सुजौली के टपरा बाजार में तेंदुए की दस्तक, CCTV में कैद हुई चहलकदमी; ग्रामीणों में बढ़ी दहशत

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अमृत पाल बहराइच

रिपोर्टर हिट एंड हॉट न्यूज़

बहराइच। कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग से सटे ग्रामीण इलाकों में इन दिनों जंगली जानवरों की आवाजाही ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। सुजौली थाना क्षेत्र के टपरा बाजार में लगातार तेंदुए की गतिविधियां सामने आने से ग्रामीणों में भय का माहौल है। बताया जा रहा है कि पिछले करीब तीन दिनों से तेंदुआ आसपास के इलाके में घूम रहा है। इसकी चहलकदमी अब CCTV कैमरे में भी रिकॉर्ड हुई है, जिसके बाद ग्रामीणों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

ग्रामीणों के मुताबिक, तेंदुआ रात के समय बस्तियों के आसपास दिखाई दे रहा है। टपरा बाजार क्षेत्र में लगे CCTV कैमरे में तेंदुए के सड़क और गलियों के आसपास घूमने की तस्वीरें सामने आई हैं। वीडियो फुटेज सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में चिंता और बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि रात में तेंदुए की मौजूदगी के कारण लोगों को घर से बाहर निकलने में डर लग रहा है।

CCTV कैमरे में कैद हुई तेंदुए की गतिविधि

सुजौली क्षेत्र में तेंदुए की लगातार मौजूदगी के बीच टपरा बाजार के पास लगे एक CCTV कैमरे में उसकी चहलकदमी रिकॉर्ड हुई। बताया गया कि फुटेज रात करीब नौ बजे का है। इसमें तेंदुआ बाजार और आसपास के रास्तों से गुजरता दिखाई देता है।

CCTV फुटेज सामने आने के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग से इलाके में निगरानी बढ़ाने की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि तेंदुआ लगातार अपना स्थान बदल रहा है और अंधेरा होने के बाद आबादी वाले क्षेत्रों के करीब पहुंच रहा है। इससे लोगों को रात के समय अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ रही है।

ग्रामीणों के अनुसार, पिछले तीन दिनों से तेंदुए की गतिविधियां लगातार देखी जा रही हैं। कई स्थानों पर उसके आने-जाने की जानकारी मिलने के बाद लोगों ने रात में अकेले बाहर निकलना काफी कम कर दिया है।

घाघरा नदी में उफान से भी बढ़ी परेशानी

कतर्नियाघाट क्षेत्र में इस समय केवल वन्यजीवों की आवाजाही ही ग्रामीणों के लिए चिंता का कारण नहीं है। घाघरा नदी में बढ़ा जलस्तर और आसपास के इलाकों में पानी का दबाव भी लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है। नदी के आसपास रहने वाले ग्रामीणों के लिए जंगली जानवरों की मौजूदगी और जलभराव जैसी परिस्थितियां एक साथ चुनौती बन रही हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि जंगल और नदी के आसपास का इलाका वन्यजीवों के लिए प्राकृतिक क्षेत्र है। बारिश और जलस्तर में बदलाव के दौरान जंगली जानवरों की गतिविधियां आबादी की ओर बढ़ने की आशंका रहती है। ऐसे में गांवों के आसपास निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत महसूस की जा रही है।

पहले भी हो चुके हैं तेंदुए के हमले

स्थानीय लोगों के अनुसार, सुजौली क्षेत्र में तेंदुए की मौजूदगी कोई नई घटना नहीं है। इससे पहले भी आसपास के गांवों में तेंदुए के हमले की घटनाएं सामने आती रही हैं। हाल के दिनों में एक घटना में बुजुर्ग दंपती समेत तीन लोग तेंदुए के हमले में घायल हुए थे।

बताया गया कि विकासखंड मिहींपुरवा के ग्राम पंचायत मंगलपुर गुलहरिया के मजरा सम्पतपुरवा में एक बुजुर्ग व्यक्ति पर तेंदुए ने हमला किया था। ग्रामीणों के मुताबिक, 61 वर्षीय बुजुर्ग अपने घर के बाहर चारपाई पर बैठे थे, तभी तेंदुए ने अचानक हमला कर दिया। उन्हें बचाने के लिए आगे आए 45 वर्षीय एक व्यक्ति और उनकी 42 वर्षीय पत्नी पर भी तेंदुए ने हमला किया। घटना में तीनों घायल हुए थे।

