पैक्ड मिठाइयों पर अब निर्माण और अवसान तिथि लिखना जरूरी, खाद्य सुरक्षा विभाग ने तेज की निगरानी

0

अरुण कुमार मिश्रा

हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ जालौन

उरई, 28 सितंबर। त्योहारी और सामान्य दिनों में पैक्ड मिठाइयों की खरीदारी करने वाले उपभोक्ताओं के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। अब पैक करके बेची जाने वाली मिठाइयों पर उनके निर्माण की तारीख के साथ-साथ अवसान यानी एक्सपायरी अथवा ‘यूज बाई’ तिथि स्पष्ट रूप से अंकित करना जरूरी होगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य उपभोक्ताओं को खाद्य पदार्थ की उपयोग अवधि के संबंध में सही जानकारी उपलब्ध कराना और उन्हें खराब या निर्धारित अवधि से अधिक पुराने खाद्य पदार्थ के सेवन से बचाना है।

खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिठाई विक्रेताओं को निर्देश दिया है कि पैक्ड मिठाइयों की पैकिंग पर आवश्यक तिथियों की जानकारी स्पष्ट तरीके से दी जाए। विभाग का कहना है कि उपभोक्ता जब किसी पैक्ड मिठाई को खरीदता है तो उसके लिए यह जानना महत्वपूर्ण है कि उत्पाद कब तैयार किया गया और उसे कितने समय के भीतर इस्तेमाल किया जाना चाहिए। जानकारी उपलब्ध होने से ग्राहक खरीदारी के समय अधिक सावधानी बरत सकता है।

निरीक्षण के दौरान सामने आती रही है तिथि संबंधी कमी

सहायक आयुक्त द्वितीय खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन डॉ. सीआर प्रजापति ने बताया कि आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तर प्रदेश डॉ. रोशन जैकब के निर्देशों के तहत यह व्यवस्था लागू की गई है। उन्होंने कहा कि खाद्य प्रतिष्ठानों के निरीक्षण के दौरान कई बार ऐसी पैक्ड मिठाइयां सामने आती हैं, जिन पर निर्माण की तारीख अथवा उत्पाद के इस्तेमाल की अंतिम तिथि स्पष्ट रूप से उपलब्ध नहीं होती।

ऐसी स्थिति में ग्राहक के लिए यह निर्धारित करना कठिन हो जाता है कि मिठाई कितनी पुरानी है और उसे खाना सुरक्षित है या नहीं। विभाग ने इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए विक्रेताओं को पैक्ड मिठाइयों पर आवश्यक तिथियां अंकित करने के निर्देश दिए हैं।

खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता समय के साथ बदल सकती है। विशेष रूप से दूध, खोया, क्रीम और अन्य जल्दी खराब होने वाले पदार्थों से तैयार मिठाइयों को निर्धारित अवधि के भीतर इस्तेमाल किया जाना आवश्यक होता है। इसलिए उत्पाद की उपयोग अवधि से जुड़ी जानकारी उपभोक्ता तक पहुंचाना खाद्य सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना गया है।

मिठाइयों की उपयोग अवधि अलग-अलग हो सकती है

विभाग के अनुसार सभी प्रकार की मिठाइयों की शेल्फ लाइफ एक जैसी नहीं होती। मिठाई की प्रकृति, उसमें इस्तेमाल होने वाली सामग्री, निर्माण प्रक्रिया, पैकेजिंग और भंडारण की स्थिति के आधार पर उसकी उपयोग अवधि अलग हो सकती है। कुछ मिठाइयां अपेक्षाकृत कम समय में खराब हो सकती हैं, जबकि कुछ पैक्ड उत्पाद निर्धारित परिस्थितियों में अधिक समय तक उपयोग योग्य रह सकते हैं।

