कर्नाटक के शिमोगा में केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान का सुपारी किसानों और मलनाड स्टार्टअप समिट-2025 पर संवाद
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने 18 जनवरी 2025 को कर्नाटक के शिमोगा जिले में आयोजित अन्वेषणा मलनाड स्टार्टअप समिट-2025 में सहभागिता की। इस समिट में उन्होंने युवा उद्यमियों और किसानों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भारत के युवाओं में ऊर्जा, विजन और असीम क्षमता है, जो देश के स्टार्टअप इकोसिस्टम को नई ऊंचाइयों पर ले जा रही है।

उन्होंने कहा कि गांवों में स्टार्टअप क्रांति हो रही है और एग्रीटेक स्टार्टअप्स की बढ़ती संख्या यह दर्शाती है कि किसान नई तकनीकों और नवाचारों को अपना रहे हैं। श्री चौहान ने शिमोगा के सुपारी किसानों से संवाद भी किया और भारत को दुनिया का सबसे बड़ा सुपारी उत्पादक देश बताते हुए कहा कि कुल वैश्विक उत्पादन में भारत की 63% हिस्सेदारी है।
सुपारी किसानों के लिए सरकार की प्रतिबद्धता
श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भारत में लगभग 60 लाख किसान सुपारी उत्पादन में संलग्न हैं, और 58,664 करोड़ रुपये की सुपारी का वार्षिक उत्पादन होता है। किसानों को उनके उत्पाद का सही मूल्य दिलाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने घोषणा की कि सुपारी के आयात पर 100% इम्पोर्ट ड्यूटी लगाई जाएगी, ताकि स्थानीय उत्पादकों को नुकसान न हो। इसके अलावा, अवैध सुपारी की समस्या को दूर करने के लिए कठोर कदम उठाने का आश्वासन दिया।
उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि बारिश और नई बीमारियों के कारण सुपारी उत्पादन में आई समस्याओं को दूर करने के लिए आईसीएआर (भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद) लगातार शोध कर रही है। एलएसडी और व्हायएलडी जैसी बीमारियों से निपटने के लिए राष्ट्रीय वैज्ञानिक समिति द्वारा सुझाए गए उपायों को लागू करने हेतु 67 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
खेती को लाभकारी व्यवसाय बनाने की योजना
श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार खेती को लाभ का व्यवसाय बनाने के लिए छह सूत्रीय रणनीति पर काम कर रही है:
- उत्पादन बढ़ाना।
- उत्पादन की लागत घटाना।
- फसल के उचित दाम दिलाना।
- फसल के नुकसान की भरपाई।
- खेती का विविधीकरण।
- ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा देना।
उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने के लिए एफपीओ (किसान उत्पादक संगठन) और स्टार्टअप्स की भूमिका महत्वपूर्ण है। एफपीओ ब्रांडिंग, मार्केटिंग और वैल्यू एडिशन के माध्यम से किसानों के लिए आय के नए स्रोत बना सकते हैं।
किसानों और स्टार्टअप्स के बीच तालमेल
श्री चौहान ने कहा कि देश में कई एफपीओ अच्छा काम कर रहे हैं, जिनमें से कुछ का टर्नओवर 60 करोड़ रुपये से भी अधिक है। उन्होंने कहा कि छात्रों और युवाओं के पास अद्भुत विचार हैं, जिन्हें जमीन पर उतारकर कृषि क्षेत्र में सुधार किया जा सकता है। केंद्र सरकार स्टार्टअप्स को हर संभव संसाधन और सहयोग प्रदान कर रही है।
उन्होंने एक नई योजना का भी उल्लेख किया, जिसमें किसानों को उनकी फसल का बेहतर मूल्य दिलाने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर ट्रांसपोर्ट का आधा खर्च उठाएंगी।
समर्पित कृषि नीति और प्रधानमंत्री का नेतृत्व
श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार किसानों के कल्याण और कृषि के आधुनिकीकरण के लिए संकल्पित है। स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ किसानों को बेहतर तकनीक, संसाधन और बाजार उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
इस अवसर पर श्री चौहान ने भारत के युवाओं और किसानों की ऊर्जा, नवाचार और योगदान की सराहना की और भविष्य में कृषि क्षेत्र को और उन्नत बनाने की प्रतिबद्धता जताई।
(रिलीज़ आईडी: 2094149)
