गाज़ा संकट पर फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों का बड़ा बयान, शांति और राजनीतिक समाधान पर दिया जोर

पेरिस/अम्मान/काहिरा, 20 अगस्त 2025:
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने गाज़ा संकट को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट संदेश दिया है कि इज़राइल की ओर से गाज़ा पर सैन्य कार्रवाई इस पूरे क्षेत्र को स्थायी युद्ध की ओर धकेल सकती है। हाल ही में उन्होंने जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला द्वितीय और मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी से चर्चा की, जिसके बाद तीनों नेताओं ने शांति की दिशा में साझा दृष्टिकोण व्यक्त किया।
मैक्रों ने कहा कि गाज़ा में सैन्य आक्रामकता न केवल इज़राइली और फ़िलिस्तीनी जनता के लिए त्रासदी साबित होगी, बल्कि यह पूरे मध्य-पूर्व क्षेत्र को अस्थिर कर सकती है। उन्होंने यह भी माना कि इस युद्ध को समाप्त करने के लिए केवल एक समग्र और टिकाऊ समाधान की आवश्यकता है।
मैक्रों ने सुझाए समाधान के प्रमुख बिंदु:
- स्थायी युद्धविराम – गाज़ा में तुरंत और स्थायी युद्धविराम लागू किया जाए।
- बंधकों की रिहाई – सभी बंधकों को बिना शर्त मुक्त किया जाए।
- मानवीय सहायता – गाज़ा के नागरिकों तक बड़े पैमाने पर राहत और चिकित्सा सामग्री पहुँचाई जाए।
- हथियारबंदी और प्राधिकरण का सशक्तिकरण – हमास का निरस्त्रीकरण हो तथा फ़िलिस्तीनी प्राधिकरण को गाज़ा में मज़बूत भूमिका दी जाए।
अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता
मैक्रों ने ज़ोर दिया कि इस दिशा में केवल जॉर्डन और मिस्र ही नहीं, बल्कि सभी क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय साझेदारों की संयुक्त जिम्मेदारी है। इसके लिए उन्होंने दो अहम कदम सुझाए:
- अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण मिशन – गाज़ा में शांति और स्थिरता कायम रखने के लिए संयुक्त अंतरराष्ट्रीय मिशन की स्थापना।
- राजनीतिक समाधान – एक ऐसा राजनीतिक ढाँचा तैयार करना जो इज़राइली और फ़िलिस्तीनी जनता दोनों की आकांक्षाओं को समान रूप से पूरा कर सके।
निष्कर्ष
गाज़ा और इज़राइल के बीच जारी संघर्ष ने वर्षों से मध्य-पूर्व में शांति की संभावनाओं को प्रभावित किया है। फ्रांस के राष्ट्रपति का यह बयान स्पष्ट संकेत देता है कि यदि तुरंत ठोस कदम नहीं उठाए गए तो यह संकट लंबे समय तक खिंच सकता है। स्थायी शांति तभी संभव है जब युद्ध की बजाय संवाद और मानवीय सहयोग को प्राथमिकता दी जाए।
