टोंक पुलिस की बड़ी कामयाबी: 400 से ज्यादा साइबर ठगी मामलों से जुड़े दो शातिर आरोपी गिरफ्तार

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राजस्थान के टोंक जिले में साइबर अपराध के खिलाफ चल रही मुहिम को बड़ी सफलता मिली है। टोंक पुलिस ने देशभर में फैले एक संगठित साइबर ठगी नेटवर्क का खुलासा करते हुए दो ऐसे आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन पर 22 अलग-अलग राज्यों में 400 से अधिक साइबर फ्रॉड मामलों में संलिप्त होने का आरोप है। यह कार्रवाई साइबर अपराध के बढ़ते खतरे पर कड़ा प्रहार मानी जा रही है।

22 राज्यों तक फैला था ठगी का जाल

पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार किए गए आरोपी लंबे समय से देश के विभिन्न हिस्सों में लोगों को निशाना बना रहे थे। ये आरोपी अलग-अलग मोबाइल नंबरों और फर्जी पहचान के जरिए लोगों को झांसे में लेते थे। बैंकिंग, डिजिटल भुगतान और ऑनलाइन लेनदेन से जुड़े मामलों में इनके नाम दर्ज होने की संख्या लगातार बढ़ती जा रही थी।

तकनीक का दुरुपयोग कर देते थे वारदात को अंजाम

आरोपियों के पास से बड़ी संख्या में मोबाइल फोन, सिम कार्ड और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए हैं। प्रारंभिक जांच के अनुसार, ये आरोपी बार-बार सिम बदलकर और नए मोबाइल उपकरणों का उपयोग कर पुलिस की नजरों से बचने की कोशिश करते थे। ठगी की रकम अलग-अलग खातों और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए घुमाई जाती थी, ताकि पहचान छिपी रहे।

गुप्त सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी गुप्त सूचना और तकनीकी निगरानी के आधार पर की गई। लंबे समय से इनके डिजिटल गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। ठोस सबूत मिलने के बाद विशेष टीम ने योजनाबद्ध तरीके से दबिश देकर दोनों आरोपियों को पकड़ लिया।

जांच में हो सकते हैं और बड़े खुलासे

टोंक पुलिस का मानना है कि यह नेटवर्क अभी और भी लोगों से जुड़ा हो सकता है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और उनके संपर्कों, बैंक खातों व डिजिटल ट्रांजैक्शन की गहन जांच की जा रही है। आशंका है कि आने वाले दिनों में इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों के नाम भी सामने आ सकते हैं।

आम लोगों से सतर्क रहने की अपील

पुलिस ने इस मामले के बाद आम नागरिकों से अपील की है कि वे अनजान कॉल, लिंक या ऑनलाइन ऑफर के झांसे में न आएं। किसी भी संदिग्ध डिजिटल गतिविधि की तुरंत साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस थाने में सूचना देने का आग्रह किया गया है।


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टोंक पुलिस की बड़ी कामयाबी: 400 से ज्यादा साइबर ठगी मामलों से जुड़े दो शातिर आरोपी गिरफ्तार

लेखक:हिट एंड हॉट न्यूज़ डेस्क|प्रकाशित:फ़रवरी 4, 2026

राजस्थान के टोंक जिले में साइबर अपराध के खिलाफ चल रही मुहिम को बड़ी सफलता मिली है। टोंक पुलिस ने देशभर में फैले एक संगठित साइबर ठगी नेटवर्क का खुलासा करते हुए दो ऐसे आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन पर 22 अलग-अलग राज्यों में 400 से अधिक साइबर फ्रॉड मामलों में संलिप्त होने का आरोप है। यह कार्रवाई साइबर अपराध के बढ़ते खतरे पर कड़ा प्रहार मानी जा रही है।

22 राज्यों तक फैला था ठगी का जाल

पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार किए गए आरोपी लंबे समय से देश के विभिन्न हिस्सों में लोगों को निशाना बना रहे थे। ये आरोपी अलग-अलग मोबाइल नंबरों और फर्जी पहचान के जरिए लोगों को झांसे में लेते थे। बैंकिंग, डिजिटल भुगतान और ऑनलाइन लेनदेन से जुड़े मामलों में इनके नाम दर्ज होने की संख्या लगातार बढ़ती जा रही थी।

तकनीक का दुरुपयोग कर देते थे वारदात को अंजाम

आरोपियों के पास से बड़ी संख्या में मोबाइल फोन, सिम कार्ड और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए हैं। प्रारंभिक जांच के अनुसार, ये आरोपी बार-बार सिम बदलकर और नए मोबाइल उपकरणों का उपयोग कर पुलिस की नजरों से बचने की कोशिश करते थे। ठगी की रकम अलग-अलग खातों और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए घुमाई जाती थी, ताकि पहचान छिपी रहे।

गुप्त सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी गुप्त सूचना और तकनीकी निगरानी के आधार पर की गई। लंबे समय से इनके डिजिटल गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। ठोस सबूत मिलने के बाद विशेष टीम ने योजनाबद्ध तरीके से दबिश देकर दोनों आरोपियों को पकड़ लिया।

जांच में हो सकते हैं और बड़े खुलासे

टोंक पुलिस का मानना है कि यह नेटवर्क अभी और भी लोगों से जुड़ा हो सकता है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और उनके संपर्कों, बैंक खातों व डिजिटल ट्रांजैक्शन की गहन जांच की जा रही है। आशंका है कि आने वाले दिनों में इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों के नाम भी सामने आ सकते हैं।

आम लोगों से सतर्क रहने की अपील

पुलिस ने इस मामले के बाद आम नागरिकों से अपील की है कि वे अनजान कॉल, लिंक या ऑनलाइन ऑफर के झांसे में न आएं। किसी भी संदिग्ध डिजिटल गतिविधि की तुरंत साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस थाने में सूचना देने का आग्रह किया गया है।