तहसीलदार शत्रुघन सिंह चौहान पर दुष्कर्म और धोखाधड़ी के गंभीर आरोप

ग्वालियर में पदस्थ तहसीलदार शत्रुघन सिंह चौहान के खिलाफ बुधवार रात एक महिला की शिकायत पर दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया है। महिला का आरोप है कि चौहान ने 17 साल तक उसे झांसे में रखकर शारीरिक संबंध बनाए। उसने बताया कि चौहान ने अपनी शादीशुदा स्थिति को छुपाकर उससे शादी की और उनका एक बेटा भी है।
महिला का आरोप
महिला ने दावा किया है कि 2008 से 2025 के बीच चौहान ने कई स्थानों पर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। महिला का कहना है कि चौहान की कुल चार पत्नियां हैं और उसने शादीशुदा होने की बात जानबूझकर छिपाई। महिला ने चौहान पर मारपीट और धमकाने के भी आरोप लगाए हैं।
चौहान का आपराधिक रिकॉर्ड
शत्रुघन सिंह चौहान का आपराधिक रिकॉर्ड भी विवादों में घिरा हुआ है। पिछले 10 सालों में उनके खिलाफ 16 आपराधिक मामले दर्ज हुए थे। इन मामलों में हत्या के प्रयास, मारपीट, चोरी, आर्म्स एक्ट, लूट और डकैती जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। हालांकि, चौहान का कहना है कि वह सभी मामलों में अदालत से दोषमुक्त हो चुके हैं।
चौहान की सफाई
चौहान ने इन सभी आरोपों को राजनीतिक साजिश बताया है। उन्होंने दावा किया, “पूर्व मंत्री गोविंद सिंह मेरे परिवार से राजनीतिक द्वेष रखते थे। हमारे परिवार की जमीनें नदी किनारे थीं, जबकि उनका रेत खदान का व्यवसाय था। हमने उनके खिलाफ शिकायतें दर्ज कराई थीं, जिसके कारण हमारे खिलाफ मामले दर्ज कराए गए। कोर्ट ने मुझे सभी मामलों में निर्दोष करार दिया है।”
आरोपों से घिरा प्रशासनिक अधिकारी
तहसीलदार जैसे संवेदनशील पद पर रहते हुए चौहान के खिलाफ लगे ये आरोप प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। एक अधिकारी पर दुष्कर्म, धोखाधड़ी और आपराधिक गतिविधियों के आरोप कहीं न कहीं प्रशासनिक निगरानी और चयन प्रक्रिया की खामियों को उजागर करते हैं।
न्याय की प्रतीक्षा
इस प्रकरण में पुलिस जांच जारी है। महिला द्वारा लगाए गए आरोपों की सत्यता और चौहान के आपराधिक रिकॉर्ड की जांच के बाद ही न्यायालय कोई निर्णय लेगा। यह मामला न केवल एक महिला के अधिकारों की लड़ाई है, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने का भी प्रयास है।
गौरतलब है कि ऐसे प्रकरणों से यह स्पष्ट होता है कि सार्वजनिक पदों पर आसीन व्यक्तियों के आचरण और उनके पिछले रिकॉर्ड की समय-समय पर समीक्षा आवश्यक है।
