पीटीएस कालपी में AI आधारित पुलिस ट्रेनिंग मैनेजमेंट सिस्टम ऐप लॉन्च, प्रशिक्षण व्यवस्था को मिलेगा डिजिटल और पारदर्शी स्वरूप

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देव पटेल

हिट एंड हॉट न्यूज़ संवाददाता जालौन कालपी

कालपी (जालौन), 7 अक्टूबर। पुलिस प्रशिक्षण विद्यालय (पीटीएस) कालपी में पुलिस प्रशिक्षण व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। प्रशिक्षण को अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी, सुविधाजनक और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से AI आधारित पुलिस ट्रेनिंग मैनेजमेंट सिस्टम ऐप लॉन्च किया गया है। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण से जुड़ी अधिकांश आवश्यक जानकारियां एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएंगी।

यह पहल उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक तथा पुलिस महानिदेशक (प्रशिक्षण) की प्रेरणा और मार्गदर्शन के तहत आगे बढ़ाई गई है। डीआईजी संतोष कुमार मिश्रा के निर्देशन में तैयार किए गए इस ऐप को पुलिस प्रशिक्षण व्यवस्था में तकनीकी बदलाव की दिशा में उपयोगी कदम माना जा रहा है। इसका उद्देश्य केवल सूचनाएं उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि प्रशिक्षण से जुड़ी प्रशासनिक प्रक्रियाओं को भी अधिक सुगम और डिजिटल बनाना है।

193 पुलिस सहायक उपनिरीक्षक अभ्यर्थियों का प्रशिक्षण शुरू

मंगरौल स्थित पुलिस प्रशिक्षण विद्यालय कालपी में 6 अक्टूबर से 193 पुलिस सहायक उपनिरीक्षक (लेखा) अभ्यर्थियों का प्रशिक्षण प्रारंभ हो चुका है। इन प्रशिक्षुओं के लिए नया ऐप विशेष रूप से उपयोगी साबित होगा। प्रशिक्षण अवधि के दौरान रहने, पढ़ाई, शारीरिक प्रशिक्षण, परीक्षा और प्रशासनिक गतिविधियों से जुड़ी विभिन्न जानकारियां ऐप के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएंगी।

प्रशिक्षुओं के लिए अलग-अलग सूचनाओं की तलाश में कार्यालय या संबंधित अधिकारियों से बार-बार संपर्क करने की आवश्यकता कम होगी। ऐप पर उपलब्ध डिजिटल व्यवस्था के कारण आवश्यक जानकारी समय पर मोबाइल के माध्यम से प्राप्त की जा सकेगी।

एक ही प्लेटफॉर्म पर मिलेगी प्रशिक्षण से जुड़ी जानकारी

AI आधारित इस सिस्टम की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण से संबंधित विभिन्न जानकारियां एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगी। प्रशिक्षण केंद्र में पहुंचने के बाद प्रशिक्षु अपने बैरक या हॉस्टल से जुड़ी जानकारी आसानी से देख सकेंगे।

इसके अलावा मेस की व्यवस्था, दैनिक भोजन का मेन्यू, इनडोर और आउटडोर प्रशिक्षण की गतिविधियां तथा प्रशिक्षण के अलग-अलग स्थानों की जानकारी भी ऐप पर उपलब्ध कराई जाएगी। इससे नए प्रशिक्षुओं को परिसर में विभिन्न स्थानों को समझने और निर्धारित गतिविधियों तक समय पर पहुंचने में सुविधा होगी।

हॉस्टल और प्रशिक्षण स्थलों तक पहुंचने में मिलेगी मदद

पीटीएस परिसर में अलग-अलग प्रशिक्षण गतिविधियों के लिए विभिन्न स्थान निर्धारित होते हैं। नए प्रशिक्षुओं के लिए इन स्थानों की जानकारी प्रारंभिक दिनों में चुनौतीपूर्ण हो सकती है। इस समस्या को ध्यान में रखते हुए ऐप में दिशा-निर्देशन की सुविधा भी रखी गई है।

