गांधी-शास्त्री के आदर्शों को आत्मसात करने का पुलिसकर्मियों ने लिया संकल्प

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अरुण कुमार मिश्रा

हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ जालौन

पुलिस कार्यालय में श्रद्धा के साथ मनाई गई राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री की जयंती, एएसपी डॉ. ईशान सोनी ने दिलाई सत्यनिष्ठा व राष्ट्रीय एकता की शपथ

उरई (जालौन)। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और देश के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर शुक्रवार को उरई स्थित पुलिस कार्यालय में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने दोनों महान विभूतियों को श्रद्धापूर्वक याद करते हुए उनके जीवन मूल्यों को अपने कार्य और आचरण में अपनाने का संकल्प लिया। समारोह के दौरान परिसर में देशभक्ति और राष्ट्रसेवा की भावना दिखाई दी।

कार्यक्रम का शुभारंभ अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. ईशान सोनी ने महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के चित्रों पर माल्यार्पण कर किया। उन्होंने दोनों महापुरुषों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए उनके जीवन, विचारों और देश के प्रति योगदान को स्मरण किया। पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी चित्रों के समक्ष नमन करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने की प्रतिबद्धता जताई।

इस अवसर पर एएसपी डॉ. ईशान सोनी ने उपस्थित पुलिसकर्मियों को सत्यनिष्ठा, ईमानदारी, राष्ट्रीय एकता और अखंडता बनाए रखने की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि पुलिस सेवा केवल कानून लागू करने तक सीमित नहीं है, बल्कि जनता के विश्वास को बनाए रखना भी पुलिस की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। आम नागरिक जब किसी समस्या या संकट में पुलिस के पास पहुंचता है तो उसे निष्पक्षता, संवेदनशीलता और सहयोग की अपेक्षा होती है। इसलिए प्रत्येक पुलिसकर्मी को अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी के साथ करना चाहिए।

सत्य और अहिंसा का संदेश आज भी प्रासंगिक

एएसपी ने महात्मा गांधी के जीवन और विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि गांधी जी ने सत्य और अहिंसा को अपने जीवन का आधार बनाया। उन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी सत्य के मार्ग को नहीं छोड़ा और देशवासियों को अहिंसक संघर्ष के माध्यम से अन्याय के विरुद्ध खड़े होने की प्रेरणा दी। उनका जीवन यह संदेश देता है कि कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य, संयम और सत्य के सिद्धांतों को बनाए रखना महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में भी गांधी जी के विचारों की उपयोगिता बनी हुई है। समाज में शांति, आपसी सद्भाव और सहयोग की भावना को मजबूत करने के लिए सत्य, अहिंसा और सहिष्णुता जैसे मूल्यों को व्यवहार में उतारना आवश्यक है। पुलिस विभाग के लिए यह संदेश विशेष महत्व रखता है, क्योंकि कानून-व्यवस्था के साथ सामाजिक सौहार्द बनाए रखना भी पुलिस की जिम्मेदारियों का हिस्सा है।

शास्त्री जी की सादगी और कर्तव्यनिष्ठा से सीख लेने का आह्वान

कार्यक्रम में पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के जीवन और व्यक्तित्व को भी याद किया गया। एएसपी डॉ. ईशान सोनी ने कहा कि शास्त्री जी सादगी, अनुशासन, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने सार्वजनिक जीवन में रहते हुए अपने आचरण से यह संदेश दिया कि जिम्मेदारी का पद व्यक्ति से अधिक समर्पण और जवाबदेही की अपेक्षा करता है।

उन्होंने पुलिसकर्मियों से कहा कि शास्त्री जी के जीवन से प्रेरणा लेकर प्रत्येक कर्मचारी को अपने दायित्वों के प्रति सजग रहना चाहिए। किसी भी पद पर कार्य करने वाले व्यक्ति के लिए ईमानदारी और अनुशासन उसकी सबसे महत्वपूर्ण पहचान होती है। पुलिस सेवा में इन मूल्यों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है, क्योंकि पुलिसकर्मी सीधे तौर पर जनता और कानून-व्यवस्था से जुड़े रहते हैं।