ग्रामीणों के शोर मचाने के बाद तेंदुआ वहां से भाग गया। इस घटना के बाद से आसपास के गांवों में वन्यजीवों की गतिविधियों को लेकर लोगों की चिंता और बढ़ गई थी।

रात में विशेष सतर्कता की अपील

लगातार सामने आ रही तेंदुए की गतिविधियों को देखते हुए ग्रामीणों से रात के समय विशेष सावधानी बरतने की अपील की जा रही है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे अनावश्यक रूप से अंधेरे में अकेले घर से बाहर न निकलें। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष रूप से सुरक्षित रखने की आवश्यकता बताई गई है।

ग्रामीणों से यह भी कहा गया है कि यदि किसी स्थान पर तेंदुआ दिखाई दे तो उसके करीब जाने या उसे घेरने की कोशिश न करें। भीड़ लगाकर वन्यजीव को परेशान करने से स्थिति गंभीर हो सकती है। ऐसी स्थिति में वन विभाग और स्थानीय प्रशासन को तत्काल सूचना देना अधिक सुरक्षित कदम है।

पशुओं को भी रात में खुले स्थानों पर छोड़ने से बचने की सलाह दी गई है। ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुए की मौजूदगी के कारण पालतू पशुओं की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी हुई है।

वन विभाग से निगरानी बढ़ाने की मांग

तेंदुए की CCTV फुटेज सामने आने के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग से टपरा बाजार और आसपास के गांवों में निगरानी बढ़ाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि रात के समय वन विभाग की टीमों की गश्त बढ़ाई जाए, ताकि तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके और आबादी वाले क्षेत्र में उसके प्रवेश की स्थिति में समय रहते कार्रवाई की जा सके।

ग्रामीणों ने बाजार और गांवों के आसपास पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करने की भी मांग की है। उनका मानना है कि अंधेरे वाले स्थानों पर वन्यजीवों की गतिविधियों का पता लगाना मुश्किल होता है। ऐसे में संवेदनशील स्थानों पर प्रकाश और निगरानी व्यवस्था उपयोगी साबित हो सकती है।

अफवाहों से बचने की जरूरत

तेंदुए की मौजूदगी को लेकर ग्रामीणों में भय स्वाभाविक है, लेकिन ऐसी परिस्थितियों में अफवाहों से बचना भी जरूरी है। किसी भी वीडियो या संदेश को बिना पुष्टि के आगे बढ़ाने से लोगों में अनावश्यक दहशत फैल सकती है। ग्रामीणों को सलाह दी गई है कि वन विभाग या स्थानीय प्रशासन से प्राप्त आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।

CCTV में तेंदुए की मौजूदगी दर्ज होने के बाद क्षेत्र में सतर्कता बढ़ाना जरूरी है, लेकिन वन्यजीव के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ या उसे पकड़ने की कोशिश आम लोगों को नहीं करनी चाहिए। प्रशिक्षित वनकर्मियों को ही ऐसी परिस्थितियों से निपटने की जिम्मेदारी दी जानी चाहिए।

ग्रामीणों में सुरक्षा को लेकर चिंता

सुजौली और आसपास के गांवों में तेंदुए की लगातार गतिविधियों ने लोगों की दिनचर्या को प्रभावित किया है। शाम के बाद ग्रामीण जरूरी काम होने पर ही बाहर निकल रहे हैं। बाजारों में भी रात के समय आवाजाही को लेकर लोग सतर्क दिखाई दे रहे हैं।

स्थानीय लोगों की सबसे बड़ी चिंता बच्चों, बुजुर्गों और खेतों या पशुओं की देखभाल के लिए बाहर जाने वाले ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर है। लोगों का कहना है कि जब तक तेंदुए की गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण नहीं होता, तब तक रात के समय अतिरिक्त सावधानी बरतना जरूरी है।

फिलहाल CCTV फुटेज सामने आने के बाद टपरा बाजार और आसपास के क्षेत्र में तेंदुए की मौजूदगी को लेकर ग्रामीणों में चर्चा तेज है। लोग वन विभाग से जल्द निगरानी बढ़ाने और तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखने की उम्मीद कर रहे हैं। क्षेत्र में नदी के बढ़ते जलस्तर और वन्यजीवों की आवाजाही को देखते हुए आने वाले दिनों में भी सतर्कता बनाए रखना जरूरी माना जा रहा है।

