फ़रवरी 14, 2026

स्कूल गेट पर बदले की वारदात: नाबालिग छात्र पर चाकू से हमला, तीन किशोर हिरासत में

0

नई दिल्ली, 6 सितंबर – राजधानी दिल्ली के पहाड़गंज इलाके में शुक्रवार को एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई, जहाँ महज़ 15 साल के एक छात्र को उसके ही स्कूल गेट के बाहर चाकू मारकर घायल कर दिया गया। पुलिस ने बताया कि यह हमला किसी पुरानी रंजिश के चलते किया गया था और इसमें तीन नाबालिग शामिल थे, जिन्हें कुछ ही घंटों में गिरफ्तार कर लिया गया।

घटना कैसे घटी?

पुलिस के अनुसार, पीड़ित छात्र अरामबाग स्थित एक स्कूल में पढ़ता है। घटना के समय तीन नाबालिग उसे स्कूल गेट के पास बुलाकर ले गए और वहाँ कहासुनी शुरू हो गई। बहस बढ़ने पर तीनों ने छात्र को पकड़ लिया और उनमें से एक ने उसके सीने में चाकू घोंप दिया। हमला इतना अचानक था कि छात्र चाकू लगे हुए ही थाने पहुँच गया। मौके से एक टूटी हुई बीयर बोतल भी बरामद की गई, जिसे हमलावरों ने धमकाने के लिए इस्तेमाल किया था।

घायल छात्र को तुरंत कलावती सरन अस्पताल ले जाया गया और फिर गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे आरएमएल अस्पताल रेफर किया गया। डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर सफलतापूर्वक चाकू निकाल दिया। वर्तमान में छात्र की हालत स्थिर बताई जा रही है।

क्यों हुआ हमला?

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि यह हमला पुरानी दुश्मनी का नतीजा था। आरोप है कि हमलावर किशोर को लगता था कि पीड़ित ने कुछ दिन पहले अन्य लड़कों को उकसाकर उस पर हमला करवाया था। इसी रंजिश के कारण उसने अपने दोस्तों के साथ मिलकर यह हमला किया।

दिल्ली में बढ़ती हिंसा पर सवाल

यह घटना राजधानी में बच्चों और युवाओं के बीच बढ़ रही हिंसक प्रवृत्तियों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। इससे पहले भी, 1 सितंबर को भारत नगर इलाके में सरकारी वाइन शॉप पर काम करने वाले 52 वर्षीय सेल्समैन ग्यानपाल सिंह पर चार लोगों ने चाकू और हॉकी स्टिक से हमला कर दिया था। पुलिस ने इस मामले में भी पुरानी दुश्मनी को कारण बताया है।

पुलिस की कार्रवाई

दिल्ली पुलिस ने दोनों घटनाओं की जांच के लिए विशेष टीम गठित की है। अपराध स्थल से मिले सबूतों को फॉरेंसिक टीम ने जांच के लिए भेजा है। अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच से यह साफ हो रहा है कि दोनों हमलों के पीछे पुरानी रंजिश और आपसी दुश्मनी ही मुख्य वजह है।


👉 यह मामला न केवल समाज में हिंसा के खतरनाक स्तर को उजागर करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि नाबालिगों के बीच बढ़ते अपराधों को रोकने के लिए परिवार, स्कूल और समाज को मिलकर ठोस कदम उठाने होंगे।


प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

इन्हे भी देखें