अहमदाबाद, 13 जून 2025 — गुजरात ने आज एक ऐसे जनसेवक को खो दिया, जिन्होंने अपने सरल स्वभाव, ईमानदार नेतृत्व और विकासोन्मुख दृष्टिकोण से जनता के दिलों में विशेष स्थान बनाया था। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री श्री विजय रूपाणी का आज असामयिक निधन हो गया। उनके निधन से न केवल गुजरात बल्कि पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है।

श्री रूपाणी का राजनीतिक जीवन सादगी, समर्पण और जनसेवा के आदर्शों से परिपूर्ण रहा। वे भारतीय जनता पार्टी के एक निष्ठावान कार्यकर्ता के रूप में अपनी यात्रा की शुरुआत करने के बाद पार्टी संगठन और शासन के विभिन्न दायित्वों पर रहे। वर्ष 2016 में उन्होंने गुजरात के 16वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली और अपने कार्यकाल में राज्य को विकास की नई ऊंचाइयों पर पहुँचाया। उनके नेतृत्व में औद्योगिक विकास, शहरी आधारभूत संरचना और सामाजिक कल्याण की कई योजनाओं को गति मिली।
श्री रूपाणी को उनके सरल व्यवहार और जनता से सीधे संवाद की क्षमता के लिए जाना जाता था। उन्होंने हमेशा पारदर्शी प्रशासन पर जोर दिया और गरीबों, किसानों तथा युवाओं के कल्याण के लिए अनेक महत्वपूर्ण योजनाएँ लागू कीं। उनके कार्यकाल में ‘डिजिटल गुजरात’ और ‘स्मार्ट सिटी’ जैसी पहलें उल्लेखनीय रहीं, जिनका लाभ आम जनता तक पहुँचा।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, गृहमंत्री श्री अमित शाह समेत कई राष्ट्रीय नेताओं ने श्री रूपाणी के निधन पर शोक व्यक्त किया और उनकी सेवाओं को याद करते हुए उन्हें सच्चा जननायक बताया। विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने भी उनके योगदान को नमन किया और शोक संवेदनाएँ प्रकट कीं।
विजय रूपाणी का निधन निश्चित ही गुजरात की राजनीति में एक अपूरणीय क्षति है। उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा। गुजरात की जनता उन्हें एक ईमानदार, विकासशील और जनहितैषी नेता के रूप में सदा स्मरण करेगी।
