नेटन्याहू की सफाई: अहरोन बाराक से मुलाकात का कानूनी मामलों से कोई संबंध नहीं

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Anoop singh

26 जून, 2025

यरुशलम – इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेटन्याहू ने पूर्व सुप्रीम कोर्ट अध्यक्ष अहरोन बाराक के साथ हुई बैठक को लेकर मीडिया में चल रही अटकलों पर विस्तृत प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से एक सार्वजनिक बयान जारी कर इस मुलाकात के समय और मंशा को लेकर फैलाई जा रही “गलत धारणाओं” को सिरे से खारिज किया।

नेटन्याहू ने स्पष्ट किया कि यह बैठक हालिया किसी पूछताछ या न्यायिक प्रक्रिया से पहले नहीं, बल्कि जनवरी महीने में हुई थी – यानी लगभग छह महीने पहले। उन्होंने कहा कि यह मुलाकात उनके कानूनी मामलों से बिल्कुल असंबंधित थी और इसका किसी भी न्यायिक गतिविधि से कोई लेना-देना नहीं है।

प्रधानमंत्री ने यह भी साफ किया कि यह बैठक न तो उनकी पहल पर और न ही उनके किसी कानूनी सलाहकार की पहल पर आयोजित की गई थी। उन्होंने बताया कि उनके वकील अमित हदद और उनके सहयोगी चेन को किसी बाहरी आमंत्रण के जवाब में वहां उपस्थित होना पड़ा। इस मुलाकात में न्यायिक सुधारों को रोकने या किसी प्रकार की कानूनी रियायत पर चर्चा की बात को उन्होंने पूरी तरह अस्वीकार कर दिया।

यह खंडन ऐसे समय में आया है जब इजरायल में न्यायिक सुधार को लेकर तीखा राजनीतिक और सामाजिक विवाद चल रहा है। कुछ विश्लेषकों ने इस बैठक को इस बहस से जोड़ने की कोशिश की थी, लेकिन नेटन्याहू ने इसे “झूठा नैरेटिव गढ़ने की कोशिश” करार दिया।

अपने बयान के अंत में प्रधानमंत्री ने उन लोगों की आलोचना की जो इस प्रकार की “गुमराह करने वाली सूचनाएं” फैला रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये प्रयास केवल उनकी कानूनी रणनीति को लेकर गलत छवि गढ़ने के उद्देश्य से किए जा रहे हैं।

इस पूरे घटनाक्रम से यह स्पष्ट है कि नेतन्याहू वर्तमान राजनीतिक और कानूनी दबावों के बीच किसी भी प्रकार की गलतफहमी को दूर करने के लिए खुलकर सामने आ रहे हैं, ताकि उनकी छवि और न्यायिक प्रक्रिया पर विश्वास बना रहे।


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नेटन्याहू की सफाई: अहरोन बाराक से मुलाकात का कानूनी मामलों से कोई संबंध नहीं

लेखक:हिट एंड हॉट न्यूज़ डेस्क|प्रकाशित:जून 26, 2025

Anoop singh

26 जून, 2025

यरुशलम – इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेटन्याहू ने पूर्व सुप्रीम कोर्ट अध्यक्ष अहरोन बाराक के साथ हुई बैठक को लेकर मीडिया में चल रही अटकलों पर विस्तृत प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से एक सार्वजनिक बयान जारी कर इस मुलाकात के समय और मंशा को लेकर फैलाई जा रही “गलत धारणाओं” को सिरे से खारिज किया।

नेटन्याहू ने स्पष्ट किया कि यह बैठक हालिया किसी पूछताछ या न्यायिक प्रक्रिया से पहले नहीं, बल्कि जनवरी महीने में हुई थी – यानी लगभग छह महीने पहले। उन्होंने कहा कि यह मुलाकात उनके कानूनी मामलों से बिल्कुल असंबंधित थी और इसका किसी भी न्यायिक गतिविधि से कोई लेना-देना नहीं है।

प्रधानमंत्री ने यह भी साफ किया कि यह बैठक न तो उनकी पहल पर और न ही उनके किसी कानूनी सलाहकार की पहल पर आयोजित की गई थी। उन्होंने बताया कि उनके वकील अमित हदद और उनके सहयोगी चेन को किसी बाहरी आमंत्रण के जवाब में वहां उपस्थित होना पड़ा। इस मुलाकात में न्यायिक सुधारों को रोकने या किसी प्रकार की कानूनी रियायत पर चर्चा की बात को उन्होंने पूरी तरह अस्वीकार कर दिया।

यह खंडन ऐसे समय में आया है जब इजरायल में न्यायिक सुधार को लेकर तीखा राजनीतिक और सामाजिक विवाद चल रहा है। कुछ विश्लेषकों ने इस बैठक को इस बहस से जोड़ने की कोशिश की थी, लेकिन नेटन्याहू ने इसे “झूठा नैरेटिव गढ़ने की कोशिश” करार दिया।

अपने बयान के अंत में प्रधानमंत्री ने उन लोगों की आलोचना की जो इस प्रकार की “गुमराह करने वाली सूचनाएं” फैला रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये प्रयास केवल उनकी कानूनी रणनीति को लेकर गलत छवि गढ़ने के उद्देश्य से किए जा रहे हैं।

इस पूरे घटनाक्रम से यह स्पष्ट है कि नेतन्याहू वर्तमान राजनीतिक और कानूनी दबावों के बीच किसी भी प्रकार की गलतफहमी को दूर करने के लिए खुलकर सामने आ रहे हैं, ताकि उनकी छवि और न्यायिक प्रक्रिया पर विश्वास बना रहे।