आँखों के लिए योग : प्राकृतिक दृष्टि संरक्षण का मार्ग

आधुनिक जीवनशैली में मोबाइल, कंप्यूटर और टीवी स्क्रीन का अत्यधिक उपयोग हमारी आँखों पर सबसे अधिक दबाव डालता है। लगातार स्क्रीन टाइम, तनाव और असंतुलित दिनचर्या के कारण आँखों की रोशनी कमजोर होना, आँखों में जलन, सूखापन और सिरदर्द जैसी समस्याएँ आम होती जा रही हैं। ऐसे में योग न केवल शरीर बल्कि आँखों की सेहत को भी सुरक्षित रखने का एक सरल और प्राकृतिक साधन है।
आँखों के लिए योग क्यों ज़रूरी है?
- यह आँखों की मांसपेशियों को मज़बूत करता है।
- दृष्टि की एकाग्रता और ध्यान क्षमता को बढ़ाता है।
- आँखों में रक्त संचार बेहतर बनाता है।
- थकान, जलन और सूखेपन की समस्या को कम करता है।
- तनाव घटाकर मानसिक शांति प्रदान करता है।
आँखों के लिए प्रमुख योग अभ्यास
- पल्मिंग (Palming)
- दोनों हथेलियों को आपस में रगड़कर गर्म करें और हल्के से बंद आँखों पर रखें।
- यह अभ्यास आँखों को आराम देता है और मानसिक तनाव घटाता है।
- आँखों का घुमाव (Eye Rotation)
- आँखों को पहले ऊपर-नीचे, फिर दाएँ-बाएँ और अंत में गोलाकार दिशा में घुमाएँ।
- यह अभ्यास आँखों की मांसपेशियों को लचीला बनाता है।
- ट्राटक (Tratak Meditation)
- किसी स्थिर बिंदु या दीपक की लौ को बिना पलक झपकाए देर तक देखें।
- यह न केवल दृष्टि को तेज करता है बल्कि मानसिक एकाग्रता भी बढ़ाता है।
- ब्लिंकिंग (Blinking Exercise)
- लगातार 10 से 15 बार तेजी से पलकें झपकाएँ और फिर आँखें बंद करके आराम करें।
- इससे आँखों की नमी बनी रहती है और सूखापन दूर होता है।
- फोकसिंग (Near and Distant Viewing)
- पहले पास की किसी वस्तु पर ध्यान केंद्रित करें, फिर दूर की किसी चीज़ को देखें।
- यह अभ्यास आँखों की फोकस क्षमता को बेहतर बनाता है।
जीवनशैली में सुधार
- आहार में हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ, गाजर, बादाम, अखरोट और आंवला शामिल करें।
- पर्याप्त नींद लें और समय-समय पर स्क्रीन से आँखों को आराम दें।
- सूर्य नमस्कार और प्राणायाम भी आँखों के लिए अप्रत्यक्ष रूप से लाभकारी हैं।
निष्कर्ष
आँखों की देखभाल केवल चश्मा पहनने या दवाइयाँ लेने तक सीमित नहीं होनी चाहिए। यदि योगाभ्यास को नियमित दिनचर्या का हिस्सा बनाया जाए, तो न केवल आँखों की रोशनी को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है, बल्कि मानसिक संतुलन और एकाग्रता भी बेहतर की जा सकती है।
👉 आँखों के लिए योग एक प्राकृतिक “आँखों का रक्षक” है, जो हमें स्क्रीन-प्रधान जीवनशैली में स्वस्थ दृष्टि प्रदान करता है।
