फ़रवरी 14, 2026

ईरान पर हमले में अमेरिका की कोई भूमिका नहीं: ट्रंप की चेतावनी—“हमले की स्थिति में सशस्त्र बलों की पूरी ताकत दिखेगी जैसी पहले कभी नहीं देखी”

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Anoop singh

वाशिंगटन डीसी, 15 जून 2025 — अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को स्पष्ट किया कि ईरान पर हाल ही में हुए हमले में अमेरिका की कोई भूमिका नहीं है। ट्रंप ने यह भी चेतावनी दी कि यदि ईरान की ओर से अमेरिका पर किसी भी प्रकार का हमला किया जाता है तो अमेरिका की सशस्त्र सेनाएं अपनी पूरी सैन्य शक्ति का प्रयोग करेंगी, और यह शक्ति उस स्तर की होगी जिसे पहले कभी नहीं देखा गया।

ट्रंप का यह बयान उस समय आया है जब ईरान और इज़राइल के बीच तनाव चरम पर पहुंच चुका है। दोनों देशों के बीच लगातार हमले और जवाबी हमले हो रहे हैं। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट करते हुए लिखा:
“अमेरिका का आज रात ईरान पर हुए हमले से कोई लेना-देना नहीं है। अगर हम पर किसी भी रूप, आकार या प्रकार से ईरान द्वारा हमला किया गया, तो अमेरिकी सशस्त्र बलों की पूरी शक्ति और सामर्थ्य ऐसे स्तर पर दिखेगी जो पहले कभी नहीं देखी गई। हालांकि, हम आसानी से ईरान और इज़राइल के बीच एक समझौता करवा सकते हैं और इस खूनी संघर्ष को समाप्त कर सकते हैं!”

संघर्ष की पृष्ठभूमि

इस घटना की पृष्ठभूमि में इज़राइल द्वारा ईरान के सैन्य और परमाणु ठिकानों पर किया गया बड़ा हवाई हमला है, जिसे ‘ऑपरेशन राइजिंग लायन’ नाम दिया गया। यह हमला ईरान द्वारा इज़राइल के शहरों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागने के जवाब में किया गया। इस संघर्ष में दोनों पक्षों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। रिपोर्टों के अनुसार ईरान में कम से कम 78 लोगों की मौत हुई है और 320 से अधिक लोग घायल हुए हैं। वहीं, इज़राइल में तीन लोगों की मौत और 170 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं।

इज़राइल की सेना का बयान

इज़राइल डिफेंस फोर्सेस (IDF) ने कहा कि उन्होंने तेहरान में ईरान की परमाणु हथियार परियोजना से जुड़े लक्ष्यों पर एक व्यापक हमलों की श्रृंखला पूरी कर ली है। IDF ने यह भी बताया कि इन लक्षित अभियानों में उन्होंने मुख्यालयों और ऐसे स्थानों को निशाना बनाया जो ईरान को परमाणु हथियारों के विकास में मदद कर सकते थे।

वैश्विक चिंताएं

यह ताज़ा घटनाक्रम वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बनता जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात काबू में नहीं लाए गए तो यह संघर्ष व्यापक युद्ध का रूप ले सकता है, जिसमें अन्य राष्ट्र भी अनचाहे रूप से खिंच सकते हैं। अमेरिका के इस ताज़ा बयान से यह संकेत मिला है कि वह सीधे तौर पर इस संघर्ष में शामिल नहीं होना चाहता, लेकिन अपनी सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सतर्क है।

निष्कर्ष

ट्रंप के बयान ने साफ कर दिया है कि अमेरिका फिलहाल ईरान-इज़राइल संघर्ष में प्रत्यक्ष रूप से शामिल नहीं है, लेकिन यदि उस पर हमला होता है तो वह जबरदस्त जवाब देने को तैयार है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की निगाहें अब इस पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में यह संघर्ष किस दिशा में आगे बढ़ेगा—क्या कोई शांति समझौता होगा या हालात और बिगड़ेंगे।


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