हॉस्टल, ग्राउंड, प्रशिक्षण कक्ष और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों तक पहुंचने के लिए ऐप के माध्यम से मार्गदर्शन प्राप्त किया जा सकेगा। इससे समय की बचत होने के साथ-साथ प्रशिक्षण कार्यक्रमों में समयबद्धता बनाए रखने में भी मदद मिलेगी।

ऑनलाइन लीव मैनेजमेंट से कम होगा कागजी काम

नए सिस्टम में लीव मैनेजमेंट सिस्टम भी शामिल किया गया है। इसके माध्यम से प्रशिक्षु आवश्यकता के अनुसार ऑनलाइन अवकाश आवेदन कर सकेंगे। आवेदन डिजिटल माध्यम से संबंधित प्रशासनिक पोर्टल पर उपलब्ध हो जाएगा।

इस व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण लाभ यह होगा कि अवकाश आवेदन की प्रक्रिया में कागजी दस्तावेजों और मैनुअल प्रक्रिया पर निर्भरता कम होगी। प्रशासनिक स्तर पर आवेदन को देखने और आगे की कार्रवाई करने में भी सुविधा मिल सकती है।

इस तरह ऐप प्रशिक्षण संस्थान में पेपरलेस कार्यप्रणाली को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

मेस के मेन्यू और जरूरी सूचनाएं समय पर मिलेंगी

प्रशिक्षुओं की दैनिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ऐप में मेस से जुड़ी जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी। प्रशिक्षु रोजाना के भोजन का मेन्यू पहले से देख सकेंगे। इसके साथ ही प्रशिक्षण कार्यक्रम में होने वाले बदलाव, महत्वपूर्ण सूचनाएं और अन्य आवश्यक घोषणाएं भी डिजिटल माध्यम से साझा की जा सकेंगी।

आगामी परीक्षाओं से संबंधित जानकारी भी ऐप पर उपलब्ध कराए जाने की व्यवस्था है। इससे प्रशिक्षुओं को परीक्षा की तैयारी के लिए आवश्यक जानकारी समय रहते मिल सकेगी और महत्वपूर्ण कार्यक्रमों से जुड़ी सूचना छूटने की संभावना कम होगी।

गोपनीय फीडबैक से प्रशिक्षण की गुणवत्ता में सुधार

प्रशिक्षण व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए प्रशिक्षुओं की प्रतिक्रिया काफी महत्वपूर्ण होती है। इसी उद्देश्य से ऐप में गोपनीय फीडबैक और सुझाव देने की सुविधा भी रखी गई है।

प्रशिक्षु प्रशिक्षण, सुविधाओं और व्यवस्थाओं से संबंधित अपने विचार तथा सुझाव डिजिटल माध्यम से साझा कर सकेंगे। गोपनीय तरीके से प्रतिक्रिया देने की सुविधा होने से प्रशिक्षुओं को अपनी बात अधिक सहजता से रखने का अवसर मिल सकता है।

प्राप्त सुझावों और फीडबैक के आधार पर प्रशिक्षण व्यवस्था की कमियों की पहचान कर उनमें सुधार की दिशा में कदम उठाए जा सकते हैं। इससे प्रशिक्षण संस्थान में लगातार सुधार की प्रक्रिया को गति मिलने की उम्मीद है।

सरप्राइज टेस्ट से तैयारी का होगा आकलन

ऐप में सरप्राइज टेस्ट फीचर भी शामिल किया गया है। इसके माध्यम से प्रशिक्षुओं के ज्ञान और प्रशिक्षण के दौरान उनकी तैयारी का त्वरित मूल्यांकन किया जा सकेगा।

अचानक होने वाले छोटे परीक्षणों से यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि प्रशिक्षु प्रशिक्षण के विभिन्न विषयों को किस स्तर तक समझ रहे हैं। यदि किसी विषय में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं मिलता है, तो संबंधित कमी पर समय रहते ध्यान दिया जा सकता है।

