गाली जनार्दन रेड्डी को तेलंगाना हाई कोर्ट से राहत: ओबुलापुरम खनन मामले में सजा पर लगी रोक

11 जून, 2025 को तेलंगाना उच्च न्यायालय ने कर्नाटक के पूर्व मंत्री और वर्तमान विधायक गाली जनार्दन रेड्डी को बड़ी राहत देते हुए उन्हें जमानत प्रदान की और ओबुलापुरम अवैध खनन मामले में उनकी सजा और दोषसिद्धि पर रोक लगा दी। इस आदेश से रेड्डी की विधानसभा सदस्यता पर मंडरा रहा संकट भी टल गया है।
कोर्ट का फैसला और शर्तें
हाई कोर्ट ने जनार्दन रेड्डी के साथ-साथ सह-आरोपी वी.डी. राजगोपाल (आरोपी संख्या 3), अली खान (A-7) और बीवी श्रीनिवास रेड्डी (A-1) को भी जमानत दी है। ओबुलापुरम माइनिंग कंपनी (A-4) की सजा पर भी अस्थायी रोक लगाई गई है।
सभी आरोपियों को 10 लाख रुपये के निजी मुचलके और दो जमानतदारों के साथ 10 लाख रुपये के दो प्रतिभूति बांड जमा करने की शर्त पर यह जमानत दी गई है। इसके साथ ही, अदालत ने आरोपियों को अपने पासपोर्ट भी न्यायालय के समक्ष जमा करने का आदेश दिया है।
वकीलों की दलील और न्यायालय की टिप्पणी
जनार्दन रेड्डी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एस. नागमुथु के साथ अधिवक्ता मयंक जैन और विमल वर्मा वासिरेड्डी ने पैरवी की। उन्होंने कोर्ट में तर्क दिया कि सजा और दोषसिद्धि पर रोक आवश्यक है, जिससे रेड्डी की विधायकी समाप्त न हो। कोर्ट ने प्रस्तुत तर्कों को मानते हुए यह अंतरिम राहत दी।
पृष्ठभूमि: 16 वर्षों पुराना मामला
यह मामला 2009 में दर्ज हुआ था और 16 वर्षों की लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद 6 मई 2025 को सीबीआई की विशेष अदालत ने जनार्दन रेड्डी और तीन अन्य को दोषी करार देते हुए सात-सात वर्ष की सजा सुनाई थी।
इन पर ओबुलापुरम माइनिंग कंपनी के माध्यम से आंध्र प्रदेश सरकार द्वारा निर्धारित लीज क्षेत्र से बाहर अवैध खनन करने का आरोप था। अदालत ने माना कि यह खनन कानूनी दायरे से बाहर जाकर किया गया, जिससे सरकारी संसाधनों की बड़ी क्षति हुई।
आगे की प्रक्रिया
इस आदेश के बाद अब सभी दोषियों को हाई कोर्ट में अपनी अपील की सुनवाई का इंतजार रहेगा। फिलहाल कोर्ट ने सजा को स्थगित कर दिया है लेकिन अंतिम निर्णय अपील की सुनवाई के बाद ही लिया जाएगा।
निष्कर्ष
गाली जनार्दन रेड्डी और उनके सह-आरोपियों को तेलंगाना हाई कोर्ट से मिली यह राहत उनके लिए अस्थायी संजीवनी साबित हुई है। हालांकि अंतिम न्यायिक फैसला आने में समय लगेगा, लेकिन फिलहाल यह फैसला उनके राजनीतिक और कानूनी भविष्य को कुछ समय के लिए सुरक्षित करता है।
