मिजोरम बना राष्ट्रीय ‘स्टॉप डायरिया’ पहल का आदर्श राज्य26 जून 2025 | आइज़ोल, मिजोरम

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Anoop singh

मिजोरम ने बच्चों की जान बचाने और सार्वजनिक स्वास्थ्य को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए भारत सरकार की ‘स्टॉप डायरिया’ मुहिम में शानदार प्रदर्शन किया है। इस पहल का उद्देश्य बच्चों में डायरिया से होने वाली मृत्यु दर को कम करना है, और मिजोरम ने इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए एक समग्र रणनीति अपनाई है।

🔹 स्वास्थ्य मंत्रालय का सहयोग और ठोस योजनाएं

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के सहयोग से राज्य सरकार ने जागरूकता अभियान, प्रारंभिक लक्षण पहचान, और आवश्यक उपचार की सहज उपलब्धता सुनिश्चित की है। खासतौर पर ओआरएस (ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन) और जिंक सप्लीमेंट के वितरण को प्राथमिकता दी जा रही है, जो डायरिया के दौरान होने वाले निर्जलीकरण को रोकने में सहायक होते हैं।

🔹 स्वच्छ जल और स्वच्छता पर विशेष ध्यान

मिजोरम सरकार ने स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता को सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रयास किए हैं, क्योंकि गंदा पानी डायरिया फैलने का प्रमुख कारण होता है। साथ ही ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में परिवारों को स्वच्छता एवं व्यक्तिगत साफ-सफाई के महत्व के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

🔹 सामुदायिक सहभागिता बनी सफलता की कुंजी

राज्य में अभियान को सफल बनाने में समुदाय की भागीदारी ने अहम भूमिका निभाई है। आशा कार्यकर्ताओं, स्वास्थ्य स्वयंसेवकों और पंचायत स्तर के कर्मचारियों ने गांव-गांव जाकर लोगों को शिक्षा दी है कि डायरिया के दौरान क्या करें और क्या न करें। विशेष रूप से बच्चों की देखभाल और बीमारी की स्थिति में समय पर चिकित्सकीय हस्तक्षेप की जानकारी दी जा रही है।

🔹 मंत्रालय ने की प्रशंसा

स्वास्थ्य मंत्रालय ने अपनी हालिया रिपोर्ट में मिजोरम की प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह राज्य “एक साथ मिलकर जान बचाने के मिशन” के मूल मंत्र को साकार कर रहा है। मंत्रालय ने इसे अन्य राज्यों के लिए अनुकरणीय बताया है।

🔹 देश के लिए उदाहरण बना मिजोरम

मिजोरम की यह पहल दर्शाती है कि अगर शिक्षा, संसाधनों की उपलब्धता और समय पर चिकित्सा हस्तक्षेप को एक साथ जोड़ा जाए, तो डायरिया जैसी रोकी जा सकने वाली बीमारियों से बच्चों की जान बचाई जा सकती है। मिजोरम आज ‘स्टॉप डायरिया’ अभियान में न केवल सबसे आगे है, बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा स्रोत भी बन गया है।


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मिजोरम बना राष्ट्रीय ‘स्टॉप डायरिया’ पहल का आदर्श राज्य26 जून 2025 | आइज़ोल, मिजोरम

लेखक:हिट एंड हॉट न्यूज़ डेस्क|प्रकाशित:जून 26, 2025
Anoop singh

मिजोरम ने बच्चों की जान बचाने और सार्वजनिक स्वास्थ्य को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए भारत सरकार की ‘स्टॉप डायरिया’ मुहिम में शानदार प्रदर्शन किया है। इस पहल का उद्देश्य बच्चों में डायरिया से होने वाली मृत्यु दर को कम करना है, और मिजोरम ने इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए एक समग्र रणनीति अपनाई है।

🔹 स्वास्थ्य मंत्रालय का सहयोग और ठोस योजनाएं

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के सहयोग से राज्य सरकार ने जागरूकता अभियान, प्रारंभिक लक्षण पहचान, और आवश्यक उपचार की सहज उपलब्धता सुनिश्चित की है। खासतौर पर ओआरएस (ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन) और जिंक सप्लीमेंट के वितरण को प्राथमिकता दी जा रही है, जो डायरिया के दौरान होने वाले निर्जलीकरण को रोकने में सहायक होते हैं।

🔹 स्वच्छ जल और स्वच्छता पर विशेष ध्यान

मिजोरम सरकार ने स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता को सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रयास किए हैं, क्योंकि गंदा पानी डायरिया फैलने का प्रमुख कारण होता है। साथ ही ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में परिवारों को स्वच्छता एवं व्यक्तिगत साफ-सफाई के महत्व के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

🔹 सामुदायिक सहभागिता बनी सफलता की कुंजी

राज्य में अभियान को सफल बनाने में समुदाय की भागीदारी ने अहम भूमिका निभाई है। आशा कार्यकर्ताओं, स्वास्थ्य स्वयंसेवकों और पंचायत स्तर के कर्मचारियों ने गांव-गांव जाकर लोगों को शिक्षा दी है कि डायरिया के दौरान क्या करें और क्या न करें। विशेष रूप से बच्चों की देखभाल और बीमारी की स्थिति में समय पर चिकित्सकीय हस्तक्षेप की जानकारी दी जा रही है।

🔹 मंत्रालय ने की प्रशंसा

स्वास्थ्य मंत्रालय ने अपनी हालिया रिपोर्ट में मिजोरम की प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह राज्य “एक साथ मिलकर जान बचाने के मिशन” के मूल मंत्र को साकार कर रहा है। मंत्रालय ने इसे अन्य राज्यों के लिए अनुकरणीय बताया है।

🔹 देश के लिए उदाहरण बना मिजोरम

मिजोरम की यह पहल दर्शाती है कि अगर शिक्षा, संसाधनों की उपलब्धता और समय पर चिकित्सा हस्तक्षेप को एक साथ जोड़ा जाए, तो डायरिया जैसी रोकी जा सकने वाली बीमारियों से बच्चों की जान बचाई जा सकती है। मिजोरम आज ‘स्टॉप डायरिया’ अभियान में न केवल सबसे आगे है, बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा स्रोत भी बन गया है।