राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की पाँचवीं वर्षगांठ पर विशेष बच्चों के लिए अभूतपूर्व पहल

🎉 शिक्षा में समान अवसर की दिशा में ऐतिहासिक कदम
29 जुलाई 2025 को, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के पाँच वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में शिक्षा मंत्रालय ने एक राष्ट्रव्यापी विशेष अभियान की शुरुआत की। इस पहल का मुख्य उद्देश्य विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (CwSN) को निःशुल्क सहायक उपकरण, आवश्यक सेवाएँ और प्रशिक्षण उपलब्ध कराना था। यह कार्यक्रम समग्र शिक्षा योजना के अंतर्गत देशभर में एक सप्ताह तक विभिन्न राज्यों और जिलों में आयोजित किया गया।
🔍 अभियान की प्रमुख झलकियाँ
- मूल्यांकन किए गए बच्चे: 1,58,669
- सहायक उपकरण प्राप्त करने वाले बच्चे: 28,837
- जिले शामिल: 669
- ब्लॉक कवर: 4,884
- तैनात विशेषज्ञों की संख्या: 7,282 (चिकित्सक, विशेष शिक्षक, पुनर्वास विशेषज्ञ आदि)
यह केवल आँकड़ों की सफलता नहीं थी, बल्कि एक संवेदनशील प्रयास था—हर बच्चे को शिक्षा के अधिकार से जोड़ना, उसकी विशेष जरूरतों को पूरा करना और उसे समाज की मुख्यधारा में लाना।
🤝 अभियान में योगदान देने वाले सहयोगी
इस राष्ट्रीय पहल की सफलता में कई संस्थाओं की संयुक्त भूमिका रही—
- ALIMCO (Artificial Limbs Manufacturing Corporation of India): सहायक उपकरण निर्माण और आपूर्ति
- दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग: नीति निर्माण और समन्वय
- स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय: चिकित्सा विशेषज्ञ और तकनीकी सहयोग
इनके सहयोग से यह सुनिश्चित किया गया कि बच्चों को केवल उपकरण ही नहीं मिले, बल्कि उन्हें उनका सही उपयोग करने का प्रशिक्षण और मार्गदर्शन भी प्राप्त हो।
🌱 नीति से ज़मीनी बदलाव तक
NEP 2020 का एक प्रमुख स्तंभ है समावेशी शिक्षा। यह अभियान इस सिद्धांत को वास्तविक रूप से लागू करने का जीवंत उदाहरण है। इसका लक्ष्य है—
- विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को समान शिक्षा अवसर देना
- आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ाना
- समाज में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना
यह पहल साबित करती है कि जब नीति, संवेदनशीलता और सामूहिक प्रयास एक साथ आते हैं, तो परिवर्तन सिर्फ कागज़ पर नहीं, बल्कि जीवन में दिखाई देता है।
📸 प्रेरणादायक क्षण
अभियान से जुड़ी तस्वीरों में बच्चों के चेहरों पर झलकती मुस्कान, माता-पिता की संतुष्टि और विशेषज्ञों की प्रतिबद्धता इस पहल की असली सफलता को दर्शाती है। यह मात्र सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि मानवीय करुणा और जिम्मेदारी का उत्कृष्ट उदाहरण था।
✍️ निष्कर्ष
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की पाँचवीं वर्षगांठ पर आयोजित यह अभियान इस बात का प्रमाण है कि सही दिशा में सामूहिक प्रयास समाज में गहरा और स्थायी बदलाव ला सकते हैं। यह केवल शिक्षा सुधार का कदम नहीं, बल्कि सामाजिक समानता और समावेशिता की ओर एक मील का पत्थर है।
