बीजेपी पर अखिलेश यादव का तंज : सहयोगियों के चेहरे पीले, हाथ-पाँव ठंडे

लखनऊ, 4 सितंबर — समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला है। इस बार उन्होंने बीजेपी को न सिर्फ “शोषक” करार दिया बल्कि यह भी कहा कि पार्टी की रणनीति है— “पहले इस्तेमाल करो, फिर खत्म करो।”
अखिलेश यादव ने अपने बयान में आरोप लगाया कि बीजेपी अपने ही कार्यकर्ताओं और सहयोगियों को आपस में भिड़ाकर राजनीति की नई मिसाल पेश कर रही है। कभी परिषद बनाम विंग की लड़ाई, तो कभी सहयोगियों के घर तक धरना—यानी “अपनों से ही जंग” का आलम।
“लूट की राजनीति, इज़्ज़त शून्य”
अखिलेश ने कहा कि बीजेपी में शामिल हुए या उसके सहयोगी बने लोग अब समझ चुके हैं कि यह पार्टी उनके आर्थिक हालात सुधार सकती है, लेकिन सम्मान कभी नहीं देगी। बीजेपी के लिए राजनीतिक साथी महज़ “ATM मशीन” हैं, जिन्हें वक्त आने पर निचोड़कर छोड़ दिया जाता है।
पुलिस पर भी कटाक्ष
सपा प्रमुख ने पुलिस प्रशासन को भी लपेटे में लिया। उनके मुताबिक बड़े अफसर ठंडी एयर-कंडीशंड कमरों में बैठकर “जी सर-जी सर” करते रहते हैं, जबकि निचले स्तर के पुलिसकर्मी बीजेपी से जुड़े लोगों की बदतमीज़ियों का बोझ उठाते हैं। मजबूरी में उन्हें जनता के बीच हाथ जोड़कर “भाई-भाई” कहना पड़ता है।
सहयोगियों की दुर्दशा
बीजेपी पर निशाना साधते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि पार्टी ने अपने सहयोगियों को इस कदर राजनीतिक रूप से तबाह कर दिया है कि अब वे अपनी ही जातीय या सामुदायिक बिरादरी में मुंह दिखाने लायक नहीं बचे। हालत यह हो गई है कि उनके हाथ-पाँव ठंडे पड़ गए हैं और चेहरे का रंग पीला पड़ चुका है।
निष्कर्ष
अखिलेश यादव के इस बयान ने साफ संकेत दिया है कि विपक्ष आने वाले चुनावों में बीजेपी को उसी की राजनीति के हथियार से घेरने की तैयारी में है। जहां बीजेपी “डबल इंजन” की दुहाई देती है, वहीं अखिलेश का कहना है कि असलियत में यह इंजन “सहयोगियों को धक्का देकर सड़क पर छोड़ देता है।”
