भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर का महत्वपूर्ण बयान: वैश्विक कूटनीति में भारत की दृढ़ भूमिका

नई दिल्ली, 16 जून 2025 – भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने आज राजधानी में एक अहम प्रेस वार्ता के दौरान भारत की विदेश नीति और वैश्विक परिदृश्य पर विस्तार से अपनी बात रखी। इस अवसर पर उन्होंने न केवल भारत की कूटनीतिक प्राथमिकताओं को रेखांकित किया, बल्कि उभरती वैश्विक चुनौतियों पर देश के रुख को भी स्पष्ट किया।
डॉ. जयशंकर ने अपने बयान में कहा कि भारत अब एक निर्णायक वैश्विक शक्ति के रूप में उभर चुका है, और यह स्थिति केवल आर्थिक विकास की बदौलत नहीं, बल्कि संतुलित और दूरदर्शी विदेश नीति के कारण संभव हुई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत बहुपक्षीय संगठनों में अपनी भूमिका को और मजबूत करेगा और वैश्विक शांति, स्थिरता तथा विकास के लिए साझेदार देशों के साथ मिलकर काम करता रहेगा।
विदेश मंत्री ने क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पड़ोसी देशों के साथ बेहतर संबंध और विवादों का शांतिपूर्ण समाधान भारत की प्राथमिकता में रहेगा। डॉ. जयशंकर ने यह भी कहा कि भारत आतंकवाद और सीमा पार से होने वाली हर गतिविधि पर सख्त रुख अपनाएगा, और इस दिशा में अंतरराष्ट्रीय समुदाय से सहयोग की अपेक्षा रखेगा।
जलवायु परिवर्तन पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि भारत हरित ऊर्जा और सतत विकास के मार्ग पर तेजी से आगे बढ़ रहा है, और वह विकसित देशों से भी जिम्मेदारियों को साझा करने की अपेक्षा करता है।
डॉ. जयशंकर ने इस अवसर पर यह संदेश भी दिया कि भारत किसी भी प्रकार के बाहरी दबाव में आकर अपनी विदेश नीति तय नहीं करेगा। उन्होंने कहा, “भारत अपनी प्राथमिकताएं अपनी जनता के हितों और वैश्विक न्यायसंगतता के सिद्धांतों के अनुरूप ही तय करेगा।”
अंत में विदेश मंत्री ने यह भी दोहराया कि भारत वैश्विक मंचों पर अपनी आवाज को और प्रभावशाली बनाने की दिशा में सभी आवश्यक कदम उठाता रहेगा, ताकि विकासशील देशों की आकांक्षाओं को सही मंच मिल सके।
