खून की कमी के कारण : एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या

नई दिल्ली: आज के समय में खून की कमी यानी एनीमिया एक आम लेकिन गंभीर स्वास्थ्य समस्या बन चुकी है। यह स्थिति तब उत्पन्न होती है जब शरीर में पर्याप्त मात्रा में हीमोग्लोबिन या लाल रक्त कोशिकाएँ (Red Blood Cells) नहीं होतीं। हीमोग्लोबिन ही खून का वह घटक है जो शरीर के विभिन्न अंगों तक ऑक्सीजन पहुँचाता है। इसकी कमी से शरीर में थकान, कमजोरी, चक्कर आना और सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याएँ सामने आती हैं।
खून की कमी के मुख्य कारण
- आयरन (लौह तत्व) की कमी
भोजन में आयरन की पर्याप्त मात्रा न होने या शरीर में उसका अवशोषण सही तरीके से न होने से लाल रक्त कोशिकाएँ पर्याप्त नहीं बन पातीं। खासकर महिलाओं में मासिक धर्म और गर्भावस्था के दौरान यह समस्या अधिक देखने को मिलती है। - विटामिन बी12 और फॉलिक एसिड की कमी
लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण के लिए विटामिन बी12 और फॉलिक एसिड अत्यंत आवश्यक हैं। इन पोषक तत्वों की कमी होने पर शरीर पर्याप्त स्वस्थ रक्त कोशिकाएँ नहीं बना पाता। - अत्यधिक रक्तस्राव
चोट, सर्जरी, प्रसव, अधिक मासिक धर्म या आंतरिक रक्तस्राव (जैसे अल्सर, बवासीर या कैंसर) से खून की कमी हो सकती है। - अनुवांशिक रोग
थैलेसीमिया और सिकल सेल एनीमिया जैसे आनुवांशिक विकार भी शरीर में खून की कमी का कारण बनते हैं। - गंभीर संक्रमण या दीर्घकालिक रोग
गुर्दे की बीमारी, कैंसर, एचआईवी और अन्य गंभीर संक्रमण शरीर में रक्त निर्माण की प्रक्रिया को प्रभावित करते हैं, जिससे एनीमिया हो सकता है। - कुपोषण और खराब जीवनशैली
असंतुलित आहार, जंक फूड का अधिक सेवन, शराब और धूम्रपान जैसी आदतें शरीर में खून बनने की प्राकृतिक प्रक्रिया को कमजोर कर देती हैं।
खून की कमी से बचाव
- भोजन में हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ, चुकंदर, सेब, अनार, दालें, अंडा, मछली और मांस शामिल करें।
- विटामिन सी से भरपूर फल (जैसे संतरा, आंवला, नींबू) खाएँ ताकि आयरन का अवशोषण बेहतर हो सके।
- नियमित स्वास्थ्य जांच कराते रहें और ज़रूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह से आयरन या विटामिन सप्लीमेंट लें।
- गर्भवती महिलाओं को विशेष ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि इस अवस्था में खून की कमी बच्चे और माँ दोनों के लिए हानिकारक हो सकती है।
निष्कर्ष
खून की कमी कोई साधारण समस्या नहीं, बल्कि यह शरीर को अंदर से कमजोर कर गंभीर बीमारियों को जन्म दे सकती है। संतुलित आहार, समय पर जांच और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर एनीमिया से बचाव संभव है। जागरूकता और समय पर इलाज से इस समस्या पर पूरी तरह नियंत्रण पाया जा सकता है।
