फ़रवरी 14, 2026

सेमीकॉन इंडिया 2025 : भारत की सेमीकंडक्टर क्रांति का नया अध्याय

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नई दिल्ली, 22 अगस्त 2025 – भारत तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में एक और ऐतिहासिक कदम उठाने जा रहा है। आगामी सेमीकॉन इंडिया 2025 का चौथा संस्करण 2 से 4 सितंबर को राजधानी दिल्ली स्थित यशोभूमि कन्वेंशन और एक्सपो सेंटर में आयोजित होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2 सितंबर को इस मेगा आयोजन का औपचारिक उद्घाटन करेंगे।

वैश्विक स्तर पर सबसे बड़ा आयोजन

सेमीकॉन इंडिया 2025 एशिया का सबसे बड़ा सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स मंच माना जा रहा है।

  • इसमें 33 देशों की भागीदारी होगी।
  • 350 से अधिक प्रदर्शक, 50+ वैश्विक CXO और 50 से ज्यादा विशेषज्ञ वक्ता शामिल होंगे।
  • साथ ही, 6 अंतरराष्ट्रीय गोलमेज बैठकें, 4 देशों के विशेष मंडप और 9 भारतीय राज्यों की सहभागिता भी होगी।
  • अनुमान है कि 15,000 से अधिक प्रतिभागी और आगंतुक आयोजन स्थल पर मौजूद रहेंगे।

भारत की तेज़ होती सेमीकंडक्टर यात्रा

भारत सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में इस क्षेत्र को लेकर कई रणनीतिक कदम उठाए हैं। अब तक 10 प्रमुख परियोजनाओं को मंजूरी मिल चुकी है, जिनमें बड़े पैमाने पर फैब्रिकेशन इकाइयाँ, 3डी पैकेजिंग, कंपाउंड सेमीकंडक्टर और टेस्टिंग फैसिलिटी शामिल हैं।

इसके अलावा:

  • 280 विश्वविद्यालयों और 72 स्टार्टअप्स को आधुनिक डिज़ाइन टूल्स उपलब्ध कराए गए हैं।
  • डिज़ाइन लिंक्ड इंसेंटिव (DLI) योजना के अंतर्गत 23 स्टार्टअप्स को सहयोग दिया गया है।

इन पहलों से भारत CCTV, नेविगेशन, मोटर कंट्रोलर, संचार उपकरण और माइक्रोप्रोसेसर जैसी तकनीकों में अपनी स्वतंत्र क्षमता विकसित कर रहा है।

इस वर्ष की थीम

कार्यक्रम का मुख्य विषय है – “अगले सेमीकंडक्टर पावरहाउस का निर्माण”। इस दौरान जिन विषयों पर चर्चा होगी, उनमें शामिल हैं:

  • उन्नत फैब्रिकेशन और पैकेजिंग तकनीक
  • स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस
  • सप्लाई चेन प्रबंधन और स्थिरता
  • कार्यबल विकास और स्टार्टअप इनोवेशन

युवाओं के लिए कार्यबल विकास मंडप (Workforce Pavilion) का भी आयोजन किया जाएगा, जहाँ करियर के नए अवसरों पर विशेष सत्र होंगे।

उद्योग जगत की मजबूत मौजूदगी

इस कार्यक्रम में IBM, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स, माइक्रोन, SK हाइनिक्स, इनफिनियॉन, सीमेंस, सैनडिस्क, ASML, लैम रिसर्च, टोक्यो इलेक्ट्रॉन जैसी दिग्गज कंपनियाँ अपने उत्पाद, तकनीक और भविष्य की योजनाएँ प्रदर्शित करेंगी।

क्यों है यह आयोजन अहम?

  • भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर हब बनाने की दिशा में यह बड़ा कदम है।
  • घरेलू नवाचार और स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन मिलेगा।
  • दुनिया भर के उद्योग और शोध संस्थानों के साथ सहयोग का अवसर मिलेगा।
  • आत्मनिर्भर भारत की तकनीकी नींव और भी मजबूत होगी।

निष्कर्ष

सेमीकॉन इंडिया 2025 सिर्फ एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि भारत की तकनीकी क्रांति की दिशा में निर्णायक पड़ाव है। यह आयोजन वैश्विक विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं और उद्योग जगत को एक मंच पर लाकर न केवल विचार-विमर्श का अवसर देगा, बल्कि भारत को आने वाले समय में सेमीकंडक्टर पावरहाउस बनाने की नींव भी रखेगा।


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