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सुजौली के टपरा बाजार में तेंदुए की दस्तक, CCTV में कैद हुई चहलकदमी; ग्रामीणों में बढ़ी दहशत

लेखक:हिट एंड हॉट न्यूज़ डेस्क|प्रकाशित:सितम्बर 29, 2026

अमृत पाल बहराइच

रिपोर्टर हिट एंड हॉट न्यूज़

बहराइच। कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग से सटे ग्रामीण इलाकों में इन दिनों जंगली जानवरों की आवाजाही ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। सुजौली थाना क्षेत्र के टपरा बाजार में लगातार तेंदुए की गतिविधियां सामने आने से ग्रामीणों में भय का माहौल है। बताया जा रहा है कि पिछले करीब तीन दिनों से तेंदुआ आसपास के इलाके में घूम रहा है। इसकी चहलकदमी अब CCTV कैमरे में भी रिकॉर्ड हुई है, जिसके बाद ग्रामीणों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

ग्रामीणों के मुताबिक, तेंदुआ रात के समय बस्तियों के आसपास दिखाई दे रहा है। टपरा बाजार क्षेत्र में लगे CCTV कैमरे में तेंदुए के सड़क और गलियों के आसपास घूमने की तस्वीरें सामने आई हैं। वीडियो फुटेज सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में चिंता और बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि रात में तेंदुए की मौजूदगी के कारण लोगों को घर से बाहर निकलने में डर लग रहा है।

CCTV कैमरे में कैद हुई तेंदुए की गतिविधि

सुजौली क्षेत्र में तेंदुए की लगातार मौजूदगी के बीच टपरा बाजार के पास लगे एक CCTV कैमरे में उसकी चहलकदमी रिकॉर्ड हुई। बताया गया कि फुटेज रात करीब नौ बजे का है। इसमें तेंदुआ बाजार और आसपास के रास्तों से गुजरता दिखाई देता है।

CCTV फुटेज सामने आने के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग से इलाके में निगरानी बढ़ाने की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि तेंदुआ लगातार अपना स्थान बदल रहा है और अंधेरा होने के बाद आबादी वाले क्षेत्रों के करीब पहुंच रहा है। इससे लोगों को रात के समय अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ रही है।

ग्रामीणों के अनुसार, पिछले तीन दिनों से तेंदुए की गतिविधियां लगातार देखी जा रही हैं। कई स्थानों पर उसके आने-जाने की जानकारी मिलने के बाद लोगों ने रात में अकेले बाहर निकलना काफी कम कर दिया है।

घाघरा नदी में उफान से भी बढ़ी परेशानी

कतर्नियाघाट क्षेत्र में इस समय केवल वन्यजीवों की आवाजाही ही ग्रामीणों के लिए चिंता का कारण नहीं है। घाघरा नदी में बढ़ा जलस्तर और आसपास के इलाकों में पानी का दबाव भी लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है। नदी के आसपास रहने वाले ग्रामीणों के लिए जंगली जानवरों की मौजूदगी और जलभराव जैसी परिस्थितियां एक साथ चुनौती बन रही हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि जंगल और नदी के आसपास का इलाका वन्यजीवों के लिए प्राकृतिक क्षेत्र है। बारिश और जलस्तर में बदलाव के दौरान जंगली जानवरों की गतिविधियां आबादी की ओर बढ़ने की आशंका रहती है। ऐसे में गांवों के आसपास निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत महसूस की जा रही है।

पहले भी हो चुके हैं तेंदुए के हमले

स्थानीय लोगों के अनुसार, सुजौली क्षेत्र में तेंदुए की मौजूदगी कोई नई घटना नहीं है। इससे पहले भी आसपास के गांवों में तेंदुए के हमले की घटनाएं सामने आती रही हैं। हाल के दिनों में एक घटना में बुजुर्ग दंपती समेत तीन लोग तेंदुए के हमले में घायल हुए थे।

बताया गया कि विकासखंड मिहींपुरवा के ग्राम पंचायत मंगलपुर गुलहरिया के मजरा सम्पतपुरवा में एक बुजुर्ग व्यक्ति पर तेंदुए ने हमला किया था। ग्रामीणों के मुताबिक, 61 वर्षीय बुजुर्ग अपने घर के बाहर चारपाई पर बैठे थे, तभी तेंदुए ने अचानक हमला कर दिया। उन्हें बचाने के लिए आगे आए 45 वर्षीय एक व्यक्ति और उनकी 42 वर्षीय पत्नी पर भी तेंदुए ने हमला किया। घटना में तीनों घायल हुए थे।