खाद्य सुरक्षा विभाग के मुताबिक मिठाइयों की उपयोग अवधि सामान्य तौर पर एक दिन से लेकर 30 दिन तक हो सकती है। समय गुजरने के साथ खाद्य पदार्थ की ताजगी और गुणवत्ता प्रभावित होने की संभावना रहती है। इसलिए पैक्ड मिठाई पर उपयोग की अंतिम तारीख दर्ज होना उपभोक्ता के लिए उपयोगी जानकारी है।

विभाग का जोर इस बात पर है कि ग्राहक को उत्पाद खरीदते समय उसकी स्थिति और लेबल पर दी गई जानकारी देखने का अवसर मिले। इससे उपभोक्ता अपनी जरूरत और उपयोग अवधि को ध्यान में रखते हुए खाद्य पदार्थ खरीद सकता है।

खुली मिठाइयों पर लागू नहीं होगी यह व्यवस्था

खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्माण और अवसान तिथि अंकित करने की यह अनिवार्यता पैक्ड मिठाइयों के लिए है। खुली अवस्था में बिक्री की जाने वाली मिठाइयों के संबंध में इस प्रकार की पैकिंग तिथि संबंधी अनिवार्यता नहीं बताई गई है।

हालांकि, खुले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत निरीक्षण और निगरानी की प्रक्रिया जारी रहती है। दुकानदारों से भी अपेक्षा की गई है कि वे खाद्य पदार्थों को स्वच्छ वातावरण में रखें और ग्राहकों को गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराएं।

नियमों के अनुपालन की होगी जांच

सहायक आयुक्त डॉ. सीआर प्रजापति ने जिले के मिठाई विक्रेताओं से पैक्ड मिठाइयों पर निर्माण तिथि और अवसान तिथि अंकित करने के निर्देशों का पालन करने को कहा है। विभाग की ओर से जल्द ही विशेष अभियान चलाकर दुकानों और प्रतिष्ठानों की जांच की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान यह देखा जाएगा कि पैक्ड मिठाइयों पर आवश्यक विवरण निर्धारित तरीके से दर्ज है या नहीं। नियमों का पालन नहीं करने वाले प्रतिष्ठानों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा कानून के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

विभाग के इस अभियान का एक प्रमुख उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि खाद्य कारोबारियों को नियमों के प्रति जागरूक करना भी है। अधिकारियों का कहना है कि दुकानदारों को चाहिए कि वे पैक्ड खाद्य पदार्थों की लेबलिंग और अन्य निर्धारित मानकों का पालन करें, ताकि उपभोक्ताओं को उत्पाद से संबंधित जरूरी जानकारी आसानी से मिल सके।

कोंच में खाद्य पदार्थों के दो नमूने लिए गए

इसी क्रम में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने 28 सितंबर को तहसील कोंच क्षेत्र में खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। अभियान के दौरान अलग-अलग दुकानों से खाद्य पदार्थों के नमूने संग्रहित किए गए।

टीम ने केलरगंज स्थित श्री गणेश ट्रेडिंग कंपनी से बेसन का नमूना लिया। इसके अलावा सुभाष नगर, कोंच स्थित सौरभ शिवहरे की किराना दुकान से चना दाल का नमूना संग्रहित किया गया।

दोनों नमूनों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत जांच के लिए संबंधित प्रयोगशाला भेज दिया गया है। अब प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के संबंध में स्थिति स्पष्ट होगी। रिपोर्ट में यदि किसी प्रकार की कमी या नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो उसके आधार पर नियमानुसार आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

खाद्य कारोबारियों को सतर्क रहने की जरूरत

खाद्य सुरक्षा विभाग के लगातार चल रहे निरीक्षण अभियानों के बीच खाद्य कारोबारियों के लिए भी नियमों का पालन करना महत्वपूर्ण हो गया है। पैक्ड खाद्य पदार्थों के संबंध में लेबलिंग, निर्माण तिथि और उपयोग की अंतिम तिथि जैसी जानकारियां उपभोक्ता के हित से सीधे जुड़ी होती हैं।

