकिन 15 अगस्त को होने वाली ट्रंप-पुतिन बैठक पर सबकी नजरें होंगी।
सेंसेक्स फिलहाल अपने सर्वकालिक उच्च स्तर 85,978 अंकों से करीब 5,500 अंक नीचे है। साल 2025 में अब तक सेंसेक्स में लगभग 2.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। 2024 में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ने 9-9 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की थी, जबकि 2023 में यह बढ़त 16-17 प्रतिशत और 2022 में मात्र 3 प्रतिशत रही थी।
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