अमेरिका–पराग्वे के बीच नया समझौता: शरण नीति में ऐतिहासिक परिवर्तन

अमेरिका ने शरणार्थी व्यवस्था के दुरुपयोग पर रोक लगाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। 14 अगस्त 2025 को पराग्वे के साथ सेफ़ थर्ड कंट्री एग्रीमेंट (Safe Third Country Agreement) पर हस्ताक्षर किए गए। इस नई व्यवस्था के तहत, जो भी व्यक्ति अमेरिका में शरण की मांग करेगा, उसे अब पराग्वे में अपना सुरक्षा दावा प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।
इस समझौते का मूल उद्देश्य ऐसे मामलों की संख्या घटाना है, जहाँ लोग अमेरिकी शरण प्रणाली का अनुचित लाभ उठाते हैं। नियम के अनुसार, यदि कोई आवेदक अमेरिका में शरण के लिए अर्जी देता है, तो उसे पराग्वे में जाकर अपनी याचिका आगे बढ़ानी होगी—लेकिन केवल तब, जब यह सुनिश्चित हो कि वह वहाँ सुरक्षित रूप से रह सकता है।
अमेरिकी सरकार का मानना है कि यह नीति न केवल अवैध प्रवासन पर नियंत्रण करेगी, बल्कि पूरे पश्चिमी गोलार्ध में स्थिरता और सुरक्षा को मजबूत बनाने में भी मददगार होगी। विशेषज्ञों के अनुसार, यह समझौता क्षेत्रीय सहयोग का एक नया उदाहरण है, जो भविष्य में अन्य देशों के लिए भी एक मॉडल साबित हो सकता है।