यह सुविधा प्रशिक्षण को केवल नियमित कक्षाओं तक सीमित रखने के बजाय निरंतर मूल्यांकन की प्रक्रिया से जोड़ने में सहायक हो सकती है।

पुलिस प्रशिक्षण में तकनीक के इस्तेमाल की दिशा में कदम

पुलिस व्यवस्था में तकनीक के इस्तेमाल का दायरा लगातार बढ़ रहा है। ऐसे समय में प्रशिक्षण संस्थानों को भी डिजिटल माध्यमों से जोड़ना प्रशिक्षुओं और प्रशासन दोनों के लिए उपयोगी हो सकता है। पीटीएस कालपी में शुरू किया गया यह ऐप इसी दिशा में एक कदम है।

एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रशिक्षण, आवास, भोजन, परीक्षा, अवकाश, दिशा-निर्देशन और फीडबैक जैसी सुविधाओं को जोड़ने से प्रशिक्षण प्रबंधन को अधिक संगठित बनाने में मदद मिल सकती है।

विशेष रूप से 193 प्रशिक्षुओं के प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान सूचनाओं का तेजी से आदान-प्रदान महत्वपूर्ण होगा। डिजिटल सिस्टम के जरिए प्रशासन और प्रशिक्षुओं के बीच सूचना संचार को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।

प्रशिक्षण अधिकारियों की भूमिका भी महत्वपूर्ण

पीटीएस कालपी में पूरा प्रशिक्षण कार्यक्रम पुलिस उपमहानिरीक्षक के निर्देशन में संचालित किया जा रहा है। प्रशिक्षण अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा प्रशिक्षुओं को निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुसार प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है।

ऐप के माध्यम से तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध होने के बावजूद प्रशिक्षण की गुणवत्ता बनाए रखने में प्रशिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी। डिजिटल प्लेटफॉर्म प्रशासनिक और सूचना संबंधी कार्यों को सरल बना सकता है, जबकि प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन से अभ्यर्थियों की व्यावहारिक और सैद्धांतिक क्षमता विकसित होगी।

इस अवसर पर प्रशिक्षण से जुड़ी गतिविधियों के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति रही। फोटो में प्रशिक्षण अधिकारी द्वारा एक कर्मचारी को प्रमाण पत्र प्रदान करते हुए भी देखा गया।

भविष्य में बन सकता है उपयोगी डिजिटल मॉडल

पीटीएस कालपी में AI आधारित पुलिस ट्रेनिंग मैनेजमेंट सिस्टम की शुरुआत को प्रशिक्षण व्यवस्था में डिजिटल बदलाव की पहल के रूप में देखा जा रहा है। यदि ऐप के माध्यम से मिलने वाली सुविधाएं प्रभावी ढंग से संचालित होती हैं, तो भविष्य में इस तरह के डिजिटल मॉडल को अन्य प्रशिक्षण संस्थानों में भी उपयोग किए जाने की संभावनाएं बन सकती हैं।

इस पहल का मुख्य उद्देश्य तकनीक के जरिए प्रशिक्षण व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित बनाना है। प्रशिक्षुओं को एक ही प्लेटफॉर्म पर आवश्यक जानकारी, ऑनलाइन सेवाएं, परीक्षण और फीडबैक की सुविधा मिलने से प्रशिक्षण प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुविधा बढ़ सकती है।

कुल मिलाकर पीटीएस कालपी में लॉन्च किया गया यह AI आधारित ऐप पुलिस प्रशिक्षण को पारंपरिक प्रक्रियाओं से आगे ले जाकर डिजिटल व्यवस्था से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। आने वाले समय में इसके इस्तेमाल से प्रशिक्षण प्रबंधन कितना अधिक प्रभावी और सुविधाजनक बनता है, यह इसके नियमित संचालन और प्राप्त फीडबैक के आधार पर स्पष्ट होगा।

