कौशाम्बी: 9वीं की छात्रा काजल बनी एक दिन की जिलाधिकारी, लोगों की समस्याएं सुनीं और प्रशासनिक कार्यों को समझा

अभय सिंह
कौशाम्बी जिले में एक अनोखी पहल के तहत कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की 9वीं कक्षा की छात्रा काजल को एक दिन के लिए जिलाधिकारी (DM) बनाया गया। इस दौरान काजल ने प्रशासन की कार्य प्रणाली को न सिर्फ करीब से समझा, बल्कि डीएम की कुर्सी पर बैठकर लोगों की समस्याएं भी सुनीं।
प्रशासनिक कार्यों की ली जानकारी एक दिन की जिलाधिकारी बनी काजल ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठकें कीं और जिला प्रशासन के कार्यों का अवलोकन किया। उसने अधिकारियों से सरकारी योजनाओं और नीतियों के क्रियान्वयन के बारे में भी चर्चा की। इस अनुभव ने उसे प्रशासनिक कार्यों की गहरी समझ दी।
लोगों की समस्याओं पर ध्यान काजल ने डीएम की कुर्सी पर बैठकर कई लोगों की समस्याएं सुनीं और उनके समाधान के लिए अधिकारियों को निर्देश भी दिए। इस दौरान उन्होंने लोगों की शिकायतों पर विचार करते हुए उनकी समस्याओं को जल्द से जल्द सुलझाने का भरोसा दिलाया।
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की छात्रा काजल कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की होनहार छात्रा हैं, और उनके इस चयन से स्कूल और परिवार में खुशी का माहौल है। इस पहल के जरिए काजल ने प्रशासनिक कार्यों की जटिलताओं को समझने का मौका पाया और डीएम बनने के अनुभव से प्रेरित हुईं।
नारी सशक्तिकरण की मिसाल काजल का एक दिन के लिए डीएम बनना न केवल कौशाम्बी जिले में बल्कि पूरे समाज में नारी सशक्तिकरण की एक प्रेरक मिसाल है। इस पहल से यह संदेश मिलता है कि लड़कियां भी बड़े प्रशासनिक पदों पर अपनी जगह बना सकती हैं और समाज की भलाई के लिए महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं।
काजल का यह अनुभव उसके भविष्य के लिए प्रेरणादायक साबित होगा, और वह इसे अपनी शिक्षा और जीवन के अगले पड़ाव में जरूर इस्तेमाल करेगी।