आमजन के प्रति संवेदनशील व्यवहार पर जोर

अपर पुलिस अधीक्षक ने पुलिसकर्मियों को निर्देशित करते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है, लेकिन इसके साथ आम लोगों के प्रति व्यवहार में मानवीय संवेदना भी दिखाई देनी चाहिए। शिकायत लेकर थाने या पुलिस कार्यालय पहुंचने वाला प्रत्येक व्यक्ति सम्मान और निष्पक्ष सुनवाई का हकदार है।

उन्होंने कहा कि पुलिस की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, निष्पक्षता और संवेदनशीलता से जनता के बीच विश्वास मजबूत होता है। पुलिसकर्मियों को चाहिए कि वे पीड़ितों की समस्याओं को गंभीरता से सुनें और नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। कमजोर और जरूरतमंद लोगों के प्रति विशेष संवेदनशीलता बरतना भी पुलिस सेवा की जिम्मेदारी का हिस्सा है।

राष्ट्रीय एकता और अखंडता को मजबूत करने का संदेश

जयंती समारोह में राष्ट्रीय एकता और अखंडता के महत्व पर भी चर्चा हुई। पुलिसकर्मियों को शपथ दिलाते हुए देश की एकता, सामाजिक सौहार्द और संवैधानिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध रहने का संकल्प कराया गया। अधिकारियों ने कहा कि राष्ट्र की आंतरिक सुरक्षा और सामाजिक शांति बनाए रखने में पुलिस विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका है।

कार्यक्रम के दौरान पुलिसकर्मियों ने संकल्प लिया कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन निष्पक्षता और पूरी निष्ठा के साथ करेंगे। किसी भी परिस्थिति में कानून के प्रति अपनी जिम्मेदारी से समझौता नहीं करेंगे तथा नागरिकों की सुरक्षा और सहायता को प्राथमिकता देंगे।

सेवा भावना को मजबूत करने का संदेश

समारोह में यह संदेश भी दिया गया कि गांधी जी और शास्त्री जी की जयंती केवल उन्हें याद करने का अवसर नहीं, बल्कि उनके जीवन मूल्यों को व्यवहार में उतारने का अवसर है। सत्य, सादगी, अनुशासन, ईमानदारी और सेवा भावना जैसे मूल्यों को अपनाकर सार्वजनिक संस्थाओं के प्रति लोगों का विश्वास और मजबूत किया जा सकता है।

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि पुलिसकर्मी समाज के बीच रहकर काम करते हैं। इसलिए उनके आचरण का सीधा प्रभाव जनता की धारणा पर पड़ता है। प्रत्येक कर्मचारी को अपने व्यवहार और कार्यशैली के माध्यम से पुलिस विभाग की सकारात्मक छवि मजबूत करने का प्रयास करना चाहिए।

मिठाई वितरण के साथ हुआ कार्यक्रम का समापन

कार्यक्रम के अंत में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच मिठाई का वितरण किया गया। जयंती के अवसर पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने दोनों महापुरुषों के आदर्शों को याद करते हुए राष्ट्र और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को बेहतर तरीके से निभाने का संकल्प दोहराया।

इस अवसर पर पुलिस विभाग के अधिकारी, कर्मचारी और अन्य पुलिसकर्मी उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान गांधी जी के सत्य और अहिंसा के विचार तथा शास्त्री जी की सादगी और कर्तव्यनिष्ठा को पुलिस सेवा से जोड़ते हुए ईमानदार एवं जिम्मेदार कार्यशैली अपनाने का संदेश दिया गया।

पुलिस कार्यालय में आयोजित यह कार्यक्रम महज औपचारिक आयोजन तक सीमित न रहकर पुलिसकर्मियों को उनके कर्तव्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों की याद दिलाने वाला अवसर बना। दोनों महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा लेते हुए पुलिसकर्मियों ने जनता की सुरक्षा, कानून के पालन और सामाजिक सद्भाव के लिए अपनी जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा से निभाने का संकल्प लिया।