मिठाई विक्रेताओं से विशेष रूप से कहा गया है कि पैक्ड मिठाइयों की बिक्री करते समय यह सुनिश्चित करें कि पैकेट पर आवश्यक जानकारी स्पष्ट रूप से मौजूद हो। इससे ग्राहक को खरीदारी के समय उत्पाद की उपयोग अवधि का पता चल सकेगा और खाद्य पदार्थ के संबंध में निर्णय लेना आसान होगा।

वहीं, उपभोक्ताओं के लिए भी यह व्यवस्था जागरूकता बढ़ाने वाली है। पैक्ड मिठाई खरीदते समय निर्माण तिथि, अवसान या ‘यूज बाई’ डेट तथा पैकेज पर उपलब्ध अन्य आवश्यक विवरणों को देखना उपयोगी रहेगा।

टीम में ये अधिकारी रहे शामिल

कोंच में चलाए गए जांच अभियान के दौरान मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी विनोद कुमार राय तथा खाद्य सुरक्षा अधिकारी झनकार सिंह टीम का हिस्सा रहे। अधिकारियों ने खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार खाद्य नमूने एकत्र किए।

खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से आने वाले दिनों में भी निरीक्षण अभियान जारी रहने की संभावना है। विभाग का फोकस खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, पैकेजिंग और उपभोक्ता हित से जुड़े नियमों के अनुपालन पर रहेगा।

पैक्ड मिठाइयों पर निर्माण और अवसान तिथि की जानकारी अनिवार्य किए जाने से उपभोक्ताओं को खरीदारी के समय अधिक पारदर्शी जानकारी उपलब्ध होगी। वहीं, खाद्य कारोबारियों के लिए यह निर्देश अपने उत्पादों की पैकिंग और लेबलिंग को निर्धारित मानकों के अनुरूप रखने की जिम्मेदारी को और स्पष्ट करता है।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

इन्हे भी देखें

ताज़ा खबरें • ब्रेकिंग न्यूज़ • नेशनल और इंटरनेशनल अपडेट

पैक्ड मिठाइयों पर अब निर्माण और अवसान तिथि लिखना जरूरी, खाद्य सुरक्षा विभाग ने तेज की निगरानी

लेखक:हिट एंड हॉट न्यूज़ डेस्क|प्रकाशित:सितम्बर 28, 2026

अरुण कुमार मिश्रा

हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ जालौन

उरई, 28 सितंबर। त्योहारी और सामान्य दिनों में पैक्ड मिठाइयों की खरीदारी करने वाले उपभोक्ताओं के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। अब पैक करके बेची जाने वाली मिठाइयों पर उनके निर्माण की तारीख के साथ-साथ अवसान यानी एक्सपायरी अथवा ‘यूज बाई’ तिथि स्पष्ट रूप से अंकित करना जरूरी होगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य उपभोक्ताओं को खाद्य पदार्थ की उपयोग अवधि के संबंध में सही जानकारी उपलब्ध कराना और उन्हें खराब या निर्धारित अवधि से अधिक पुराने खाद्य पदार्थ के सेवन से बचाना है।

खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिठाई विक्रेताओं को निर्देश दिया है कि पैक्ड मिठाइयों की पैकिंग पर आवश्यक तिथियों की जानकारी स्पष्ट तरीके से दी जाए। विभाग का कहना है कि उपभोक्ता जब किसी पैक्ड मिठाई को खरीदता है तो उसके लिए यह जानना महत्वपूर्ण है कि उत्पाद कब तैयार किया गया और उसे कितने समय के भीतर इस्तेमाल किया जाना चाहिए। जानकारी उपलब्ध होने से ग्राहक खरीदारी के समय अधिक सावधानी बरत सकता है।

