ट्रम्प और पुतिन के बीच अहम बातचीत, रूस ने दिया मॉस्को आने का न्योता

जहां एक ओर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका दौरे पर हैं, वहीं दूसरी ओर रूस को लेकर एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जानकारी दी कि उन्होंने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से फोन पर बातचीत की है। इस चर्चा में यूक्रेन युद्ध, मध्य पूर्व में बढ़ता तनाव, वैश्विक ऊर्जा संकट, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डॉलर के प्रभुत्व जैसे कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। इस बातचीत के बाद क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने खुलासा किया कि पुतिन ने ट्रम्प को मॉस्को आने का निमंत्रण दिया है।
यूक्रेन युद्ध और शांति प्रयासों पर चर्चा
रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध अब भी वैश्विक राजनीति का केंद्र बना हुआ है। ट्रम्प और पुतिन के बीच इस मुद्दे पर विशेष चर्चा हुई। ट्रम्प, जो पहले भी कई बार इस युद्ध को जल्द खत्म करने की बात कर चुके हैं, संभवतः इस बातचीत के जरिए रूस और पश्चिमी देशों के बीच तनाव को कम करने के उपाय तलाश रहे हैं। अमेरिका में ट्रम्प के समर्थकों का मानना है कि अगर वह फिर से राष्ट्रपति बनते हैं, तो यूक्रेन युद्ध को जल्द समाप्त करने में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव पर चर्चा
मध्य पूर्व क्षेत्र में जारी संघर्ष भी इस वार्ता का अहम मुद्दा रहा। हाल ही में इस क्षेत्र में इजरायल-हमास युद्ध और अन्य संघर्षों के चलते भू-राजनीतिक अस्थिरता बढ़ी है। ट्रम्प और पुतिन ने इस क्षेत्र में शांति बहाली के उपायों पर विचार किया।
डॉलर और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर चर्चा
रूस और चीन लगातार अमेरिकी डॉलर की वैश्विक अर्थव्यवस्था में निर्भरता कम करने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में इस बातचीत में डॉलर का मुद्दा भी अहम रहा। कई देशों द्वारा रूस के साथ व्यापार में डॉलर के बजाय स्थानीय मुद्राओं का उपयोग करने की बढ़ती प्रवृत्ति भी चर्चा का विषय बनी।
पुतिन ने ट्रम्प को मॉस्को बुलाया
इस चर्चा के बाद रूस की ओर से बड़ा संकेत आया। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने बताया कि व्लादिमीर पुतिन ने डोनाल्ड ट्रम्प को मॉस्को आने का निमंत्रण दिया है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि ट्रम्प इस आमंत्रण को स्वीकार करेंगे या नहीं, लेकिन अगर वह मॉस्को जाते हैं, तो यह अमेरिका और रूस के संबंधों में एक नया मोड़ ला सकता है।
क्या ट्रम्प 2024 चुनावों के मद्देनजर रणनीति बना रहे हैं?
अमेरिका में अगले साल राष्ट्रपति चुनाव होने हैं, और ट्रम्प इसके लिए पूरी तैयारी में लगे हुए हैं। रूस के साथ उनकी बातचीत को चुनावी रणनीति के रूप में भी देखा जा सकता है। अगर वह फिर से राष्ट्रपति बनते हैं, तो उनकी विदेश नीति रूस और चीन के साथ संबंध सुधारने की दिशा में हो सकती है।
निष्कर्ष
ट्रम्प और पुतिन की बातचीत वैश्विक राजनीति के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। रूस और अमेरिका के बीच तनावपूर्ण संबंधों के बीच यह वार्ता कई संभावनाओं को जन्म दे सकती है। अब यह देखना होगा कि ट्रम्प इस बातचीत के बाद क्या रुख अपनाते हैं और क्या वह पुतिन के निमंत्रण को स्वीकार कर मॉस्को की यात्रा करेंगे। इस घटनाक्रम पर दुनिया की नजर बनी हुई है, क्योंकि इससे भविष्य की वैश्विक राजनीति पर असर पड़ सकता है।
