फ़रवरी 12, 2026

अखिलेश यादव का प्रहार: महंगाई, रोजगार संकट और मतदाता सूची विवाद पर सरकार को घेरा

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सहारनपुर में आयोजित एक बड़ी जनसभा में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश जिन गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है, सरकारें उनसे ध्यान हटाकर जनता को भावनात्मक मुद्दों में उलझा रही हैं।


आर्थिक गिरावट पर सीधा सवाल

अखिलेश यादव ने कहा कि देश की आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर हो रही है और सरकार के दावों और जमीनी सच्चाई में बड़ा अंतर है। उन्होंने कहा कि:

  • उद्योगों में निवेश घट रहा है,
  • उत्पादन व विस्तार की गति धीमी पड़ रही है,
  • और सरकारी योजनाओं का वास्तविक प्रभाव जनता महसूस नहीं कर पा रही है।

उनका कहना था कि ‘मेक इन इंडिया’ व ‘डिजिटल इंडिया’ जैसे अभियानों का खूब प्रचार तो हुआ, लेकिन उद्योग जगत को वह मजबूती नहीं मिली जिसकी अपेक्षा की गई थी।

महंगाई पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि रोज़मर्रा की वस्तुओं के दाम बढ़ने से आम नागरिक की जेब पर भारी बोझ पड़ा है। उन्होंने युवाओं की बेरोज़गारी पर भी चिंता जताई और कहा कि रोजगार के अवसर सीमित होने के कारण युवा विदेशों में काम तलाशने को मजबूर हो रहे हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय नीतियों और शुल्कों ने भारतीय बाज़ारों को प्रभावित किया है, जबकि डॉलर के मुकाबले लगातार कमजोर होता रुपया अर्थव्यवस्था की स्थिरता पर सवाल उठाता है।


‘मूलभूत मुद्दों से भटकाने की राजनीति’ का आरोप

अखिलेश यादव ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि सरकार वास्तविक समस्याओं पर चर्चा करने से बच रही है और लोगों को भावनात्मक विषयों की ओर मोड़ रही है। उन्होंने यह भी कहा:

“जब कभी रुपये की कीमत गिरती थी, तब विपक्ष में बैठे लोग इसे सरकार की नाकामी बताते थे, लेकिन आज जब आर्थिक हालात और खराब हो रहे हैं, तब इस पर गंभीर संवाद करने की कोई इच्छा नहीं दिखाई देती।”


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