यूक्रेन की रणनीतिक बैठक: सुरक्षा और जवाबी हमलों पर ज़ोर

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण स्टाफ बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें देश की मौजूदा सैन्य स्थिति और भविष्य की रक्षा योजनाओं पर गहन चर्चा हुई। इस बैठक में मुख्य रूप से वायु रक्षा, रूसी ठिकानों पर किए जा रहे हमले और अग्रिम मोर्चों की परिस्थितियों पर ध्यान केंद्रित किया गया।
वायु रक्षा प्रणाली: आत्मनिर्भरता की ओर कदम
बैठक की शुरुआत वायु रक्षा से जुड़ी रणनीतियों से हुई। यूक्रेन लंबे समय से अपने सहयोगी देशों से आधुनिक मिसाइल और एंटी-एयर सिस्टम की मांग कर रहा है, ताकि रूसी हवाई हमलों को रोका जा सके। राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने कहा कि न केवल बाहरी सहायता पर निर्भर रहना ज़रूरी है, बल्कि घरेलू स्तर पर इंटरसेप्टर उत्पादन को भी तेज करना होगा। इसके साथ ही ऑपरेटरों के प्रशिक्षण पर विशेष बल दिया गया, ताकि आधुनिक प्रणालियों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।
रूसी ठिकानों पर गहरे हमले (Deep Strikes)
इस बैठक में रूसी सैन्य ठिकानों पर किए गए “डीप स्ट्राइक्स” का भी विस्तृत मूल्यांकन किया गया। ज़ेलेंस्की ने बताया कि इन हमलों से रूसी रसद व्यवस्था और ईंधन आपूर्ति को गंभीर क्षति पहुँची है। उन्होंने यह भी कहा कि हमलों की सटीकता और योजनाबद्ध रणनीति रूस की युद्ध क्षमता को कमजोर करने में अहम भूमिका निभा रही है। राष्ट्रपति ने इसमें शामिल हर सैनिक और इकाई की बहादुरी की सराहना की।
मोर्चों की स्थिति: सूमी, डोनेट्स्क और ज़पोरिज़िया
कमांडर-इन-चीफ़ सिरस्की ने बैठक के दौरान मोर्चों की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की। उनके अनुसार, सूमी क्षेत्र में रूस का हमला पूरी तरह विफल रहा और यूक्रेनी सैनिकों ने वहां मज़बूत पकड़ बना ली है। हालाँकि सीमावर्ती क्षेत्रों में रूसी सैनिकों की regrouping जारी है, लेकिन भारी नुकसान के कारण उनका आक्रामक अभियान निष्फल हो गया है।
डोनेट्स्क और ज़पोरिज़िया में भी यूक्रेनी सेना डटे हुए है और रूसी हमलों का मजबूती से जवाब दे रही है। राष्ट्रपति ने सैनिकों, अधिकारियों और कमांडरों की दृढ़ता और समर्पण की सराहना करते हुए उन्हें राष्ट्र की शक्ति का प्रतीक बताया।
निष्कर्ष
यह बैठक इस बात का संकेत है कि यूक्रेन केवल रक्षा पर ही नहीं, बल्कि रणनीतिक जवाबी हमलों पर भी उतना ही ध्यान दे रहा है। वायु सुरक्षा को मजबूत करने, घरेलू हथियार उत्पादन बढ़ाने और रूसी ठिकानों पर सटीक हमले करने की रणनीति से स्पष्ट है कि यूक्रेन का नेतृत्व लंबी लड़ाई के लिए तैयार है। ज़ेलेंस्की का संदेश साफ है — यूक्रेन न सिर्फ़ अपने आकाश और ज़मीन की रक्षा करेगा, बल्कि आक्रामक दुश्मन को कमजोर करने में भी कोई कसर नहीं छोड़ेगा।