ग्रामीणों के शोर मचाने के बाद तेंदुआ वहां से भाग गया। इस घटना के बाद से आसपास के गांवों में वन्यजीवों की गतिविधियों को लेकर लोगों की चिंता और बढ़ गई थी।

रात में विशेष सतर्कता की अपील

लगातार सामने आ रही तेंदुए की गतिविधियों को देखते हुए ग्रामीणों से रात के समय विशेष सावधानी बरतने की अपील की जा रही है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे अनावश्यक रूप से अंधेरे में अकेले घर से बाहर न निकलें। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष रूप से सुरक्षित रखने की आवश्यकता बताई गई है।

ग्रामीणों से यह भी कहा गया है कि यदि किसी स्थान पर तेंदुआ दिखाई दे तो उसके करीब जाने या उसे घेरने की कोशिश न करें। भीड़ लगाकर वन्यजीव को परेशान करने से स्थिति गंभीर हो सकती है। ऐसी स्थिति में वन विभाग और स्थानीय प्रशासन को तत्काल सूचना देना अधिक सुरक्षित कदम है।

पशुओं को भी रात में खुले स्थानों पर छोड़ने से बचने की सलाह दी गई है। ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुए की मौजूदगी के कारण पालतू पशुओं की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी हुई है।

वन विभाग से निगरानी बढ़ाने की मांग

तेंदुए की CCTV फुटेज सामने आने के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग से टपरा बाजार और आसपास के गांवों में निगरानी बढ़ाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि रात के समय वन विभाग की टीमों की गश्त बढ़ाई जाए, ताकि तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके और आबादी वाले क्षेत्र में उसके प्रवेश की स्थिति में समय रहते कार्रवाई की जा सके।

ग्रामीणों ने बाजार और गांवों के आसपास पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करने की भी मांग की है। उनका मानना है कि अंधेरे वाले स्थानों पर वन्यजीवों की गतिविधियों का पता लगाना मुश्किल होता है। ऐसे में संवेदनशील स्थानों पर प्रकाश और निगरानी व्यवस्था उपयोगी साबित हो सकती है।

अफवाहों से बचने की जरूरत

तेंदुए की मौजूदगी को लेकर ग्रामीणों में भय स्वाभाविक है, लेकिन ऐसी परिस्थितियों में अफवाहों से बचना भी जरूरी है। किसी भी वीडियो या संदेश को बिना पुष्टि के आगे बढ़ाने से लोगों में अनावश्यक दहशत फैल सकती है। ग्रामीणों को सलाह दी गई है कि वन विभाग या स्थानीय प्रशासन से प्राप्त आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।

CCTV में तेंदुए की मौजूदगी दर्ज होने के बाद क्षेत्र में सतर्कता बढ़ाना जरूरी है, लेकिन वन्यजीव के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ या उसे पकड़ने की कोशिश आम लोगों को नहीं करनी चाहिए। प्रशिक्षित वनकर्मियों को ही ऐसी परिस्थितियों से निपटने की जिम्मेदारी दी जानी चाहिए।

ग्रामीणों में सुरक्षा को लेकर चिंता

सुजौली और आसपास के गांवों में तेंदुए की लगातार गतिविधियों ने लोगों की दिनचर्या को प्रभावित किया है। शाम के बाद ग्रामीण जरूरी काम होने पर ही बाहर निकल रहे हैं। बाजारों में भी रात के समय आवाजाही को लेकर लोग सतर्क दिखाई दे रहे हैं।

स्थानीय लोगों की सबसे बड़ी चिंता बच्चों, बुजुर्गों और खेतों या पशुओं की देखभाल के लिए बाहर जाने वाले ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर है। लोगों का कहना है कि जब तक तेंदुए की गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण नहीं होता, तब तक रात के समय अतिरिक्त सावधानी बरतना जरूरी है।

फिलहाल CCTV फुटेज सामने आने के बाद टपरा बाजार और आसपास के क्षेत्र में तेंदुए की मौजूदगी को लेकर ग्रामीणों में चर्चा तेज है। लोग वन विभाग से जल्द निगरानी बढ़ाने और तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखने की उम्मीद कर रहे हैं। क्षेत्र में नदी के बढ़ते जलस्तर और वन्यजीवों की आवाजाही को देखते हुए आने वाले दिनों में भी सतर्कता बनाए रखना जरूरी माना जा रहा है।