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गांधी-शास्त्री के आदर्शों को आत्मसात करने का पुलिसकर्मियों ने लिया संकल्प

लेखक:हिट एंड हॉट न्यूज़ डेस्क|प्रकाशित:अक्टूबर 2, 2026

अरुण कुमार मिश्रा

हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ जालौन

पुलिस कार्यालय में श्रद्धा के साथ मनाई गई राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री की जयंती, एएसपी डॉ. ईशान सोनी ने दिलाई सत्यनिष्ठा व राष्ट्रीय एकता की शपथ

उरई (जालौन)। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और देश के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर शुक्रवार को उरई स्थित पुलिस कार्यालय में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने दोनों महान विभूतियों को श्रद्धापूर्वक याद करते हुए उनके जीवन मूल्यों को अपने कार्य और आचरण में अपनाने का संकल्प लिया। समारोह के दौरान परिसर में देशभक्ति और राष्ट्रसेवा की भावना दिखाई दी।

कार्यक्रम का शुभारंभ अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. ईशान सोनी ने महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के चित्रों पर माल्यार्पण कर किया। उन्होंने दोनों महापुरुषों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए उनके जीवन, विचारों और देश के प्रति योगदान को स्मरण किया। पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी चित्रों के समक्ष नमन करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने की प्रतिबद्धता जताई।

इस अवसर पर एएसपी डॉ. ईशान सोनी ने उपस्थित पुलिसकर्मियों को सत्यनिष्ठा, ईमानदारी, राष्ट्रीय एकता और अखंडता बनाए रखने की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि पुलिस सेवा केवल कानून लागू करने तक सीमित नहीं है, बल्कि जनता के विश्वास को बनाए रखना भी पुलिस की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। आम नागरिक जब किसी समस्या या संकट में पुलिस के पास पहुंचता है तो उसे निष्पक्षता, संवेदनशीलता और सहयोग की अपेक्षा होती है। इसलिए प्रत्येक पुलिसकर्मी को अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी के साथ करना चाहिए।

सत्य और अहिंसा का संदेश आज भी प्रासंगिक

एएसपी ने महात्मा गांधी के जीवन और विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि गांधी जी ने सत्य और अहिंसा को अपने जीवन का आधार बनाया। उन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी सत्य के मार्ग को नहीं छोड़ा और देशवासियों को अहिंसक संघर्ष के माध्यम से अन्याय के विरुद्ध खड़े होने की प्रेरणा दी। उनका जीवन यह संदेश देता है कि कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य, संयम और सत्य के सिद्धांतों को बनाए रखना महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में भी गांधी जी के विचारों की उपयोगिता बनी हुई है। समाज में शांति, आपसी सद्भाव और सहयोग की भावना को मजबूत करने के लिए सत्य, अहिंसा और सहिष्णुता जैसे मूल्यों को व्यवहार में उतारना आवश्यक है। पुलिस विभाग के लिए यह संदेश विशेष महत्व रखता है, क्योंकि कानून-व्यवस्था के साथ सामाजिक सौहार्द बनाए रखना भी पुलिस की जिम्मेदारियों का हिस्सा है।

शास्त्री जी की सादगी और कर्तव्यनिष्ठा से सीख लेने का आह्वान

कार्यक्रम में पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के जीवन और व्यक्तित्व को भी याद किया गया। एएसपी डॉ. ईशान सोनी ने कहा कि शास्त्री जी सादगी, अनुशासन, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने सार्वजनिक जीवन में रहते हुए अपने आचरण से यह संदेश दिया कि जिम्मेदारी का पद व्यक्ति से अधिक समर्पण और जवाबदेही की अपेक्षा करता है।

उन्होंने पुलिसकर्मियों से कहा कि शास्त्री जी के जीवन से प्रेरणा लेकर प्रत्येक कर्मचारी को अपने दायित्वों के प्रति सजग रहना चाहिए। किसी भी पद पर कार्य करने वाले व्यक्ति के लिए ईमानदारी और अनुशासन उसकी सबसे महत्वपूर्ण पहचान होती है। पुलिस सेवा में इन मूल्यों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है, क्योंकि पुलिसकर्मी सीधे तौर पर जनता और कानून-व्यवस्था से जुड़े रहते हैं।

