फ़रवरी 15, 2026

जॉर्जिया मेलोनी और ‘यूरोपा वाइवा 25’: यूरोप की राजनीति में एक नई गूंज

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इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने हाल ही में ‘यूरोपा वाइवा 25’ कार्यक्रम के लिए अपना वीडियो संदेश साझा किया। इस आयोजन ने यूरोप की राजनीति में एक बार फिर से बहस को तेज़ कर दिया है। ‘यूरोपा वाइवा’ ऐसा मंच माना जाता है जहाँ विभिन्न विचारधाराओं के नेता और चिंतक एक साथ आते हैं और महाद्वीप के भविष्य को लेकर अपनी दृष्टि प्रस्तुत करते हैं।

मेलोनी का राजनीतिक संदेश

मेलोनी लंबे समय से अपनी राष्ट्रवादी और परंपरागत मूल्यों पर आधारित राजनीति के लिए जानी जाती हैं। उनके वीडियो संदेश का उद्देश्य केवल इटली तक सीमित नहीं था, बल्कि पूरे यूरोप के सामने आने वाली चुनौतियों पर ध्यान आकर्षित करना था। प्रवासन संकट, सुरक्षा, आर्थिक आत्मनिर्भरता और यूरोपीय संघ में राष्ट्रों की संप्रभुता – ये वे विषय हैं जिन पर वह बार-बार ज़ोर देती रही हैं।

समर्थक बनाम आलोचक

जहाँ मेलोनी के समर्थक उन्हें एक निर्णायक और साहसी नेता मानते हैं, वहीं आलोचक अक्सर कहते हैं कि उनके विचार यूरोप को विभाजित कर सकते हैं। इसके बावजूद, यह अस्वीकार नहीं किया जा सकता कि उनकी बातों ने यूरोपीय राजनीति की धारा को प्रभावित किया है।

डिजिटल माध्यम की ताक़त

‘यूरोपा वाइवा 25’ में उनका वीडियो संदेश इस बात का प्रमाण है कि डिजिटल संचार अब राजनीति का अनिवार्य हिस्सा बन चुका है। मेलोनी ने इस माध्यम का इस्तेमाल कर सीधे उन दर्शकों तक अपनी बात पहुँचाई, जो यूरोप की नीतियों और भविष्य की दिशा को लेकर चिंतित हैं।

आगे का रास्ता

यह देखना दिलचस्प होगा कि मेलोनी का संदेश आने वाले समय में यूरोपीय संघ की नीतिगत चर्चाओं को किस तरह प्रभावित करता है। क्या उनकी दृष्टि यूरोप को अधिक एकजुट बनाएगी या फिर विभिन्न राष्ट्रों के बीच मतभेद और स्पष्ट होंगे? यह सवाल आने वाले महीनों में यूरोप की राजनीति की दिशा तय करेगा।


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