फ़रवरी 13, 2026

Anoop singh

नई दिल्ली, 1 जून 2025 – आज पूरा देश एक नए जोश और उमंग से सराबोर रहा जब ‘फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल’ अभियान ने अपना 25वां संस्करण सफलतापूर्वक संपन्न किया। यह आयोजन न केवल स्वास्थ्य और फिटनेस को समर्पित रहा, बल्कि इसमें देशभक्ति की भावना और सामूहिक भागीदारी की मिसाल भी देखने को मिली।

क्या है ‘फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल’?

यह पहल भारत सरकार के ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ के अंतर्गत शुरू की गई थी, जिसका उद्देश्य देशवासियों को नियमित रूप से शारीरिक गतिविधियों के लिए प्रेरित करना है। हर महीने के पहले रविवार को लोग सड़कों पर साइकिल लेकर निकलते हैं, जिससे फिटनेस को जीवनशैली का हिस्सा बनाया जा सके।

25वें संस्करण की खास बातें

इस ऐतिहासिक संस्करण में देशभर के 700 से अधिक जिलों में कार्यक्रम आयोजित किए गए। 10 लाख से अधिक लोगों ने भाग लिया, जिनमें छात्र, पुलिसकर्मी, सैनिक, खिलाड़ी, बुज़ुर्ग और बच्चे तक शामिल रहे। इस बार थीम थी – “साइकिल चलाओ, देश को फिट बनाओ”, जो लोगों में स्वास्थ्य के साथ-साथ देशभक्ति की भावना को भी जागृत करती है।

नई दिल्ली में हुआ विशेष आयोजन

राजधानी दिल्ली में इंडिया गेट से शुरू हुआ साइक्लोथॉन विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। इसमें केंद्रीय मंत्रियों, सेना के जवानों और स्कूली बच्चों ने एक साथ साइकिल चलाई। इस आयोजन का नेतृत्व केंद्रीय खेल मंत्री ने किया और उन्होंने सभी को नियमित रूप से साइकिल चलाने की अपील की।

स्वस्थ शरीर, मजबूत राष्ट्र

साइकिल चलाना एक सरल और सुलभ व्यायाम है, जो न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी सहायक है। पेट्रोल-डीजल के उपयोग में कमी लाकर यह अभियान हरित भारत की दिशा में भी एक ठोस कदम है।

जनता की जबरदस्त भागीदारी

गांव से लेकर शहर तक लोगों ने स्वेच्छा से इस अभियान में हिस्सा लिया। कई स्थानों पर साइकिल यात्राएं स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को समर्पित रहीं, तो कहीं स्वास्थ्य जांच शिविरों का भी आयोजन किया गया। युवाओं में इस आयोजन को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला।


निष्कर्ष

फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल’ अब सिर्फ एक अभियान नहीं रह गया, यह एक जनआंदोलन बन चुका है। इसका 25वां संस्करण इस बात का प्रमाण है कि जब देशवासी एकजुट होते हैं, तो फिटनेस और देशभक्ति दोनों को एक साथ आगे बढ़ाया जा सकता है। यह पहल आने वाले समय में भारत को न केवल फिट बनाएगी, बल्कि एक जागरूक और स्वस्थ समाज की नींव भी रखेगी।


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