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पीटीएस कालपी में AI आधारित पुलिस ट्रेनिंग मैनेजमेंट सिस्टम ऐप लॉन्च, प्रशिक्षण व्यवस्था को मिलेगा डिजिटल और पारदर्शी स्वरूप

लेखक:हिट एंड हॉट न्यूज़ डेस्क|प्रकाशित:अक्टूबर 8, 2026

देव पटेल

हिट एंड हॉट न्यूज़ संवाददाता जालौन कालपी

कालपी (जालौन), 7 अक्टूबर। पुलिस प्रशिक्षण विद्यालय (पीटीएस) कालपी में पुलिस प्रशिक्षण व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। प्रशिक्षण को अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी, सुविधाजनक और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से AI आधारित पुलिस ट्रेनिंग मैनेजमेंट सिस्टम ऐप लॉन्च किया गया है। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण से जुड़ी अधिकांश आवश्यक जानकारियां एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएंगी।

यह पहल उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक तथा पुलिस महानिदेशक (प्रशिक्षण) की प्रेरणा और मार्गदर्शन के तहत आगे बढ़ाई गई है। डीआईजी संतोष कुमार मिश्रा के निर्देशन में तैयार किए गए इस ऐप को पुलिस प्रशिक्षण व्यवस्था में तकनीकी बदलाव की दिशा में उपयोगी कदम माना जा रहा है। इसका उद्देश्य केवल सूचनाएं उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि प्रशिक्षण से जुड़ी प्रशासनिक प्रक्रियाओं को भी अधिक सुगम और डिजिटल बनाना है।

193 पुलिस सहायक उपनिरीक्षक अभ्यर्थियों का प्रशिक्षण शुरू

मंगरौल स्थित पुलिस प्रशिक्षण विद्यालय कालपी में 6 अक्टूबर से 193 पुलिस सहायक उपनिरीक्षक (लेखा) अभ्यर्थियों का प्रशिक्षण प्रारंभ हो चुका है। इन प्रशिक्षुओं के लिए नया ऐप विशेष रूप से उपयोगी साबित होगा। प्रशिक्षण अवधि के दौरान रहने, पढ़ाई, शारीरिक प्रशिक्षण, परीक्षा और प्रशासनिक गतिविधियों से जुड़ी विभिन्न जानकारियां ऐप के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएंगी।

प्रशिक्षुओं के लिए अलग-अलग सूचनाओं की तलाश में कार्यालय या संबंधित अधिकारियों से बार-बार संपर्क करने की आवश्यकता कम होगी। ऐप पर उपलब्ध डिजिटल व्यवस्था के कारण आवश्यक जानकारी समय पर मोबाइल के माध्यम से प्राप्त की जा सकेगी।

एक ही प्लेटफॉर्म पर मिलेगी प्रशिक्षण से जुड़ी जानकारी

AI आधारित इस सिस्टम की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण से संबंधित विभिन्न जानकारियां एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगी। प्रशिक्षण केंद्र में पहुंचने के बाद प्रशिक्षु अपने बैरक या हॉस्टल से जुड़ी जानकारी आसानी से देख सकेंगे।

इसके अलावा मेस की व्यवस्था, दैनिक भोजन का मेन्यू, इनडोर और आउटडोर प्रशिक्षण की गतिविधियां तथा प्रशिक्षण के अलग-अलग स्थानों की जानकारी भी ऐप पर उपलब्ध कराई जाएगी। इससे नए प्रशिक्षुओं को परिसर में विभिन्न स्थानों को समझने और निर्धारित गतिविधियों तक समय पर पहुंचने में सुविधा होगी।

हॉस्टल और प्रशिक्षण स्थलों तक पहुंचने में मिलेगी मदद

पीटीएस परिसर में अलग-अलग प्रशिक्षण गतिविधियों के लिए विभिन्न स्थान निर्धारित होते हैं। नए प्रशिक्षुओं के लिए इन स्थानों की जानकारी प्रारंभिक दिनों में चुनौतीपूर्ण हो सकती है। इस समस्या को ध्यान में रखते हुए ऐप में दिशा-निर्देशन की सुविधा भी रखी गई है।

