मुजफ्फरनगर में किसान प्रवीण हत्याकांड का खुलासा, पत्नी और कथित प्रेमी समेत चार गिरफ्तार

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मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में किसान प्रवीण उर्फ परविंदर की हत्या के मामले ने पुलिस जांच के दौरान नया मोड़ ले लिया। रतनपुरी थाना क्षेत्र के अंबरपुर गांव के जंगल में 27 सितंबर को गोली लगने से प्रवीण की मौत हुई थी। शुरुआती तौर पर मामला अज्ञात हमलावरों द्वारा की गई हत्या का नजर आ रहा था, लेकिन पुलिस की जांच आगे बढ़ने के बाद कथित तौर पर पारिवारिक रिश्तों और आपसी संबंधों से जुड़ी साजिश सामने आई।

AI Generated photo

पुलिस का दावा है कि इस हत्याकांड की योजना मृतक की पत्नी रेखा ने अपने कथित प्रेमी विकास के साथ मिलकर बनाई थी। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने रेखा, विकास, राजा उर्फ काला और कल्याण सिंह को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, चारों से पूछताछ और बरामदगी के आधार पर मामले की आगे जांच की जा रही है।

अंबरपुर के जंगल में मिला था किसान का शव

27 सितंबर को अंबरपुर क्षेत्र के जंगल में प्रवीण का शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया था। सूचना मिलने पर रतनपुरी पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, पोस्टमार्टम में प्रवीण के शरीर पर गोली लगने की पुष्टि हुई थी।

घटना के बाद पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती हमलावरों की पहचान और हत्या के पीछे की वजह का पता लगाना था। शुरुआत में पुलिस ने घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों को जुटाया और मृतक के संपर्क में रहने वाले लोगों के बारे में जानकारी एकत्र की।

मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने रतनपुरी पुलिस के साथ एसओजी और सर्विलांस टीम को भी जांच में लगाया। पुलिस का कहना है कि तकनीकी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया गया और करीब 60 घंटे के भीतर मामले का खुलासा कर दिया गया।

पत्नी और कथित प्रेमी पर साजिश का आरोप

पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान प्रवीण की पत्नी रेखा और विकास के बीच कथित संबंधों की जानकारी सामने आई। पुलिस का दावा है कि दोनों के बीच संबंध थे और प्रवीण को इस बारे में जानकारी होने के बाद विवाद की स्थिति बनी।

जांच एजेंसियों के अनुसार, इसी परिस्थिति के बाद कथित तौर पर प्रवीण को रास्ते से हटाने की योजना बनाई गई। पुलिस ने बताया कि हत्या के बदले बड़ी रकम देने की बात सामने आई थी और इसके लिए जमीन बेचकर धन जुटाने की योजना का भी दावा किया गया है।

कुछ शुरुआती सूचनाओं में हत्या की रकम को लेकर अलग-अलग आंकड़े सामने आए थे, लेकिन बाद की पुलिस-आधारित रिपोर्टों में 10 लाख रुपये की रकम का उल्लेख किया गया है। इसलिए इस रकम को पुलिस जांच में सामने आए कथित सौदे के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

राजा और कल्याण सिंह की भूमिका भी सामने आई

पुलिस के मुताबिक, विकास ने कथित तौर पर राजा उर्फ काला और कल्याण सिंह को इस योजना में शामिल किया। जांच में प्रवीण और राजा के बीच पैसों के लेनदेन का पहलू भी सामने आने की बात कही गई है।

पुलिस का दावा है कि वारदात वाले दिन प्रवीण को अंबरपुर के जंगल की ओर बुलाया गया। वहां पहुंचने के बाद उस पर हमला किया गया और उसकी मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी मौके से चले गए।

जांच में एक अन्य महत्वपूर्ण बात यह सामने आने की बात कही गई है कि प्रवीण को जंगल में बुलाने के लिए एक नए मोबाइल नंबर का इस्तेमाल किया गया था। पुलिस ने इस पहलू की भी पड़ताल की और मोबाइल से जुड़े साक्ष्यों को जांच का हिस्सा बनाया।

60 घंटे में पुलिस ने किया खुलासा

हत्या के बाद पुलिस टीमों ने घटनास्थल से मिले सुरागों के साथ मृतक के परिचितों, संपर्कों और घटना से पहले की गतिविधियों की जांच की। एसओजी और सर्विलांस टीम की मदद से संदिग्ध लोगों की गतिविधियों को खंगाला गया।

मुजफ्फरनगर पुलिस के मुताबिक, इसी जांच के आधार पर करीब 60 घंटे में चारों आरोपियों तक पहुंच बनाई गई। गिरफ्तार किए गए लोगों में मृतक की पत्नी रेखा, उसका कथित प्रेमी विकास, राजा उर्फ काला और कल्याण सिंह उर्फ कल्लू शामिल हैं।

पुलिस ने कई साक्ष्य बरामद करने का दावा किया

पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर घटना से जुड़े कई सामान बरामद करने की जानकारी दी है। इनमें दो अवैध हथियार, कारतूस, मोबाइल फोन, एक स्विफ्ट कार और मृतक की मोटरसाइकिल शामिल होने की बात रिपोर्टों में कही गई है।

