फ़रवरी 12, 2026

समीर वानखेड़े अनुशासनात्मक प्रकरण: दिल्ली हाईकोर्ट ने CAT को शीघ्र निर्णय का निर्देश दिया

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नई दिल्ली, 12 जनवरी 2026 — भारतीय प्रशासनिक सेवा से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी समीर वानखेड़े के खिलाफ चल रहे अनुशासनात्मक मामले पर दिल्ली हाईकोर्ट ने अहम हस्तक्षेप किया है। अदालत ने केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (CAT) को यह सुनिश्चित करने को कहा है कि यह प्रकरण अनावश्यक रूप से लंबित न रहे और तय समयसीमा में इसका निपटारा किया जाए।

यह मामला वर्ष 2021 में हुई चर्चित कॉर्डेलिया क्रूज़ कार्रवाई से संबंधित है, जिसमें समीर वानखेड़े पर भ्रष्टाचार से जुड़े आरोप लगाए गए थे। इस संबंध में शुरू की गई विभागीय प्रक्रिया काफी समय से न्यायाधिकरण के समक्ष लंबित है, जिसे लेकर अब न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाया है।

हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान टिप्पणी की कि प्रशासनिक न्याय प्रणाली में देरी न केवल संबंधित अधिकारी के करियर पर प्रभाव डालती है, बल्कि संस्थागत पारदर्शिता पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा करती है। अदालत का मानना है कि ऐसे मामलों में समयबद्ध निर्णय न्याय के मूल सिद्धांतों के अनुरूप है।

न्यायालय के आदेश के अनुसार, CAT को निर्देशित किया गया है कि वह इस अनुशासनात्मक कार्यवाही को प्राथमिकता के आधार पर सुने और इसे जल्द से जल्द अंतिम निष्कर्ष तक पहुंचाए। मामले की अंतिम सुनवाई 14 जनवरी 2026 के लिए निर्धारित की गई है।

यह फैसला उन सभी लंबित प्रशासनिक मामलों के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है, जिनमें समय पर निर्णय न होने से कानूनी प्रक्रिया पर सवाल उठते रहे हैं।


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