हॉस्टल, ग्राउंड, प्रशिक्षण कक्ष और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों तक पहुंचने के लिए ऐप के माध्यम से मार्गदर्शन प्राप्त किया जा सकेगा। इससे समय की बचत होने के साथ-साथ प्रशिक्षण कार्यक्रमों में समयबद्धता बनाए रखने में भी मदद मिलेगी।

ऑनलाइन लीव मैनेजमेंट से कम होगा कागजी काम

नए सिस्टम में लीव मैनेजमेंट सिस्टम भी शामिल किया गया है। इसके माध्यम से प्रशिक्षु आवश्यकता के अनुसार ऑनलाइन अवकाश आवेदन कर सकेंगे। आवेदन डिजिटल माध्यम से संबंधित प्रशासनिक पोर्टल पर उपलब्ध हो जाएगा।

इस व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण लाभ यह होगा कि अवकाश आवेदन की प्रक्रिया में कागजी दस्तावेजों और मैनुअल प्रक्रिया पर निर्भरता कम होगी। प्रशासनिक स्तर पर आवेदन को देखने और आगे की कार्रवाई करने में भी सुविधा मिल सकती है।

इस तरह ऐप प्रशिक्षण संस्थान में पेपरलेस कार्यप्रणाली को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

मेस के मेन्यू और जरूरी सूचनाएं समय पर मिलेंगी

प्रशिक्षुओं की दैनिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ऐप में मेस से जुड़ी जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी। प्रशिक्षु रोजाना के भोजन का मेन्यू पहले से देख सकेंगे। इसके साथ ही प्रशिक्षण कार्यक्रम में होने वाले बदलाव, महत्वपूर्ण सूचनाएं और अन्य आवश्यक घोषणाएं भी डिजिटल माध्यम से साझा की जा सकेंगी।

आगामी परीक्षाओं से संबंधित जानकारी भी ऐप पर उपलब्ध कराए जाने की व्यवस्था है। इससे प्रशिक्षुओं को परीक्षा की तैयारी के लिए आवश्यक जानकारी समय रहते मिल सकेगी और महत्वपूर्ण कार्यक्रमों से जुड़ी सूचना छूटने की संभावना कम होगी।

गोपनीय फीडबैक से प्रशिक्षण की गुणवत्ता में सुधार

प्रशिक्षण व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए प्रशिक्षुओं की प्रतिक्रिया काफी महत्वपूर्ण होती है। इसी उद्देश्य से ऐप में गोपनीय फीडबैक और सुझाव देने की सुविधा भी रखी गई है।

प्रशिक्षु प्रशिक्षण, सुविधाओं और व्यवस्थाओं से संबंधित अपने विचार तथा सुझाव डिजिटल माध्यम से साझा कर सकेंगे। गोपनीय तरीके से प्रतिक्रिया देने की सुविधा होने से प्रशिक्षुओं को अपनी बात अधिक सहजता से रखने का अवसर मिल सकता है।

प्राप्त सुझावों और फीडबैक के आधार पर प्रशिक्षण व्यवस्था की कमियों की पहचान कर उनमें सुधार की दिशा में कदम उठाए जा सकते हैं। इससे प्रशिक्षण संस्थान में लगातार सुधार की प्रक्रिया को गति मिलने की उम्मीद है।

सरप्राइज टेस्ट से तैयारी का होगा आकलन

ऐप में सरप्राइज टेस्ट फीचर भी शामिल किया गया है। इसके माध्यम से प्रशिक्षुओं के ज्ञान और प्रशिक्षण के दौरान उनकी तैयारी का त्वरित मूल्यांकन किया जा सकेगा।

अचानक होने वाले छोटे परीक्षणों से यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि प्रशिक्षु प्रशिक्षण के विभिन्न विषयों को किस स्तर तक समझ रहे हैं। यदि किसी विषय में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं मिलता है, तो संबंधित कमी पर समय रहते ध्यान दिया जा सकता है।