पुलिस के अनुसार, बरामद सामान को जांच का हिस्सा बनाया गया है और इनकी फोरेंसिक तथा कानूनी प्रक्रिया के तहत जांच की जा रही है। हथियारों से संबंधित प्रावधान भी मामले में जोड़े गए हैं।

परिवार और गांव में चर्चा का विषय बना मामला

प्रवीण की हत्या के बाद क्षेत्र में पहले ही चिंता का माहौल था। लेकिन जांच में परिवार से जुड़े लोगों के नाम सामने आने के बाद मामला और अधिक चर्चा में आ गया। किसी करीबी व्यक्ति पर हत्या की साजिश में शामिल होने का आरोप लगना जांच के लिए भी महत्वपूर्ण पहलू बना।

हालांकि पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन अदालत में मामले की सुनवाई और साक्ष्यों के परीक्षण के बाद ही आरोपों पर अंतिम कानूनी निष्कर्ष सामने आएगा। गिरफ्तार किए गए लोगों के खिलाफ पुलिस की ओर से आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

जांच में आगे क्या होगा?

अब जांच का अगला चरण बरामद साक्ष्यों, मोबाइल रिकॉर्ड, घटनास्थल से जुड़े वैज्ञानिक साक्ष्यों और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर मामले की कड़ियों को मजबूत करना होगा। पुलिस यह भी देखेगी कि हत्या की योजना कब और कैसे बनी, इसमें किसकी क्या भूमिका थी और घटना से पहले तथा बाद में आरोपियों की गतिविधियां क्या थीं।

मुजफ्फरनगर पुलिस द्वारा 60 घंटे के भीतर मामले का खुलासा किए जाने का दावा किया गया है। अब पूरे मामले में आरोपों को अदालत में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर साबित करना महत्वपूर्ण होगा।

प्रवीण हत्याकांड ने यह भी दिखाया कि किसी गंभीर अपराध की जांच में शुरुआती घटनाक्रम से आगे बढ़कर आपसी संबंधों, आर्थिक विवादों और तकनीकी साक्ष्यों की पड़ताल कितनी अहम हो सकती है। फिलहाल पुलिस ने चार आरोपियों की गिरफ्तारी और कई महत्वपूर्ण साक्ष्यों की बरामदगी की जानकारी दी है। मामले की आगे की जांच और न्यायिक प्रक्रिया से ही हत्याकांड की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।

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मुजफ्फरनगर में किसान प्रवीण हत्याकांड का खुलासा, पत्नी और कथित प्रेमी समेत चार गिरफ्तार

लेखक:हिट एंड हॉट न्यूज़ डेस्क|प्रकाशित:अक्टूबर 1, 2026

मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में किसान प्रवीण उर्फ परविंदर की हत्या के मामले ने पुलिस जांच के दौरान नया मोड़ ले लिया। रतनपुरी थाना क्षेत्र के अंबरपुर गांव के जंगल में 27 सितंबर को गोली लगने से प्रवीण की मौत हुई थी। शुरुआती तौर पर मामला अज्ञात हमलावरों द्वारा की गई हत्या का नजर आ रहा था, लेकिन पुलिस की जांच आगे बढ़ने के बाद कथित तौर पर पारिवारिक रिश्तों और आपसी संबंधों से जुड़ी साजिश सामने आई।

AI Generated photo

पुलिस का दावा है कि इस हत्याकांड की योजना मृतक की पत्नी रेखा ने अपने कथित प्रेमी विकास के साथ मिलकर बनाई थी। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने रेखा, विकास, राजा उर्फ काला और कल्याण सिंह को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, चारों से पूछताछ और बरामदगी के आधार पर मामले की आगे जांच की जा रही है।

अंबरपुर के जंगल में मिला था किसान का शव

27 सितंबर को अंबरपुर क्षेत्र के जंगल में प्रवीण का शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया था। सूचना मिलने पर रतनपुरी पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, पोस्टमार्टम में प्रवीण के शरीर पर गोली लगने की पुष्टि हुई थी।

घटना के बाद पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती हमलावरों की पहचान और हत्या के पीछे की वजह का पता लगाना था। शुरुआत में पुलिस ने घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों को जुटाया और मृतक के संपर्क में रहने वाले लोगों के बारे में जानकारी एकत्र की।

मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने रतनपुरी पुलिस के साथ एसओजी और सर्विलांस टीम को भी जांच में लगाया। पुलिस का कहना है कि तकनीकी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया गया और करीब 60 घंटे के भीतर मामले का खुलासा कर दिया गया।

पत्नी और कथित प्रेमी पर साजिश का आरोप

पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान प्रवीण की पत्नी रेखा और विकास के बीच कथित संबंधों की जानकारी सामने आई। पुलिस का दावा है कि दोनों के बीच संबंध थे और प्रवीण को इस बारे में जानकारी होने के बाद विवाद की स्थिति बनी।

