फ़रवरी 15, 2026

रविचंद्रन अश्विन ने पूरे किए 39 वर्ष: भारत को 765 अंतरराष्ट्रीय विकेट देने वाले ऑफ-स्पिन के जीनियस

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नई दिल्ली [भारत], 17 सितंबर (एएनआई): भारतीय क्रिकेट के सबसे महान गेंदबाजी ऑलराउंडर्स में गिने जाने वाले रविचंद्रन अश्विन बुधवार को 39 साल के हो गए। अपने करियर के दौरान अश्विन ने ऐसा विरासत छोड़ा है जिसे क्रिकेट की दुनिया में बहुत कम लोग ही छू पाते हैं। एक दशक से अधिक समय तक अश्विन कौशल, धैर्य और क्रिकेटिंग बुद्धिमत्ता के प्रतीक रहे हैं। उन्होंने गेंद और बल्ले दोनों से भारतीय क्रिकेट को कई यादगार पल दिए।

टेस्ट क्रिकेट में शिखर प्रदर्शन

अश्विन के आँकड़े उनके महानता की गवाही देते हैं। 106 टेस्ट मैचों में उन्होंने 537 विकेट लिए, और उनका गेंदबाजी औसत 24.00 रहा। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 7/59 रहा है, जो उनकी मैच जिताने की क्षमता को दर्शाता है। उन्होंने टेस्ट में 37 बार पाँच विकेट लिए और 8 बार दस विकेट हासिल किए। ये आँकड़े उन्हें दुनिया के चुनिंदा दिग्गज गेंदबाजों की श्रेणी में रखते हैं।
विश्व स्तर पर, अश्विन टेस्ट इतिहास में आठवें सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं। भारत की ओर से केवल अनिल कुंबले (619 विकेट) उनसे आगे हैं। साथ ही, टेस्ट क्रिकेट में सबसे अधिक पाँच विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में वे केवल मुथैया मुरलीधरन से पीछे हैं।
गेंदबाजी के साथ-साथ अश्विन ने बल्ले से भी अहम योगदान दिया है। उन्होंने 3503 रन बनाए, जिसमें 6 शतक और 14 अर्धशतक शामिल हैं। उनका उच्चतम स्कोर 124 रन है। बल्लेबाजी औसत 25.75 उन्हें एक सच्चे ऑलराउंडर के रूप में स्थापित करता है।

सीमित ओवरों का सफर

अश्विन ने वनडे और टी20 अंतरराष्ट्रीय में भी बेहतरीन प्रदर्शन किया।

  • 116 वनडे में 156 विकेट (औसत 33.20, सर्वश्रेष्ठ 4/25) और 707 रन बनाए।
  • 65 टी20 मैचों में 72 विकेट लिए।
    वनडे में वे भारत के 13वें सबसे सफल गेंदबाज हैं।

कुल उपलब्धियाँ

सभी प्रारूपों को मिलाकर अश्विन ने 287 मैचों में 765 विकेट झटके। इस प्रकार वे अनिल कुंबले (953 विकेट) के बाद भारत के दूसरे सबसे सफल गेंदबाज बने।

बड़े टूर्नामेंटों में योगदान

अश्विन ने भारत की कई बड़ी जीतों में अहम भूमिका निभाई।

  • वे 2011 विश्व कप विजेता टीम का हिस्सा थे।
  • 2013 चैंपियंस ट्रॉफी की जीत में उन्होंने मुख्य भूमिका निभाई।
    इन सफलताओं ने उनका नाम भारतीय क्रिकेट के इतिहास में स्थायी रूप से दर्ज कर दिया।

आईपीएल का सफर

इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में भी अश्विन की मौजूदगी अहम रही। उन्होंने 17 वर्षों का लंबा सफर तय किया, जिसकी शुरुआत चेन्नई सुपर किंग्स से हुई और अंत भी इसी टीम के साथ हुआ। आईपीएल में उन्होंने 239 मैचों में 200 से अधिक विकेट लिए और इस लीग के पाँचवें सबसे सफल गेंदबाज बने।

निष्कर्ष

रविचंद्रन अश्विन सिर्फ एक गेंदबाज नहीं, बल्कि एक क्रिकेटिंग लीजेंड हैं। उनकी बुद्धिमत्ता, साहस और संघर्ष ने उन्हें विश्व क्रिकेट में एक अलग पहचान दिलाई है। 39 वर्ष की उम्र में भी उनका सफर नई पीढ़ी के खिलाड़ियों और क्रिकेट प्रेमियों के लिए प्रेरणा बना हुआ है।


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