एशेज 2026: सिडनी टेस्ट में जो रूट की मास्टरक्लास, इंग्लैंड ने बनाई ठोस बढ़त

एशेज 2026 के निर्णायक पांचवें टेस्ट में इंग्लैंड ने सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर अपनी पहली पारी में 384 रन बनाकर मुकाबले की दिशा को अपने पक्ष में मोड़ दिया। इस मजबूत स्कोर की नींव बने इंग्लैंड के भरोसेमंद बल्लेबाज़ जो रूट, जिन्होंने उच्च कोटि की तकनीक और मानसिक दृढ़ता का परिचय देते हुए 160 रनों की यादगार पारी खेली।
दबाव में चमका अनुभव
जो रूट की यह पारी सिर्फ रन बनाने का प्रयास नहीं थी, बल्कि टेस्ट क्रिकेट की परंपरागत बल्लेबाज़ी का उत्कृष्ट उदाहरण भी रही। 242 गेंदों तक क्रीज़ पर टिके रहते हुए उन्होंने मैदान के चारों ओर स्ट्रोक्स लगाए और 15 चौकों से अपनी पारी को सजाया। दूसरे दिन जब इंग्लैंड का स्कोर 336/6 था, तब रूट ने न केवल टीम को सम्मानजनक स्थिति तक पहुँचाया बल्कि अपना 17वाँ 150 से अधिक रन का टेस्ट स्कोर भी पूरा किया।
इस उपलब्धि के साथ रूट ने महेला जयवर्धने को पीछे छोड़ते हुए टेस्ट इतिहास के उन चुनिंदा बल्लेबाज़ों की सूची में अपनी जगह और मजबूत कर ली, जिनके नाम 150+ स्कोर सबसे अधिक बार दर्ज हैं।
निचले क्रम से मिली अहम मदद
मध्य और निचले क्रम में विल जैक्स ने रूट का भरपूर साथ निभाया। जैक्स ने संयम और आक्रमण का संतुलन रखते हुए 62 गेंदों में 27 रन बनाए और रूट के साथ महत्वपूर्ण 52 रनों की साझेदारी की। उनकी यह छोटी लेकिन उपयोगी पारी इंग्लैंड के कुल स्कोर को मज़बूती देने में सहायक रही, हालाँकि माइकल नेसर ने उन्हें आउट कर ऑस्ट्रेलिया को राहत दिलाई।
ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज़ों का संघर्ष
ऑस्ट्रेलिया की ओर से माइकल नेसर सबसे सफल गेंदबाज़ साबित हुए। उन्होंने सटीक लाइन-लेंथ के साथ गेंदबाज़ी करते हुए 4 विकेट झटके और इंग्लैंड की पारी को समेटने में अहम भूमिका निभाई। मिचेल स्टार्क और स्कॉट बोलैंड ने भी निरंतर दबाव बनाए रखा और दो-दो सफलताएँ हासिल कीं, लेकिन रूट की एकाग्र बल्लेबाज़ी के सामने ऑस्ट्रेलियाई आक्रमण पूरी तरह प्रभाव नहीं छोड़ सका।
मौसम बना शुरुआती बाधा
मैच की शुरुआत में बारिश और कम रोशनी ने खेल को बाधित किया, जिससे पहले दिन सीमित ओवर ही संभव हो पाए। इसके बावजूद दूसरे दिन इंग्लैंड ने बदली परिस्थितियों का बेहतर उपयोग किया और रणनीतिक बल्लेबाज़ी से नुकसान की भरपाई कर ली।
निष्कर्ष
जो रूट की 160 रनों की यह पारी एशेज 2026 की सबसे यादगार पारियों में गिनी जाएगी। यह न केवल इंग्लैंड के लिए मैच की दृष्टि से महत्वपूर्ण रही, बल्कि रूट के शानदार टेस्ट करियर में भी एक और स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया। अब गेंद ऑस्ट्रेलिया के पाले में है—देखना दिलचस्प होगा कि वे इस चुनौतीपूर्ण लक्ष्य के सामने कैसी प्रतिक्रिया देते हैं।