निरीक्षण के दौरान सामने आती रही है तिथि संबंधी कमी

सहायक आयुक्त द्वितीय खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन डॉ. सीआर प्रजापति ने बताया कि आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तर प्रदेश डॉ. रोशन जैकब के निर्देशों के तहत यह व्यवस्था लागू की गई है। उन्होंने कहा कि खाद्य प्रतिष्ठानों के निरीक्षण के दौरान कई बार ऐसी पैक्ड मिठाइयां सामने आती हैं, जिन पर निर्माण की तारीख अथवा उत्पाद के इस्तेमाल की अंतिम तिथि स्पष्ट रूप से उपलब्ध नहीं होती।

ऐसी स्थिति में ग्राहक के लिए यह निर्धारित करना कठिन हो जाता है कि मिठाई कितनी पुरानी है और उसे खाना सुरक्षित है या नहीं। विभाग ने इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए विक्रेताओं को पैक्ड मिठाइयों पर आवश्यक तिथियां अंकित करने के निर्देश दिए हैं।

खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता समय के साथ बदल सकती है। विशेष रूप से दूध, खोया, क्रीम और अन्य जल्दी खराब होने वाले पदार्थों से तैयार मिठाइयों को निर्धारित अवधि के भीतर इस्तेमाल किया जाना आवश्यक होता है। इसलिए उत्पाद की उपयोग अवधि से जुड़ी जानकारी उपभोक्ता तक पहुंचाना खाद्य सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना गया है।

मिठाइयों की उपयोग अवधि अलग-अलग हो सकती है

विभाग के अनुसार सभी प्रकार की मिठाइयों की शेल्फ लाइफ एक जैसी नहीं होती। मिठाई की प्रकृति, उसमें इस्तेमाल होने वाली सामग्री, निर्माण प्रक्रिया, पैकेजिंग और भंडारण की स्थिति के आधार पर उसकी उपयोग अवधि अलग हो सकती है। कुछ मिठाइयां अपेक्षाकृत कम समय में खराब हो सकती हैं, जबकि कुछ पैक्ड उत्पाद निर्धारित परिस्थितियों में अधिक समय तक उपयोग योग्य रह सकते हैं।

खाद्य सुरक्षा विभाग के मुताबिक मिठाइयों की उपयोग अवधि सामान्य तौर पर एक दिन से लेकर 30 दिन तक हो सकती है। समय गुजरने के साथ खाद्य पदार्थ की ताजगी और गुणवत्ता प्रभावित होने की संभावना रहती है। इसलिए पैक्ड मिठाई पर उपयोग की अंतिम तारीख दर्ज होना उपभोक्ता के लिए उपयोगी जानकारी है।

विभाग का जोर इस बात पर है कि ग्राहक को उत्पाद खरीदते समय उसकी स्थिति और लेबल पर दी गई जानकारी देखने का अवसर मिले। इससे उपभोक्ता अपनी जरूरत और उपयोग अवधि को ध्यान में रखते हुए खाद्य पदार्थ खरीद सकता है।

खुली मिठाइयों पर लागू नहीं होगी यह व्यवस्था

खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्माण और अवसान तिथि अंकित करने की यह अनिवार्यता पैक्ड मिठाइयों के लिए है। खुली अवस्था में बिक्री की जाने वाली मिठाइयों के संबंध में इस प्रकार की पैकिंग तिथि संबंधी अनिवार्यता नहीं बताई गई है।

हालांकि, खुले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत निरीक्षण और निगरानी की प्रक्रिया जारी रहती है। दुकानदारों से भी अपेक्षा की गई है कि वे खाद्य पदार्थों को स्वच्छ वातावरण में रखें और ग्राहकों को गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराएं।

नियमों के अनुपालन की होगी जांच

सहायक आयुक्त डॉ. सीआर प्रजापति ने जिले के मिठाई विक्रेताओं से पैक्ड मिठाइयों पर निर्माण तिथि और अवसान तिथि अंकित करने के निर्देशों का पालन करने को कहा है। विभाग की ओर से जल्द ही विशेष अभियान चलाकर दुकानों और प्रतिष्ठानों की जांच की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान यह देखा जाएगा कि पैक्ड मिठाइयों पर आवश्यक विवरण निर्धारित तरीके से दर्ज है या नहीं। नियमों का पालन नहीं करने वाले प्रतिष्ठानों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा कानून के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