आमजन के प्रति संवेदनशील व्यवहार पर जोर

अपर पुलिस अधीक्षक ने पुलिसकर्मियों को निर्देशित करते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है, लेकिन इसके साथ आम लोगों के प्रति व्यवहार में मानवीय संवेदना भी दिखाई देनी चाहिए। शिकायत लेकर थाने या पुलिस कार्यालय पहुंचने वाला प्रत्येक व्यक्ति सम्मान और निष्पक्ष सुनवाई का हकदार है।

उन्होंने कहा कि पुलिस की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, निष्पक्षता और संवेदनशीलता से जनता के बीच विश्वास मजबूत होता है। पुलिसकर्मियों को चाहिए कि वे पीड़ितों की समस्याओं को गंभीरता से सुनें और नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। कमजोर और जरूरतमंद लोगों के प्रति विशेष संवेदनशीलता बरतना भी पुलिस सेवा की जिम्मेदारी का हिस्सा है।

राष्ट्रीय एकता और अखंडता को मजबूत करने का संदेश

जयंती समारोह में राष्ट्रीय एकता और अखंडता के महत्व पर भी चर्चा हुई। पुलिसकर्मियों को शपथ दिलाते हुए देश की एकता, सामाजिक सौहार्द और संवैधानिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध रहने का संकल्प कराया गया। अधिकारियों ने कहा कि राष्ट्र की आंतरिक सुरक्षा और सामाजिक शांति बनाए रखने में पुलिस विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका है।

कार्यक्रम के दौरान पुलिसकर्मियों ने संकल्प लिया कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन निष्पक्षता और पूरी निष्ठा के साथ करेंगे। किसी भी परिस्थिति में कानून के प्रति अपनी जिम्मेदारी से समझौता नहीं करेंगे तथा नागरिकों की सुरक्षा और सहायता को प्राथमिकता देंगे।

सेवा भावना को मजबूत करने का संदेश

समारोह में यह संदेश भी दिया गया कि गांधी जी और शास्त्री जी की जयंती केवल उन्हें याद करने का अवसर नहीं, बल्कि उनके जीवन मूल्यों को व्यवहार में उतारने का अवसर है। सत्य, सादगी, अनुशासन, ईमानदारी और सेवा भावना जैसे मूल्यों को अपनाकर सार्वजनिक संस्थाओं के प्रति लोगों का विश्वास और मजबूत किया जा सकता है।

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि पुलिसकर्मी समाज के बीच रहकर काम करते हैं। इसलिए उनके आचरण का सीधा प्रभाव जनता की धारणा पर पड़ता है। प्रत्येक कर्मचारी को अपने व्यवहार और कार्यशैली के माध्यम से पुलिस विभाग की सकारात्मक छवि मजबूत करने का प्रयास करना चाहिए।

मिठाई वितरण के साथ हुआ कार्यक्रम का समापन

कार्यक्रम के अंत में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच मिठाई का वितरण किया गया। जयंती के अवसर पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने दोनों महापुरुषों के आदर्शों को याद करते हुए राष्ट्र और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को बेहतर तरीके से निभाने का संकल्प दोहराया।

इस अवसर पर पुलिस विभाग के अधिकारी, कर्मचारी और अन्य पुलिसकर्मी उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान गांधी जी के सत्य और अहिंसा के विचार तथा शास्त्री जी की सादगी और कर्तव्यनिष्ठा को पुलिस सेवा से जोड़ते हुए ईमानदार एवं जिम्मेदार कार्यशैली अपनाने का संदेश दिया गया।

पुलिस कार्यालय में आयोजित यह कार्यक्रम महज औपचारिक आयोजन तक सीमित न रहकर पुलिसकर्मियों को उनके कर्तव्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों की याद दिलाने वाला अवसर बना। दोनों महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा लेते हुए पुलिसकर्मियों ने जनता की सुरक्षा, कानून के पालन और सामाजिक सद्भाव के लिए अपनी जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा से निभाने का संकल्प लिया।