जांच एजेंसियों के अनुसार, इसी परिस्थिति के बाद कथित तौर पर प्रवीण को रास्ते से हटाने की योजना बनाई गई। पुलिस ने बताया कि हत्या के बदले बड़ी रकम देने की बात सामने आई थी और इसके लिए जमीन बेचकर धन जुटाने की योजना का भी दावा किया गया है।

कुछ शुरुआती सूचनाओं में हत्या की रकम को लेकर अलग-अलग आंकड़े सामने आए थे, लेकिन बाद की पुलिस-आधारित रिपोर्टों में 10 लाख रुपये की रकम का उल्लेख किया गया है। इसलिए इस रकम को पुलिस जांच में सामने आए कथित सौदे के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

राजा और कल्याण सिंह की भूमिका भी सामने आई

पुलिस के मुताबिक, विकास ने कथित तौर पर राजा उर्फ काला और कल्याण सिंह को इस योजना में शामिल किया। जांच में प्रवीण और राजा के बीच पैसों के लेनदेन का पहलू भी सामने आने की बात कही गई है।

पुलिस का दावा है कि वारदात वाले दिन प्रवीण को अंबरपुर के जंगल की ओर बुलाया गया। वहां पहुंचने के बाद उस पर हमला किया गया और उसकी मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी मौके से चले गए।

जांच में एक अन्य महत्वपूर्ण बात यह सामने आने की बात कही गई है कि प्रवीण को जंगल में बुलाने के लिए एक नए मोबाइल नंबर का इस्तेमाल किया गया था। पुलिस ने इस पहलू की भी पड़ताल की और मोबाइल से जुड़े साक्ष्यों को जांच का हिस्सा बनाया।

60 घंटे में पुलिस ने किया खुलासा

हत्या के बाद पुलिस टीमों ने घटनास्थल से मिले सुरागों के साथ मृतक के परिचितों, संपर्कों और घटना से पहले की गतिविधियों की जांच की। एसओजी और सर्विलांस टीम की मदद से संदिग्ध लोगों की गतिविधियों को खंगाला गया।

मुजफ्फरनगर पुलिस के मुताबिक, इसी जांच के आधार पर करीब 60 घंटे में चारों आरोपियों तक पहुंच बनाई गई। गिरफ्तार किए गए लोगों में मृतक की पत्नी रेखा, उसका कथित प्रेमी विकास, राजा उर्फ काला और कल्याण सिंह उर्फ कल्लू शामिल हैं।

पुलिस ने कई साक्ष्य बरामद करने का दावा किया

पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर घटना से जुड़े कई सामान बरामद करने की जानकारी दी है। इनमें दो अवैध हथियार, कारतूस, मोबाइल फोन, एक स्विफ्ट कार और मृतक की मोटरसाइकिल शामिल होने की बात रिपोर्टों में कही गई है।

पुलिस के अनुसार, बरामद सामान को जांच का हिस्सा बनाया गया है और इनकी फोरेंसिक तथा कानूनी प्रक्रिया के तहत जांच की जा रही है। हथियारों से संबंधित प्रावधान भी मामले में जोड़े गए हैं।

परिवार और गांव में चर्चा का विषय बना मामला

प्रवीण की हत्या के बाद क्षेत्र में पहले ही चिंता का माहौल था। लेकिन जांच में परिवार से जुड़े लोगों के नाम सामने आने के बाद मामला और अधिक चर्चा में आ गया। किसी करीबी व्यक्ति पर हत्या की साजिश में शामिल होने का आरोप लगना जांच के लिए भी महत्वपूर्ण पहलू बना।

हालांकि पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन अदालत में मामले की सुनवाई और साक्ष्यों के परीक्षण के बाद ही आरोपों पर अंतिम कानूनी निष्कर्ष सामने आएगा। गिरफ्तार किए गए लोगों के खिलाफ पुलिस की ओर से आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

जांच में आगे क्या होगा?

अब जांच का अगला चरण बरामद साक्ष्यों, मोबाइल रिकॉर्ड, घटनास्थल से जुड़े वैज्ञानिक साक्ष्यों और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर मामले की कड़ियों को मजबूत करना होगा। पुलिस यह भी देखेगी कि हत्या की योजना कब और कैसे बनी, इसमें किसकी क्या भूमिका थी और घटना से पहले तथा बाद में आरोपियों की गतिविधियां क्या थीं।

मुजफ्फरनगर पुलिस द्वारा 60 घंटे के भीतर मामले का खुलासा किए जाने का दावा किया गया है। अब पूरे मामले में आरोपों को अदालत में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर साबित करना महत्वपूर्ण होगा।

प्रवीण हत्याकांड ने यह भी दिखाया कि किसी गंभीर अपराध की जांच में शुरुआती घटनाक्रम से आगे बढ़कर आपसी संबंधों, आर्थिक विवादों और तकनीकी साक्ष्यों की पड़ताल कितनी अहम हो सकती है। फिलहाल पुलिस ने चार आरोपियों की गिरफ्तारी और कई महत्वपूर्ण साक्ष्यों की बरामदगी की जानकारी दी है। मामले की आगे की जांच और न्यायिक प्रक्रिया से ही हत्याकांड की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।