30 जनवरी 2026: देश ने शहीद दिवस पर बापू को किया नमन, नेताओं ने सत्य और अहिंसा को बताया आज की जरूरत

नई दिल्ली।
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 78वीं पुण्यतिथि के अवसर पर 30 जनवरी 2026 को पूरे देश में शहीद दिवस मनाया गया। इस अवसर पर देश के शीर्ष संवैधानिक पदों पर आसीन नेताओं से लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रमुख नेताओं ने बापू को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके विचारों को आज के भारत के लिए प्रासंगिक बताया।
राजघाट पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम
सुबह के समय नई दिल्ली स्थित राजघाट में आयोजित सर्वधर्म प्रार्थना सभा में राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री सहित कई गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए। सभी ने महात्मा गांधी की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बापू को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि महात्मा गांधी का जीवन केवल इतिहास नहीं, बल्कि कर्तव्य, सेवा और नैतिकता की जीवित प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलकर ही समाज में स्थायी शांति और समरसता स्थापित की जा सकती है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया स्मरण
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने संदेश में कहा कि महात्मा गांधी ने भारत को स्वतंत्रता ही नहीं दिलाई, बल्कि दुनिया को शांति और मानवता का रास्ता दिखाया। उन्होंने युवाओं से गांधीजी के आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
उपराष्ट्रपति और अन्य नेताओं की श्रद्धांजलि
उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने भी राजघाट पहुंचकर बापू को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि आज जब दुनिया हिंसा और असहिष्णुता से जूझ रही है, तब गांधीजी के विचार और भी अधिक प्रासंगिक हो गए हैं।
विपक्षी नेताओं ने भी किया नमन
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने महात्मा गांधी को एक व्यक्ति नहीं बल्कि एक विचारधारा बताया। उन्होंने कहा कि सत्य और अहिंसा ही नफरत और विभाजन का सबसे बड़ा उत्तर हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे सहित अन्य नेताओं ने भी गांधीजी को याद करते हुए सामाजिक सौहार्द और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा पर जोर दिया।
राज्यों के मुख्यमंत्रियों की प्रतिक्रिया
विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों और उपमुख्यमंत्रियों ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने गांधीजी के ग्राम स्वराज, आत्मनिर्भरता और नैतिक राजनीति के विचारों को आज भी मार्गदर्शक बताया।
शहीद दिवस का संदेश
30 जनवरी का दिन केवल महात्मा गांधी को याद करने का नहीं, बल्कि उनके दिखाए रास्ते पर चलने का संकल्प लेने का दिन है। बापू का जीवन हमें सिखाता है कि बिना हिंसा के भी बड़े से बड़ा परिवर्तन संभव है।
निष्कर्ष
शहीद दिवस 2026 पर देश के सभी प्रमुख नेताओं की श्रद्धांजलि यह संदेश देती है कि महात्मा गांधी आज भी भारत की आत्मा में जीवित हैं। उनके विचार आने वाली पीढ़ियों को सत्य, अहिंसा और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते रहेंगे।
