फ़रवरी 13, 2026

विश्व पर्यावरण दिवस 2025 पर प्रधानमंत्री का संदेश: पर्यावरण संरक्षण के लिए जनभागीदारी की आवश्यकता

0
Anoop singh

5 जून 2025 को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत करने का संदेश दिया। उन्होंने विशेष रूप से उन लोगों की सराहना की जो धरती को हरा-भरा और स्वच्छ बनाने के लिए जमीनी स्तर पर अथक प्रयास कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर साझा किए अपने संदेश में लिखा:

“इस विश्व पर्यावरण दिवस पर, आइए हम अपनी धरती की रक्षा करने और हमारे समक्ष आने वाली चुनौतियों पर नियंत्रण पाने की दिशा में अपने प्रयासों को और सुदृढ़ बनाएं। हमारे पर्यावरण को हरा-भरा और बेहतर बनाने के लिए भी जमीनी स्तर पर कार्यरत सभी लोगों की मैं सराहना करता हूं।”

यह संदेश न केवल पर्यावरणीय मुद्दों की गंभीरता को दर्शाता है, बल्कि सरकार और नागरिकों के बीच साझेदारी को भी बल देता है। प्रधानमंत्री ने यह स्पष्ट किया कि केवल नीतियाँ और योजनाएँ पर्याप्त नहीं हैं, जब तक हर नागरिक व्यक्तिगत रूप से पर्यावरण संरक्षण के लिए सक्रिय भूमिका न निभाए।

प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण: एक सामूहिक जिम्मेदारी

भारत जैसे विशाल और विविधतापूर्ण देश में जल, वायु, भूमि और जैव विविधता की रक्षा करना सिर्फ सरकार का काम नहीं, बल्कि हर व्यक्ति की सामाजिक और नैतिक जिम्मेदारी है। प्रधानमंत्री के इस संदेश का मूल उद्देश्य भी यही था कि सभी नागरिक अपने-अपने स्तर पर योगदान दें — चाहे वह वृक्षारोपण हो, प्लास्टिक का उपयोग कम करना हो या जल की बर्बादी रोकना हो।

‘हरित भारत’ की ओर एक कदम

प्रधानमंत्री द्वारा व्यक्त विचार ‘हरित भारत’ की उस परिकल्पना को आगे बढ़ाते हैं, जिसके अंतर्गत भारत को एक स्वच्छ, सतत और पर्यावरण के अनुकूल राष्ट्र बनाना है। ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहरी इलाकों तक, लोगों को यह समझाने की आवश्यकता है कि छोटी-छोटी आदतें—जैसे कचरा प्रबंधन, ऊर्जा की बचत और सार्वजनिक परिवहन का उपयोग—बड़े परिवर्तन ला सकती हैं।

नवाचार और युवाओं की भूमिका

प्रधानमंत्री मोदी का यह संदेश युवाओं के लिए भी प्रेरणादायक है। आज के युवा तकनीक और नवाचार के माध्यम से पर्यावरणीय समस्याओं का समाधान निकाल सकते हैं। स्टार्टअप, रिसर्च, और सोशल कैंपेन के ज़रिए वे जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण और पारिस्थितिक असंतुलन जैसे मुद्दों से निपटने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

निष्कर्ष

विश्व पर्यावरण दिवस 2025 पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संदेश एक स्पष्ट आह्वान है कि पर्यावरण की रक्षा अब विकल्प नहीं, बल्कि आवश्यकता है। यह समय है जब हम सभी को मिलकर धरती के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देनी होगी। सरकार की पहल तभी सफल हो सकती है जब समाज के हर वर्ग का समर्थन और सहयोग मिलेगा।

आज, जब हम जलवायु परिवर्तन और पर्यावरणीय आपदाओं के खतरे का सामना कर रहे हैं, प्रधानमंत्री की यह अपील हमें एकजुट होकर कार्य करने की प्रेरणा देती है — ताकि आने वाली पीढ़ियों को एक सुरक्षित, स्वच्छ और समृद्ध पर्यावरण मिल सके।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

इन्हे भी देखें