विभाग के इस अभियान का एक प्रमुख उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि खाद्य कारोबारियों को नियमों के प्रति जागरूक करना भी है। अधिकारियों का कहना है कि दुकानदारों को चाहिए कि वे पैक्ड खाद्य पदार्थों की लेबलिंग और अन्य निर्धारित मानकों का पालन करें, ताकि उपभोक्ताओं को उत्पाद से संबंधित जरूरी जानकारी आसानी से मिल सके।

कोंच में खाद्य पदार्थों के दो नमूने लिए गए

इसी क्रम में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने 28 सितंबर को तहसील कोंच क्षेत्र में खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। अभियान के दौरान अलग-अलग दुकानों से खाद्य पदार्थों के नमूने संग्रहित किए गए।

टीम ने केलरगंज स्थित श्री गणेश ट्रेडिंग कंपनी से बेसन का नमूना लिया। इसके अलावा सुभाष नगर, कोंच स्थित सौरभ शिवहरे की किराना दुकान से चना दाल का नमूना संग्रहित किया गया।

दोनों नमूनों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत जांच के लिए संबंधित प्रयोगशाला भेज दिया गया है। अब प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के संबंध में स्थिति स्पष्ट होगी। रिपोर्ट में यदि किसी प्रकार की कमी या नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो उसके आधार पर नियमानुसार आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

खाद्य कारोबारियों को सतर्क रहने की जरूरत

खाद्य सुरक्षा विभाग के लगातार चल रहे निरीक्षण अभियानों के बीच खाद्य कारोबारियों के लिए भी नियमों का पालन करना महत्वपूर्ण हो गया है। पैक्ड खाद्य पदार्थों के संबंध में लेबलिंग, निर्माण तिथि और उपयोग की अंतिम तिथि जैसी जानकारियां उपभोक्ता के हित से सीधे जुड़ी होती हैं।

मिठाई विक्रेताओं से विशेष रूप से कहा गया है कि पैक्ड मिठाइयों की बिक्री करते समय यह सुनिश्चित करें कि पैकेट पर आवश्यक जानकारी स्पष्ट रूप से मौजूद हो। इससे ग्राहक को खरीदारी के समय उत्पाद की उपयोग अवधि का पता चल सकेगा और खाद्य पदार्थ के संबंध में निर्णय लेना आसान होगा।

वहीं, उपभोक्ताओं के लिए भी यह व्यवस्था जागरूकता बढ़ाने वाली है। पैक्ड मिठाई खरीदते समय निर्माण तिथि, अवसान या ‘यूज बाई’ डेट तथा पैकेज पर उपलब्ध अन्य आवश्यक विवरणों को देखना उपयोगी रहेगा।

टीम में ये अधिकारी रहे शामिल

कोंच में चलाए गए जांच अभियान के दौरान मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी विनोद कुमार राय तथा खाद्य सुरक्षा अधिकारी झनकार सिंह टीम का हिस्सा रहे। अधिकारियों ने खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार खाद्य नमूने एकत्र किए।

खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से आने वाले दिनों में भी निरीक्षण अभियान जारी रहने की संभावना है। विभाग का फोकस खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, पैकेजिंग और उपभोक्ता हित से जुड़े नियमों के अनुपालन पर रहेगा।

पैक्ड मिठाइयों पर निर्माण और अवसान तिथि की जानकारी अनिवार्य किए जाने से उपभोक्ताओं को खरीदारी के समय अधिक पारदर्शी जानकारी उपलब्ध होगी। वहीं, खाद्य कारोबारियों के लिए यह निर्देश अपने उत्पादों की पैकिंग और लेबलिंग को निर्धारित मानकों के अनुरूप रखने की जिम्मेदारी को और स्पष्ट करता है।