फ़रवरी 12, 2026

टीबी मुक्त भारत की ओर: शुरुआती जांच और पूर्ण उपचार है सबसे बड़ा हथियार

0

क्षय रोग (टीबी) दुनिया की सबसे पुरानी और गंभीर बीमारियों में से एक है, लेकिन आज यह पूरी तरह से उपचार योग्य रोग है। भारत सरकार और स्वास्थ्य मंत्रालय लगातार लोगों को जागरूक कर रहे हैं कि यदि समय पर जांच और सही दवा ली जाए तो टीबी से पूर्णतः छुटकारा पाया जा सकता है।

क्यों ज़रूरी है समय पर जांच?

टीबी का सबसे आम लक्षण है — लगातार कई हफ्तों तक रहने वाली खांसी। अक्सर लोग इसे सामान्य सर्दी-जुकाम या मौसमी समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन यही लापरवाही बीमारी को बढ़ा देती है और इलाज को कठिन बना देती है। अगर खांसी दो सप्ताह से अधिक समय तक बनी रहे तो तुरंत नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच कराना बेहद ज़रूरी है।

इलाज अधूरा छोड़ना खतरनाक

टीबी का इलाज कई महीनों तक चलता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि मरीज बीच में दवा लेना छोड़ दे तो रोग और अधिक जटिल हो सकता है तथा ड्रग-रेज़िस्टेंट टीबी (Drug Resistant TB) का खतरा बढ़ जाता है। यही वजह है कि डॉक्टर हमेशा पूर्ण उपचार पूरा करने पर ज़ोर देते हैं।

सरकार की मुहिम: “टीबी हारेगा, देश जीतेगा”

भारत सरकार ने #TBMuktBharat अभियान की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य वर्ष 2025 तक भारत को टीबी मुक्त बनाना है। इस मिशन में सरकार, स्वास्थ्यकर्मी और समाज सभी की भागीदारी अहम है। जागरूकता फैलाना, समय पर जांच और सभी को निःशुल्क दवा उपलब्ध कराना इस अभियान के मुख्य स्तंभ हैं।

जनसहयोग से ही संभव है सफलता

टीबी से लड़ाई केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह सामूहिक प्रयास से ही सफल हो सकती है। यदि हर व्यक्ति खुद जागरूक बने और अपने परिवार व समाज में लोगों को सतर्क करे, तो इस बीमारी को पूरी तरह समाप्त करना संभव है।


निष्कर्ष

क्षय रोग अब डरने की बीमारी नहीं है, बल्कि सही जानकारी, समय पर जांच और पूरा इलाज लेकर इसे पूरी तरह हराया जा सकता है।
संदेश स्पष्ट है:
👉 खांसी अगर दो हफ्तों से ज़्यादा हो तो अनदेखा न करें।
👉 तुरंत जांच कराएँ और पूरा उपचार लें।
👉 सामूहिक सहयोग से हम भारत को टीबी मुक्त बना सकते हैं।



प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

इन्हे भी देखें