12 वर्षों से फरार कुख्यात नक्सली ललन यादव की गिरफ्तारी: बिहार पुलिस और STF की बड़ी सफलता

बिहार पुलिस ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि राज्य में कानून व्यवस्था को चुनौती देने वालों के लिए कोई सुरक्षित पनाहगाह नहीं है। 12 वर्षों से फरार चल रहे कुख्यात नक्सली ललन यादव को अंततः औरंगाबाद पुलिस और बिहार स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की संयुक्त कार्रवाई में गिरफ्तार कर लिया गया है। यह कार्रवाई बिहार पुलिस के ‘जीरो टॉलरेंस अगेंस्ट क्राइम’ नीति का प्रत्यक्ष उदाहरण है।
कौन है ललन यादव?
ललन यादव लंबे समय से नक्सली गतिविधियों में सक्रिय रहा है और सुरक्षा एजेंसियों की वांछित सूची में शामिल था। उसके खिलाफ हत्या, लूट, रंगदारी, सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने और देशविरोधी गतिविधियों के कई गंभीर मुकदमे दर्ज थे। वह बिहार के जंगल क्षेत्रों में नक्सली गतिविधियों का संचालन करता था और सुरक्षाबलों के खिलाफ कई बार हमलों का मास्टरमाइंड रहा है।
संयुक्त अभियान की रूपरेखा
औरंगाबाद पुलिस को STF से खुफिया सूचना मिली थी कि ललन यादव किसी गुप्त स्थान पर छिपा हुआ है। इसके बाद एक विशेष टीम का गठन किया गया जिसमें अनुभवी पुलिसकर्मी और STF के प्रशिक्षित जवान शामिल थे। अत्यधिक सतर्कता और रणनीतिक योजना के तहत कार्रवाई को अंजाम दिया गया और ललन यादव को बिना किसी संघर्ष के धर-दबोचा गया।
बिहार पुलिस की प्रशंसा
बिहार पुलिस ने इस गिरफ्तारी की जानकारी अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर साझा की और इसे एक “बड़ी कार्रवाई” करार दिया। ट्वीट में लिखा गया, “#BiharPolice की बड़ी कार्रवाई—12 वर्षों से फरार नक्सली ललन यादव गिरफ्तार!” इसके साथ ही उन्होंने औरंगाबाद पुलिस और STF की सराहना भी की।
संदेश और असर
ललन यादव की गिरफ्तारी न केवल पुलिस बल की कार्यकुशलता का प्रमाण है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि अपराध और उग्रवाद को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह गिरफ्तारी अन्य वांछित अपराधियों और नक्सलियों को चेतावनी के रूप में काम करेगी कि उन्हें भी जल्द ही न्याय के कठघरे में लाया जाएगा।
निष्कर्ष
बिहार पुलिस और STF की यह कार्रवाई राज्य में नक्सल विरोधी अभियानों की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर है। यह सफलता न केवल सुरक्षाबलों का मनोबल बढ़ाती है, बल्कि आम जनता में भी सुरक्षा की भावना को प्रबल करती है। उम्मीद है कि इस प्रकार की और कार्रवाईयां भविष्य में भी जारी रहेंगी, ताकि राज्य को उग्रवाद मुक्त और शांतिपूर्ण बनाया जा सके।
