खीरी पुलिस की बड़ी कार्रवाई: ₹2.01 करोड़ के कृत्रिम मानव अंगों के अवैध कारोबार का भंडाफोड़, दो आरोपी गिरफ्तार

खीरी, उत्तर प्रदेश — अपराध के प्रति “शून्य सहनशीलता” की नीति को मजबूती देते हुए खीरी पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने कृत्रिम मानव अंगों के अवैध व्यापार में संलिप्त दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से भारी मात्रा में प्लास्टिक/फाइबर से बने नकली मानव अंग जब्त किए हैं। इनकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग ₹2.01 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
यह कार्रवाई गौरीफंटा थाना क्षेत्र में की गई, जहां पुलिस टीम ने त्वरित और साहसिक कार्यवाही करते हुए एक ट्रक से 20,100 यूनिट नकली मानव अंग बरामद किए। पुलिस द्वारा जारी बयान के अनुसार, यह कार्यवाही निरंतर खुफिया निगरानी और सूचनाओं के विश्लेषण के बाद की गई।
क्या थे जब्त किए गए ‘मानव अंग’?
पुलिस के अनुसार, बरामद किए गए अंग असली नहीं, बल्कि प्लास्टिक और फाइबर से बनाए गए थे। इनका उपयोग संभवतः धोखाधड़ी, मानव तस्करी या स्वास्थ्य सेवाओं में जालसाजी के लिए किया जा सकता था। हालांकि पुलिस अभी इसकी विस्तृत जांच कर रही है कि ये कृत्रिम अंग कहां भेजे जाने थे और किस उद्देश्य से बनाए गए थे।
आरोपियों से पूछताछ जारी
दोनों गिरफ्तार आरोपियों से कड़ी पूछताछ की जा रही है ताकि इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और नेटवर्क का भी पर्दाफाश किया जा सके। पुलिस को आशंका है कि यह अवैध कारोबार देश के अन्य हिस्सों और संभवतः अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से भी जुड़ा हो सकता है।
पुलिस की सराहना
उत्तर प्रदेश पुलिस के DGP ने ट्विटर पर इस कार्रवाई की जानकारी साझा करते हुए खीरी पुलिस की पीठ थपथपाई है और इस ऑपरेशन को “Zero Tolerance Against Crime” का उदाहरण बताया है। सोशल मीडिया पर भी आम जनता ने पुलिस की तत्परता और साहस की खूब सराहना की है।
निष्कर्ष
खीरी पुलिस की यह कार्रवाई न केवल एक बड़े अवैध कारोबार पर प्रहार है, बल्कि यह भी संकेत देती है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस कितनी सतर्क और सक्रिय है। यह संदेश साफ है—अपराधी कितने भी चालाक क्यों न हों, कानून की नजर से बचना अब नामुमकिन है।