यह सुविधा प्रशिक्षण को केवल नियमित कक्षाओं तक सीमित रखने के बजाय निरंतर मूल्यांकन की प्रक्रिया से जोड़ने में सहायक हो सकती है।

पुलिस प्रशिक्षण में तकनीक के इस्तेमाल की दिशा में कदम

पुलिस व्यवस्था में तकनीक के इस्तेमाल का दायरा लगातार बढ़ रहा है। ऐसे समय में प्रशिक्षण संस्थानों को भी डिजिटल माध्यमों से जोड़ना प्रशिक्षुओं और प्रशासन दोनों के लिए उपयोगी हो सकता है। पीटीएस कालपी में शुरू किया गया यह ऐप इसी दिशा में एक कदम है।

एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रशिक्षण, आवास, भोजन, परीक्षा, अवकाश, दिशा-निर्देशन और फीडबैक जैसी सुविधाओं को जोड़ने से प्रशिक्षण प्रबंधन को अधिक संगठित बनाने में मदद मिल सकती है।

विशेष रूप से 193 प्रशिक्षुओं के प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान सूचनाओं का तेजी से आदान-प्रदान महत्वपूर्ण होगा। डिजिटल सिस्टम के जरिए प्रशासन और प्रशिक्षुओं के बीच सूचना संचार को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।

प्रशिक्षण अधिकारियों की भूमिका भी महत्वपूर्ण

पीटीएस कालपी में पूरा प्रशिक्षण कार्यक्रम पुलिस उपमहानिरीक्षक के निर्देशन में संचालित किया जा रहा है। प्रशिक्षण अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा प्रशिक्षुओं को निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुसार प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है।

ऐप के माध्यम से तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध होने के बावजूद प्रशिक्षण की गुणवत्ता बनाए रखने में प्रशिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी। डिजिटल प्लेटफॉर्म प्रशासनिक और सूचना संबंधी कार्यों को सरल बना सकता है, जबकि प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन से अभ्यर्थियों की व्यावहारिक और सैद्धांतिक क्षमता विकसित होगी।

इस अवसर पर प्रशिक्षण से जुड़ी गतिविधियों के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति रही। फोटो में प्रशिक्षण अधिकारी द्वारा एक कर्मचारी को प्रमाण पत्र प्रदान करते हुए भी देखा गया।

भविष्य में बन सकता है उपयोगी डिजिटल मॉडल

पीटीएस कालपी में AI आधारित पुलिस ट्रेनिंग मैनेजमेंट सिस्टम की शुरुआत को प्रशिक्षण व्यवस्था में डिजिटल बदलाव की पहल के रूप में देखा जा रहा है। यदि ऐप के माध्यम से मिलने वाली सुविधाएं प्रभावी ढंग से संचालित होती हैं, तो भविष्य में इस तरह के डिजिटल मॉडल को अन्य प्रशिक्षण संस्थानों में भी उपयोग किए जाने की संभावनाएं बन सकती हैं।

इस पहल का मुख्य उद्देश्य तकनीक के जरिए प्रशिक्षण व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित बनाना है। प्रशिक्षुओं को एक ही प्लेटफॉर्म पर आवश्यक जानकारी, ऑनलाइन सेवाएं, परीक्षण और फीडबैक की सुविधा मिलने से प्रशिक्षण प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुविधा बढ़ सकती है।

कुल मिलाकर पीटीएस कालपी में लॉन्च किया गया यह AI आधारित ऐप पुलिस प्रशिक्षण को पारंपरिक प्रक्रियाओं से आगे ले जाकर डिजिटल व्यवस्था से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। आने वाले समय में इसके इस्तेमाल से प्रशिक्षण प्रबंधन कितना अधिक प्रभावी और सुविधाजनक बनता है, यह इसके नियमित संचालन और प्राप्त फीडबैक के आधार पर स्पष्ट होगा।