फ़रवरी 14, 2026

भारतीय रेल की ऐतिहासिक पहल: पटरी के बीच लगाए गए सौर पैनल

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सांकेतिक तस्वीर

वाराणसी, 18 अगस्त 2025 — भारतीय रेल ने हरित और सतत परिवहन की दिशा में एक नई उपलब्धि हासिल की है। बनारस लोकोमोटिव वर्क्स (BLW), वाराणसी ने देश का पहला 70 मीटर लंबा हटाने योग्य सौर पैनल सिस्टम तैयार किया है। इस प्रणाली में कुल 28 सौर पैनल लगाए गए हैं, जिनकी क्षमता 15 किलोवाट पीक (kWp) है। इसे रेल की पटरियों के बीच स्थापित किया गया है, जो अपने आप में अनोखी और पहली पहल है।

पर्यावरण और ऊर्जा के लिए लाभकारी कदम

रेल मंत्रालय के अनुसार, यह परियोजना न केवल ऊर्जा उत्पादन में मदद करेगी बल्कि हरित ऊर्जा को बढ़ावा देकर कार्बन उत्सर्जन कम करने में भी योगदान देगी। भारतीय रेल पहले से ही 2030 तक नेट ज़ीरो कार्बन उत्सर्जन हासिल करने का लक्ष्य रखती है और यह कदम उस दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

सौर तकनीक का अभिनव उपयोग

सौर पैनल्स को इस तरह से डिज़ाइन किया गया है कि आवश्यकता पड़ने पर इन्हें आसानी से हटाया भी जा सकता है। रेलवे ट्रैक के बीच में इनका उपयोग करना एक बिल्कुल नया प्रयोग है, जिससे बेकार पड़ी जगह का सदुपयोग हो रहा है। इसके ज़रिए रेलमार्ग पर बिना अतिरिक्त ज़मीन लिए ऊर्जा उत्पादन संभव हो पाएगा।

भविष्य की दिशा

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह मॉडल सफल रहता है तो इसे देशभर के अन्य रेल सेक्शनों में भी लागू किया जा सकता है। इससे न केवल रेलवे की ऊर्जा लागत घटेगी बल्कि यह परियोजना भारत की नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भी एक उदाहरण बनेगी।



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