राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस 2025: आत्मनिर्भर भारत की दिशा में विज्ञान और तकनीक का उत्सव

हर वर्ष 11 मई को भारत में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस मनाया जाता है, जो विज्ञान, तकनीक और अनुसंधान के क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों को सम्मान देने का दिन होता है। वर्ष 2025 में भी इस अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देशवासियों को शुभकामनाएं दीं और भारत की वैज्ञानिक प्रगति पर गर्व व्यक्त किया। उन्होंने इस दिन को 1998 के पोखरण परमाणु परीक्षण की ऐतिहासिक घटना को स्मरण करने का सुअवसर बताया।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में कहा कि पोखरण परीक्षण भारत की आत्मनिर्भरता की दिशा में एक निर्णायक क्षण था। इसने देश को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाई और वैज्ञानिक समुदाय की क्षमता को सिद्ध किया। यह दिन केवल वैज्ञानिक उपलब्धियों का उत्सव नहीं, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों को सशक्त बनाने की प्रतिबद्धता को दोहराने का दिन भी है।
आज भारत अंतरिक्ष अनुसंधान, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल टेक्नोलॉजी, हरित ऊर्जा, जैव प्रौद्योगिकी जैसे कई क्षेत्रों में वैश्विक नेतृत्व की ओर बढ़ रहा है। इस प्रगति का श्रेय हमारे वैज्ञानिकों, अनुसंधानकर्ताओं और प्रौद्योगिकीविदों को जाता है जिन्होंने सीमित संसाधनों में भी अद्भुत नवाचार किए।
प्रधानमंत्री ने यह भी आशा व्यक्त की कि प्रौद्योगिकी न केवल मानवता के कल्याण में सहायक बनेगी, बल्कि राष्ट्र की सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और सतत विकास को भी गति देगी। उन्होंने वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया और युवाओं से आग्रह किया कि वे विज्ञान और नवाचार को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं।
निष्कर्षतः, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस केवल अतीत की सफलताओं को याद करने का दिन नहीं है, बल्कि यह भविष्य की दिशा तय करने वाला पर्व भी है। यह दिन हमें प्रेरित करता है कि हम विज्ञान को समाज के हर वर्ग तक पहुँचाएं और एक समृद्ध, सुरक्षित व सशक्त भारत की नींव मजबूत करें।
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